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होमताजा खबरदेश‘न पहुंचता तो…’, सिपाही को चाकू मारा, जानिए जंतर-मंतर हिंसा का सच

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Jantar Mantar Violence: जंतर-मंतर हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. आईएफएसओ यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार के अनुसार, अगर उनकी टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो एसीपी विवेक भगत की जान जा सकती थी. पुलिस के मुताबिक एसीपी को भीड़ ने घेरकर पीटा और उन्हें बचाने पहुंची टीम पर भी हमला हुआ. इस दौरान एक सिपाही की नाक की हड्डी टूट गई, जबकि दूसरे पुलिसकर्मी राहुल सिवाच की कमर में चाकू मार दिया गया. जानिए उस दिन का पूरा घटनाक्रम और वायरल वीडियो में क्या दिखाई देता है.

'न पहुंचता तो...', सिपाही को चाकू मारा, जानिए जंतर-मंतर हिंसा का सचZoom

जंतर-मंतर हिंसा पर दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा.

Jantar Mantar Violence: जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पहले पुलिसकर्मियों के घायल होने की तस्वीरें सामने आईं, फिर कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और अब दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने उस दिन की पूरी घटना का क्रम बताया है. दावा है कि अगर कुछ मिनट की भी देरी हो जाती, तो कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत की जान भी जा सकती थी. भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था और लगातार हमला कर रही थी. हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें बचाने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी पथराव और हमला हुआ. इस दौरान एक सिपाही की नाक की हड्डी टूट गई, जबकि दूसरे पुलिसकर्मी की कमर में चाकू मार दिया गया. अब इस पूरी घटना का घटनाक्रम दिल्ली पुलिस की जांच के आधार पर सामने आया है.

दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि जंतर-मंतर के पास हालात अचानक बिगड़ गए थे. एसीपी विवेक भगत अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर थे, लेकिन भीड़ के बीच फंस गए. वायरलेस पर जैसे ही एसीपी पर हमले की सूचना मिली, डीसीपी विनीत कुमार अपनी टीम और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे. इसके बाद शुरू हुआ बचाव अभियान आसान नहीं था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एसीपी को निकालने की कोशिश के दौरान उनकी टीम पर भी हमला हुआ. इसके बावजूद पुलिस पीछे नहीं हटी और आखिरकार एसीपी विवेक भगत को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पुलिस का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए.

हिंसा की जांच जारी

  • जंतर-मंतर के पास हुई हिंसा की जांच अभी जारी है. दिल्ली पुलिस अलग-अलग वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद अधिकारियों के बयान के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ रही है. पुलिस का कहना है कि उस दिन ड्यूटी पर तैनात कई अधिकारियों और जवानों को गंभीर चोटें आई थीं.
  • डीसीपी विनीत कुमार के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिस टीम का पहला उद्देश्य घायल अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकालना था. उन्होंने कहा कि लगातार हमलों के बावजूद पुलिस टीम ने पीछे हटने के बजाय बचाव अभियान जारी रखा और आखिरकार एसीपी को भीड़ से बाहर निकाल लिया.

कैसे भीड़ में फंस गए एसीपी विवेक भगत?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 22 जुलाई को एसीपी विवेक भगत छह पुलिसकर्मियों के साथ कनॉट प्लेस से जंतर-मंतर की ओर जा रहे थे. इसी दौरान भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया. अफरा-तफरी के बीच पुलिस टीम के कई सदस्य निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन सभी अलग-अलग जगह फंस गए. इसी दौरान एसीपी विवेक भगत पर लगातार हमला किया गया.

वायरलेस मैसेज के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

पुलिस के अनुसार हमले के दौरान एसीपी के ऑपरेटर ने वायरलेस पर संदेश भेजा कि एसीपी विवेक भगत पर हमला हो रहा है. यह सूचना मिलते ही डीसीपी विनीत कुमार अपनी टीम और RAF के जवानों के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस का कहना है कि उनका मकसद किसी भी कीमत पर एसीपी को सुरक्षित बाहर निकालना था.

बचाव के दौरान पुलिस टीम पर भी हमला

डीसीपी विनीत कुमार के मुताबिक, जैसे ही उनकी टीम ने एसीपी को बाहर निकालने की कोशिश की, भीड़ ने उन पर भी हमला शुरू कर दिया. इस दौरान ऑपरेटर राहुल सिवाच और कॉन्स्टेबल दीपक गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस के अनुसार, कॉन्स्टेबल दीपक की नाक की हड्डी टूट गई, जबकि राहुल सिवाच की कमर में किसी ने चाकू मार दिया. इसके बावजूद पुलिस टीम पीछे नहीं हटी और बचाव अभियान जारी रखा.

वीडियो में क्या दिखाई देता है?

पुलिस के मुताबिक, घटना के वायरल वीडियो में डीसीपी विनीत कुमार हरे रंग का हेलमेट पहने दिखाई देते हैं. वीडियो में वह एसीपी विवेक भगत को कमर से पकड़कर भीड़ के बीच से बाहर खींचते नजर आते हैं. उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मी एसीपी को सुरक्षित निकालने में मदद करते हैं, जबकि RAF के जवान भीड़ को पीछे धकेलते दिखाई देते हैं. पुलिस का कहना है कि मौके पर मौजूद कुछ छात्रों ने भी इस दौरान मदद की.

डीसीपी विनीत कुमार का दावा

  • डीसीपी विनीत कुमार ने कहा, ‘यदि हमारी टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंचती, तो एसीपी विवेक भगत की जान भी जा सकती थी. उनके पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और भीड़ लगातार उन पर हमला कर रही थी.’
  • दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है और उपलब्ध वीडियो, डिजिटल साक्ष्य तथा अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…

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