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Parliament Monsoon Session LIVE: संसद का मानसून सत्र अभी तक हंगामेदार रहा है, तो कुछ महत्‍वपूर्ण बिल को भी पास किया गया है. शुक्रवार को भी संसद में कुछ महत्‍वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की योजना है. अब यह देखने …और पढ़ें

संसद में आज कैसा रहेगा विपक्ष का तेवर? इन विधेयकों को पेश कर सकती है सरकारZoom

संसद का मानसून सत्र अभी तक काफी शोर-शराबे और हंगामे वाला रहा है. आज भी कुछ अहम विधेयक पेश किए जाने की संभावना है.

Parliament Monsoon Session LIVE: लोकसभा के मानसून सत्र का आज का दिन यानी 31 जुलाई 2026 का दिन महत्‍वपूर्ण रहने वाला है. कई अहम विधायी और नीतिगत मुद्दों के कारण संसद के दोनों सदनों में गहमा-गहमी रहने वाली है. सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी. इसके बाद सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित कराने का प्रयास करेगी. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े विधेयक पर भी चर्चा प्रस्तावित है. वहीं, ‘एक देश, एक चुनाव’ से संबंधित विधेयकों की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव भी सदन में पेश किया जाएगा.

दिन की कार्यवाही में सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला विषय जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 रहेगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए सदन में पेश करेंगे. यह विधेयक 29 जुलाई 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था और इसका उद्देश्य जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन कर पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुरक्षित बनाना है. सरकार का कहना है कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों पर रोक लगाना, विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाना तथा सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ाना है. इसके जरिए लोगों को समय पर जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. मौजूदा व्यवस्था के अनुसार यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिलाधिकारी (डीएम), उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होती है. नए विधेयक में एक से दो वर्ष की देरी वाले मामलों में यही व्यवस्था बरकरार रखी गई है.

और सख्‍त होंगे नियम

हालांकि, दो वर्ष से अधिक की देरी से पंजीकरण कराने के मामलों में सरकार ने नियम और अधिक कड़े करने का प्रस्ताव रखा है. नए प्रावधान के तहत ऐसे मामलों में अब प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास) की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा. सरकार का मानना है कि न्यायिक स्तर पर अनुमति की व्यवस्था लागू होने से फर्जी पंजीकरण पर प्रभावी अंकुश लगेगा और दस्तावेजों की प्रमाणिकता सुनिश्चित होगी. इसके अलावा लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक पर भी चर्चा होगी, जिसका उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है. वहीं, दोपहर बाद निजी सदस्य कार्य के दौरान गिग वर्कर्स के अधिकारों की सुरक्षा, राष्ट्रीय युवा आयोग को संवैधानिक दर्जा देने तथा भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने जैसी मांगों पर भी चर्चा होने की संभावना है. ऐसे में संसद के मानसून सत्र का आज का दिन कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों और नीतिगत बहसों के कारण राजनीतिक और संसदीय दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है.

Parliament Monsoon Session LIVE: आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक, महत्‍वपूर्ण प्रसतावों पर लग सकती है मुहर

संसद मानसून सत्र लाइव: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक भी आयोजित होगी. पीएम मोदी का अध्यक्षता में यह बैठक दोपहर में संसद में ही आयोजित होगी. जिसमें कुछ अहम फैसले हो सकते हैं. पीएम मोदी ने इससे पहले कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी.

Parliament Monsoon Session LIVE: आज लोकसभा में पेश होगा जन्‍म और मृत्‍यु पंजीकरण संशोधन विधेयक

संसद मानसून सत्र लाइव: गृहमंत्री अमित शाह आज लोकसभा में जन्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026 पेश करेंगे. इस बिल में कुछ अहम बदलाव होंगे. जहां अब जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में 1 से 2 साल की देरी पर जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी. जबकि जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन में 2 साल से ज्यादा की देरी के बाद मामला कोर्ट में जाएगा.

Parliament Monsoon Session LIVE: राहुल गांधी बोले – जेन जी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते

संसद मानसून सत्र लाइव: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जेन जी की आवाज को दबाना चाहती है. राहुल गांधी ने लिखा, ‘पीएम मोदी और अमित शाह, आप जेन जी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते. पहले आपने उनके हाथ-पैर तोड़े. अब एफआईआर कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रहे हैं. आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसे लेकर सावधान रहें.’ इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया. उनका आरोप है कि उनसे कहा गया कि अगर वे गृहमंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर माफी मांग लें तो उन्हें बोलने दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया. राहुल गांधी के मुताबिक उन्होंने कई बार लोकसभा अध्यक्ष से सदन में व्यवस्था बहाल करने और उन्हें बोलने देने की अपील की, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य मंत्रियों को बार-बार बोलने का मौका मिला, जबकि उन्हें रोका गया.

Parliament Monsoon Session LIVE: लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल

संसद मानसून सत्र लाइव: लोकसभा के बाद राज्यसभा ने गुरुवार को ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल’ पास कर दिया. इसके साथ ही सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के उपायों को मजबूत करने वाले इस कानून को संसद की मंजूरी मिल गई है. बिल पास होने के समय केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सदन में मौजूद थे. जितेंद्र सिंह ने ही दिन में यह बिल पेश किया था, जिसे लोकसभा ने बुधवार को लगभग सात घंटे की बहस के बाद पास कर दिया था. उच्च सदन में हुई चर्चा में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी. सरकार ने संशोधनों का बचाव करते हुए कहा कि पेपर लीक करने वाले माफिया को रोकने के लिए सख्त सजा, विशेष अदालतें और तय समय-सीमा में मुकदमे की सुनवाई जरूरी है. आर्थिक दंड (जुर्माना) बढ़ाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है, साथ ही जेल की सजा और तेजी से सुनवाई (फास्ट-ट्रैक कार्यवाही) का भी प्रावधान किया गया है. बिल पेश करते हुए जितेंद्र सिंह ने सदन को बताया कि इन संशोधनों से पता चलता है कि सरकार 2024 के कानून के अनुभव से सीखने को तैयार है. उन्होंने बताया कि मूल कानून लागू होने के बाद से 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पेपर लीक से जुड़ी आत्महत्याओं की घटनाओं में कमी आई है. राज्यसभा में बिल पास होने के बाद अब इसके राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है.

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