Image Slider

Last Updated:

क्या आपने ऐसे मुख्यमंत्री के बारे में सुना है, जिसने अपने सबसे विवादित फैसले का बचाव करते हुए कहा हो कि देश की एकता के लिए अगर 16 की जगह 30 कारसेवक भी मारे जाते, तब भी वह अपना फैसला नहीं बदलता? यह बयान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का था. 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई पुलिस फायरिंग ने पूरे देश की राजनीति की दिशा बदल दी थी. 26 साल बाद मुलायम ने उस फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि बाबरी मस्जिद की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी था. ‘यूपी CM के गजब किस्से’ के इस भाग में पढ़िए मुलायम सिंह यादव के सबसे विवादित फैसले की पूरी कहानी, जिसने उन्हें हमेशा के लिए भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित नेताओं में शामिल कर दिया.

ख़बरें फटाफट

16 नहीं 30 कारसेवक भी मरते तो नहीं बदलता फैसला...बाबरी मस्जिद पर मुलायम सिंहZoom

जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने के 1990 के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि बाबरी मस्जिद की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह ज़रूरी था. फाइल फोटो.

Uttar Pradesh Chief Minister: उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई ऐसे फैसले हुए हैं, जिन्होंने सिर्फ प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति की दिशा बदल दी. ऐसा ही एक फैसला 30 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में हुआ. जब कारसेवकों पर पुलिस फायरिंग हुई. उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव थे. सरकार का कहना था कि विवादित ढांचे की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी थी, जबकि दूसरी ओर राम मंदिर आंदोलन अपने चरम पर था और हजारों कारसेवक अयोध्या पहुंच चुके थे.

आज, जब राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और चंदे के मुद्दे पर फिर सियासत गरम है, संसद में पप्पू यादव साधु के वेश में विरोध जता चुके हैं और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, तब 36 साल पुरानी यह घटना एक बार फिर चर्चा में है. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक मुलायम सिंह यादव के उस फैसले और उनके 2016 के बयान का जिक्र हो रहा है.

आखिर 1990 में अयोध्या में ऐसा क्या हुआ था कि उसका असर आज भी राजनीति में दिखाई देता है? मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर फायरिंग का आदेश क्यों दिया? उन्होंने 26 साल बाद अपने उस फैसले का बचाव क्यों किया? और आखिर यह मामला आज भी हर बार अयोध्या की चर्चा के साथ क्यों लौट आता है? ‘यूपी CM के गजब किस्से’ के इस भाग में पढ़िए मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक जीवन के सबसे चर्चित, सबसे विवादित और सबसे निर्णायक फैसले की पूरी कहानी.

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||