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उद्यान अधिकारी बताते हैं कि मऊ जनपद में 15 हेक्टेयर मखाना की खेती करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. जिसमें 10 हेक्टेयर सामान्य और पांच हेक्टेयर अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित किया गया है. यदि मखाना की खेती करना चाहते हैं तो तालाब की खुदाई करना है तलाक की खुदाई से लेकर मखाना की खेती तक विभाग द्वारा बेहतर सब्सिडी दी जाएगी. मखाना की खेती पर लागत का 40% जिसमे 52 हजार सब्सिडी किसान को दिया जाएगा और इसका बीज चयनित संस्था के द्वारा विभाग द्वारा मंगा कर दिया जाएगा. यदि किसान कभी मखाना की खेती नहीं किए हैं तो उनका प्रशिक्षण बिहार ले जाकर कराया जाएगा.

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मऊः यदि आप किसान हैं और बिहार के बाद अब यूपी के मऊ में मखाना की खेती करना चाहते हैं तो मखाना की खेती करने का तरीका और उस पर बेहतर सब्सिडी उद्यान विभाग द्वारा दिया जा रहा है. क्योंकि उद्यान विभाग मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. लोकल 18 से बात करते हुए जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह बताते हैं कि अब तक बिहार में मखाना की खेती की जाती थी लेकिन अब उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा बेहतर सब्सिडी दी जा रही है.

साथ ही साथ मखाना की कैसे खेती की जा रही है इसकी जानकारी दी जाएगी. यदि कोई किसान मखाना की खेती करना चाहता है तो वह उद्यान विभाग से संपर्क करके मखाना की खेती कर सकता है. क्योंकि मखाना की खेती एक ऐसी खेती है जो कम समय और कम लागत में अधिक मुनाफा देती है. हालांकि इसकी खेती अब तक बिहार में हो रही थी लेकिन अब मऊ में इसको बढ़ावा देने के लिए शुरुआत की गई है.

मखाना की खेती पर 40 फीसदी सब्सिडी

उद्यान अधिकारी बताते हैं कि मऊ जनपद में 15 हेक्टेयर मखाना की खेती करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. जिसमें 10 हेक्टेयर सामान्य और पांच हेक्टेयर अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित किया गया है. यदि मखाना की खेती करना चाहते हैं तो तालाब की खुदाई करना है तलाक की खुदाई से लेकर मखाना की खेती तक विभाग द्वारा बेहतर सब्सिडी दी जाएगी. मखाना की खेती पर लागत का 40% जिसमे 52 हजार सब्सिडी किसान को दिया जाएगा और इसका बीज चयनित संस्था के द्वारा विभाग द्वारा मंगा कर दिया जाएगा. यदि किसान कभी मखाना की खेती नहीं किए हैं तो उनका प्रशिक्षण बिहार ले जाकर कराया जाएगा. क्योंकि बिहार में ही अब तक मखाना की बेहतर खेती होती है विभाग द्वारा किसानों को बिहार ले जाकर मखाना की खेती करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

योजना का लाभ के लिए खुद का चाहिए तालाब

यदि इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो सर्वप्रथम किसान के पास निजी भूमि होनी चाहिए जहां फरवरी महीनव में डेढ़ फुट से ढाई फीट तक पानी जमा हो सके या उनके पास खुद का तालाब हो. यदि खुद का तालाब है तो आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी तथा फोटो लेकर विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकता है. यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करते हैं तो उद्यान विभाग में संपर्क कर अपना ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं. हालांकि यह पहले आओ पहले पाओ के नियम पर आधारित होगा क्योंकि उद्यान विभाग का जो लक्ष्य आया है यदि उसका आवेदन पूरा हो जाता है तो फिर अगले आवेदक को इसका लाभ नहीं दिया जाता. इसलिए पहले आवेदन कर लें जिससे इस योजना का लाभ ले सकें.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …

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