New Expressway Proposal : पीएम मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को असम में एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे बनाने को मंजूरी दी. 136 किलोमीटर की इस सड़क को कई प्रमुख स्थानों से जोड़ा जाएगा और राज्य के 3 बड़े पर्यटन स्थलों तक आवाजाही भी आसान हो जाएगी.
असम के तेजपुर में 136 किलोमीटर का नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा.
केंद्रीय कैबिनेट ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग- 15 पर गुवाहाटी के पास बैहाटा चारियाली से तेजपुर तक 135.87 किमी लंबे 4-लेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है. इस रास्ते पर मंगलदोई बाईपास के 15.11 किलोमीटर हिस्से को छोड़ दिया जाएगा. प्रोजेक्ट पर करीब 8970.20 करोड़ रुपये का खर्चा आने का अनुमान है. इस एक्सप्रेसवे को 4 लेन का बनाया जाएगा. इस पर आने वाली लागत को बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) यानी टोल मोड के आधार पर वहन किया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे के साथ-साथ करीब 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी.
सरकार ने तेजपुर के इसी हिस्से में एक्सप्रेसवे बनाने का प्रस्ताव दिया है.
फाइटर जेट उतारने के लिए बनेगी सड़क
इस प्रोजेक्ट में तेजपुर बाईपास के पास 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का निर्माण कराया जाएगा. इस सड़क पर आपात स्थिति में लड़ाकू विमान उतारे जा सकेंगे. 5 किलोमीटर लंबी इस सड़क को बनाने के लिए एयरफोर्स की भी मदद ली जा रही है. एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से में मौजूद NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर भीड़ कम होगी. इसी प्रोजेक्ट में 58.7 किलोमीटर लंबाई वाले 5 बड़े बाईपास का निर्माण भी शामिल है, जिससे बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारुपेटिया, डेकियाजुली और तेजपुर जैसी घनी आबादी वाले इलाकों से आवाजाही आसान हो जाएगी और मौजूदा रास्तों पर भीड़ कम होगी.
इंजीनियरिंग का कमाल होगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे अपनी रणनीतिक और सामरिक जरूरत के साथ इंजीनियरिंग रूप से भी काफी कमाल का होगा. इस प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, 1 एलिफैंट अंडरपास (तेजपुर बाईपास) बनाने का भी प्रावधान है. एक्सेस कंट्रोल होने की वजह से इस रास्ते पर ट्रैफिक की आवाजाही बनाए रखने के लिए 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर का सर्विस रोड भी बनाया जाएगा. इसकी मदद से एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह से चढ़ने उतरने की सुविधा मिलेगी.
आधा रह जाएगा सफर का समय
इस एक्सप्रेसवे का महत्व आपको इसी बात से समझ आ जाएगा कि इसके तैयार होने के बाद सफर का मौजूदा समय घटकर आधा रह जाएगा. इस पर सफर करना न सिर्फ सुरक्षित होगा, बल्कि पैसों और समय दोनों की बचत करेगा. इसकी मदद से क्षेत्रीय आवाजाही और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. चीन की सीमा के करीब होने की वजह से यह एक्सप्रेसवे सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है.
कामाख्या से काजीरंगा तक आवाजाही आसान
- यह प्रोजेक्ट असम और अरुणाचल प्रदेश में प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच आसान कनेक्टिविटी बनाने का काम करेगा.
- इसके अपग्रेड होने से 8 पीएम गतिशक्ति इकोनॉमिक नोड्स यानी 8 इंडस्ट्रियल पार्क तक पहुंच भी आसान हो जाएगी.
एक्सप्रेसवे 2 सोशल नोड्स दर्रांग और उदलगुरी जिले तक आसान पहुंच दिलाएगा. - इससे 3 पर्यटन स्थलों मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरंग नेशनल पार्क तक आवाजाही भी आसान हो जाएगी.
- यह अकेला एक्सप्रेसवे 7 लॉजिस्टिक्स नोड्स जिसमें 3 बड़े रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट, 2 वॉटरवे टर्मिनल शामिल हैं, यहां भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इससे सामान और यात्रियों की आवाजाही आसान हो जाएगी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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