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होमताजा खबरकृषिबिहार में कटहल जैसा आम! थाईलैंड की 4KG मैंगो प्रजाति भरेसा पूरे परिवार का पेट

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Jahanabad 4KG Mango Variety: आम के कई किस्मों के बारे में जरूर सुना होगा. महंगी और सस्ती वैरायटी की खरीदारी की होगी. बिहार की बात करें तो यहां का सबसे बेहतरीन जर्दालु और दीघा मालदा आम की चर्चाएं खूब होती है. हो भी क्यों न, इसका स्वाद ही ऐसा रहता है. हां, आपने आम के अनेकों वैरायटी का नाम सुना होगा, लेकिन 4KG आम वैरायटी की जानकारी है?

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जहानाबाद: हमारे देश का राष्ट्रीय फल आम है. आम का स्वाद सबको दीवाना बनाता है. भले, इसका सीजन खत्म हो गया हो, लेकिन पौधे की रोपाई का सही समय तो बरसात ही है. एक्सपर्ट का कहना है कि इस मौसम में पौधों की रोपाई करने पर पेड़ के जीवित रहने की संभावनाएं अधिक है. आम के कई किस्मों के बारे में जरूर सुना होगा. महंगी और सस्ती वैरायटी की खरीदारी की होगी. बिहार की बात करें तो यहां का सबसे बेहतरीन जर्दालु और दीघा मालदा आम की चर्चाएं खूब होती है. हो भी क्यों न इसका स्वाद ही ऐसा रहता है.

आम की खास वैरायटी 4KG मैंगो 
हां, आपने आम के अनेकों वैरायटी का नाम सुना होगा, लेकिन 4KG आम वैरायटी की जानकारी है? अगर नहीं, तो फिर चलिए आज हम आपको इस किस्म के बारे में बताएंगे. जहानाबाद में कनौदी के पास एक निजी नर्सरी है. मालिक सत्येंद्र नारायण सिंह हमेशा कुछ न कुछ नए प्लांट्स नर्सरी में लाते रहते हैं. इस बार उन्होंने आम की खास वैरायटी 4KG मैंगो लाया है. इस किस्म के आम का नाम सुनते ही आपको हैरत हो रही होगी, क्या यह आम 4 किलो वाला है?

4KG आम की क्या है खासियत? 
सत्येंद्र नारायण सिंह बताते हैं कि हां, यह आम 4KG मैंगो ही है. इस बार बाहर से यह वैरायटी मंगवाए हैं. बहुत ही अलग लगा इस कारण जहानाबाद नर्सरी में लाए हैं. इस प्रजाति के एक आम का वजन 3.5 से 4 किलोग्राम तक होता है. यह दुर्लभ और बेहद अलग किस्म की विदेशी प्रजाति है. इस थाई 4KG मैंगो कहा जाता है. हालांकि, इस प्रजाति को अब जहानाबाद जिला में भी लाया गया है. कस्टमर्स का रिव्यू भी अच्छा मिल रहा है. कुछ घरों में इस आम की प्रजाति गई भी है. इसका आकार कटहल की तरह होता है.

10 साल से नर्सरी में कर रहे काम 
बता दें कि सत्येंद्र नारायण पिछले 10 साल से पौधों का नर्सरी चला रहे हैं. उनके पास अनेकों फूल और फल की प्रजातियां हैं. वो बताते हैं कि हमने यही सोचकर शुरू किया कि कुछ अलग किया जाय. इसी क्रम में पौधों का नर्सरी शुरू किया. साथ ही पर्यावरण को बढ़ाने के उद्देश्य से कार्य शुरू किया, ताकि हमारा बिहार भी हरा भरा रहे. इसी कड़ी में हमने ज्यादातर ऐसे पौधों को बाहर से मंगवाना शुरू किया, जो बहुत ही कम लोगों के पास रहे. इसी कड़ी में हमने थाई 4KG मैंगो किस्म लाया. यह दुर्लभ प्रजाति के पौधों के शौकीन के लिए अच्छा किस्म है.

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Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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