Varanasi Dalmani Project:वाराणसी में जल्द ही श्रद्धालु नए मार्ग से काशी विश्वनाथ धाम पहुंच सकेंगे. इसके लिए तेजी से दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है.अब तक 178 भवनों पर ध्वस्तीकरण का काम शुरू हो चुका है. इसके साथ ही इस चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की जद में आ रहें 5 मस्जिदों के बाद छठे मस्जिद पर भी हथौड़ा चलने लगा है.
दालमंडी के 650 मीटर लंबे सड़क के निर्माण के लिए जल्द ही भूमिपूजन भी किया जाएगा. माना जा रहा है अगस्त महीने के दूसरे सप्ताह में भूमिपूजन के बाद सड़क निर्माण का काम शुरू होगा. पीडब्ल्यूडी पहले इस मार्ग को समतलीकरण करेगी, जिसके तहत टूटे भवनों के मलबे को वहां से हटाया जाएगा.
इसके बाद नए दालमंडी के हाईटेक सड़क निर्माण का काम शुरू होगा. 17.5 मीटर चौड़े इस सड़क पर 10 फीट चौड़ा पाथवे भी बनाया जाएगा. इसके अलावा यह सड़क पूरी तरह से वायरलेस होगी यानी इस सड़क पर बिजली, टेलीफोन, वाई फाई और केबल के तार अंडरग्राउंड होंगे. इस सड़क पर जगह जगह हरियाली भी होगी. यह सड़क शहर के हाईटेक सड़कों में शुमार होगा.
फिलहाल, दालमंडी में पहले से टूट रहे 45 से ज्यादा भवनों को जमीदोंज करने का काम जारी है. इसके लिए बुलडोजर, पोकलैंड की मदद ली जा रही है. इसके अलावा सैकड़ों मजदूर भी इस काम में जुटें हुए हैं. पीडब्ल्यूडी के अलावा नगर निगम और दूसरे विभाग के अफसर लगातार दालमंडी में डटे हुए हैं.
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फिलहाल लगड़ें हाफिज मस्जिद को भी खुद मस्जिद कमेटी तोड़ रही है.इसके लिए मस्जिद के चारों ओर बैरिकेडिंग भी लगाई गई है. मस्जिद का 21 फीट हिस्सा इस चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की जद में है, जिसमें मस्जिद का मीनार भी शामिल है. अगले एक सप्ताह में इसके ध्वस्तीकरण का काम भी पूरा हो जाएगा.
वाराणसी के आला अफसरों ने इस चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की जद में आ रहे 6 मस्जिद कमेटियों के मुतवल्ली से बातचीत कर मस्जिद को ध्वस्त कराया है. 6 मस्जिदों में से 5 मस्जिद तो दोबारा उसी जगह होंगे. हालांकि 1 मस्जिद इस चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में पूरा खत्म हो जाएगा. बीते करीब एक महीने से मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग खुद इसे तोड़ने का काम कर रहे हैं.
दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में 187 भवन जद में थे.जिसमें से 178 भवनों पर प्रशासन की कार्रवाई हो चुकी हैं. बाकी बचें भवनों पर भी जल्द ही हथौड़ा चलेगा और उसे भी जमीदोंज किया जाएगा. फिलहाल दालमंडी में जगह जगह मलबे के ढ़ेर नजर आ रहा है. इसके साथ ही पूरे मंडी में फोर्स की टुकड़ियां भी तैनात है.
अक्टूबर 2025 में दालमंडी में पहले भवन की रजिस्ट्री हुई थी. अक्टूबर महीने के 29 तारीख को पहली बार दालमंडी में भारी फोर्स के बीच प्रशासन का हथौड़ा चला. करीब 8 महीने में 180 भवनों पर ताबड़तोड़ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई. इस दौरान कई बार छिटपुट हंगामे भी हुए, लेकिन प्रशासन के सख्ती के आगे किसी की नहीं चली.
दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी. सरकार इस प्रोजेक्ट पर 221 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इसमें करीब 200 करोड़ रुपये भवन स्वामियों को मुआवजे के तौर पर दिया जाना है बाकी बचे 21 करोड़ से इस हाईटेक सड़क का निर्माण होगा, जिसका फर्स्ट लुक पहले ही सामने आ चुका है.
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