Image Slider

दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक रेल परिवहन व्यवस्था को एकीकृत रूप में दिखाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने बड़ी पहल की है। इसके तहत डीएमआरसी दिल्ली-एनसीआर के लिए एक आधुनिक, जीआईएस आधारित डिजिटल नेटवर्क मैप तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इस मैप में केवल दिल्ली मेट्रो ही नहीं, बल्कि रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), भारतीय रेल, नोएडा मेट्रो, गुरुग्राम मेट्रो, रैपिड मेट्रो और अन्य रेल आधारित परिवहन नेटवर्क को भी एकीकृत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट, अंतरराज्यीय बस अड्डों, प्रमुख अस्पतालों और महत्वपूर्ण स्थलों की कनेक्टिविटी भी इसमें दिखाई जाएगी।

करीब 35.75 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाला नेटवर्क मैप भविष्य में दिल्ली-एनसीआर की रेल आधारित सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का मास्टर रेफरेंस दस्तावेज बनेगा। 

इसका रखरखाव भी पांच वर्ष चार माह तक किया जाएगा, ताकि भविष्य में बनने वाली नई लाइनों, स्टेशनों और नेटवर्क विस्तार को आसानी से इसमें जोड़ा जा सके। मैप को द्विभाषी (हिंदी एवं अंग्रेजी) बनाया जाएगा। 

इसमें मौजूदा, निर्माणाधीन और प्रस्तावित सभी मेट्रो कॉरिडोर शामिल होंगे। एलिवेटेड, भूमिगत और ग्रेड स्तर के कॉरिडोर अलग-अलग दर्शाए जाएंगे। इसके अलावा परिचालन में चल रही, निर्माणाधीन और प्रस्तावित डिपो, स्टेबलिंग लाइन और सभी कॉरिडोर को अलग-अलग रंगों और मानकों के अनुसार प्रदर्शित किया जाएगा।

यात्रियों को मिलेगा फायदा

अभी दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क मैप मुख्य रूप से मेट्रो लाइनों, स्टेशनों और इंटरचेंज तक सीमित रहता है। किसी यात्री को यह जानने के लिए कि निकटतम रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, आईएसबीटी, अस्पताल या पर्यटन स्थल तक कैसे पहुंचना है, इसके लिए अलग-अलग एप या नक्शों का सहारा लेना पड़ता है। नए जीआईसी आधारित इंटीग्रेटेड नेटवर्क मैप में यह जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। यात्री एक नजर में मेट्रो, आरआरटीएस, भारतीय रेल और अन्य रेल नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी देख सकेंगे।

निर्वाचन क्षेत्र आधारित होगी मैपिंग

नया जीआईएस आधारित नेटवर्क मैप केवल मेट्रो लाइनों तक ही नहीं रहेगा। इसमें पहली बार पूरे नेटवर्क को संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार भी मैप किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक और योजनागत विश्लेषण आसान होगा। इसके अलावा प्रमुख पर्यटन स्थल, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाओं को अलग-अलग जीआईएस लेयर्स के रूप में शामिल किया जाएगा। वहीं दिल्ली और एनसीआर की सीमा पर स्थित मेट्रो स्टेशनों की भी पहचान होगी, जिससे सीमा पार कनेक्टिविटी और नेटवर्क की बेहतर समझ विकसित की जा सकेगी।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||