सहारनपुर में नन्ही परी फाउंडेशन द्वारा गुजरात के राज्य भवन गांधीनगर में आयोजित जैविक खेती एवं AI टेक्नोलॉजी विषय एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान थरौली के जैविक मियाजाकी और चौसा आम राज्यपाल देवव्रत जी को भेंट किए गए. इस अवसर पर उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती की सराहना करते हुए मियाजाकी आम की प्रशंसा की और भविष्य में सहारनपुर के गांव थरौली आने का आश्वासन भी दिया. साथ ही राज्यपाल के सामने ही 2 लाख 11 हजार रुपये में बिके के उन चार आम को ग्रहण कर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया.
सहारनपुरः सहारनपुर जनपद के किसान कुछ अलग प्रकार की खेती करना काफी पसंद कर रहे हैं. उसी कड़ी में सहारनपुर के किसान संदीप चौधरी के द्वारा 1 वर्ष पूर्व मियाजाकी आम लगाया गया था जिसको दुनिया का सबसे महंगा आम भी कहा जाता है, उनकी इस बात को पहले तो लोगों ने मजाक समझा और जब उस आम की कीमत लाखों में लगी तो लोगों को थोड़ा यकीन हुआ. जिसके बाद गुजरात के एक व्यापारी ने मियाजाकी आम को 2 लाख 11 हजार रुपये में खरीदे कर भारत में एक नया रिकॉर्ड बना दिया. यह चर्चाएं यही तक नहीं थमी और इस मियाजाकी आम की खुशबू और महक गुजरात के राज्यपाल तक पहुंच गई.
नन्ही परी फाउंडेशन द्वारा गुजरात के राज्य भवन गांधीनगर में आयोजित जैविक खेती एवं AI टेक्नोलॉजी विषय एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान थरौली के जैविक मियाजाकी और चौसा आम राज्यपाल देवव्रत जी को भेंट किए गए. इस अवसर पर उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती की सराहना करते हुए मियाजाकी आम की प्रशंसा की और भविष्य में सहारनपुर के गांव थरौली आने का आश्वासन भी दिया. साथ ही राज्यपाल के सामने ही 2 लाख 11 हजार रुपये में बिके के उन चार आम को ग्रहण कर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया.
जैविक खेती से मिली पहचान
किसान संदीप चौधरी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि आज मुझे यह जानकारी देते हुए बहुत प्रशंसा हो रही है कि पहली बार हमारे ग्राम पंचायत थरौली में हमारे द्वारा उगाए गए दुनिया के सबसे महंगे आम मियाजाकी और चौसा आम जो हमने जैविक विधि से तैयार किए हैं. जिनको लेकर हम गुजरात के राज्य भवन राज्यपाल के पास लेकर पहुंचे यह सौभाग्य है हमारी ग्राम पंचायत थरौली और साथ ही सहारनपुर जनपद का हमारे आम गुजरात के राज्यपाल तक पहुंच पाए हैं. साथ ही धन्यवाद है नन्ही परी फाउंडेशन जिन्होंने नेशनल कांफ्रेंस में हमें आमंत्रित किया और हमें राज्यपाल को यह आम भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.
साथ ही जब हम राज्यपाल से मिले तो उन्होंने हमें एक संदेश दिया है. जैविक खेती आज के समय में सबके लिए अनिवार्य और जरूरत है क्योंकि अगर जैविक खेती नहीं करेंगे आने वाली वीडियो को हम क्या कुछ देकर जाएंगे. क्योंकि आज के समय हर एक चीज में जहर मिलाया जा रहा है रासायनिक दवाइयों से उनको पैदा किया जा रहा है जो कि हमारे शरीर के विभिन्न पार्ट्स को खराब कर रही है. गुजरात के राज्यपाल का यह संदेश में पूरे देश में पहुंचाना चाहता हूं क्योंकि जैविक खेती आज सभी के लिए जरूरी है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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