Image Slider

Last Updated:

प्रकाश राज छात्र आंदोलन का समर्थन करने दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे थे. जहां से उनकी कई तस्वीरें और वीडियोज सामने आए. इस बीच, प्रकाश राज का नाम एक जमीन विवाद में सामने आया है. दरअसल, केरल में भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई एकड़ जमीन अपने कब्जे में ली है. प्रशासन के एक्शन के बीच प्रकाश राज की जमीन से जुड़ा एक मामला भी सामने आया, जिसे लेकर उनके नाम नोटिस भी जारी हुआ.

ख़बरें फटाफट

Zoom

जमीन विवाद में प्रकाश राज को प्रशासन का नोटिस. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केरल दुनिया भर में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है. मगर यहां जमीनों के अवैध कब्जे के मामले वक्त-बेवक्त सामने आते रहे हैं. अब इसके टूरिस्ट स्पॉट वागामोन से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने एक्शन लिया है. रेवेन्यू विभाग की टीम ने 22 जुलाई को वराट्टुमेडु इलाके में बुलडोजर चलाकर 10 एकड़ सरकारी जमीन को अपने कब्जे में लिया. अधिकारियों ने जमीन पर बिना किसी इजाजत के बने होमस्टे, कैफेटेरिया, लोहे की बाड़ और दीवारों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया. यह जमीन वराट्टुमेडु के रहने वाले प्रदीप नाम के शख्स ने दबा रखी थी, जिसे बाद में सेबिन एंटनी को ट्रांसफर कर दिया गया था. यहां तक कि जमीन पर बने एक तिरपाल वाले तालाब को भी हटा दिया गया. इस पूरी कार्रवाई के दौरान प्रकाश राज से जुड़ा मामला भी सामने आया, जो छात्र आंदोलन का सपोर्ट करने दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे थे.

प्रकाश राज ने छात्र आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है, इसके बाद उनका नाम जमीन विवाद में आया है. एक्टर के पास केरल के इसी इलाके में करीब 1.5 एकड़ जमीन है. हालांकि, इलाके के तहसीलदार ने साफ किया कि उनकी प्रॉपर्टी से सटी लगभग 40 सेंट जमीन का कोई पट्टा नहीं है और उस पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं. रेवेन्यू विभाग अब एक्टर की मौजूदगी में इस जमीन की नाप-जोख और सर्वे करना चाहता है. उन्हें इसके लिए नोटिस भेजने की कोशिश भी की गई, मगर प्रकाश राज का फोन स्विच ऑफ बता रहा है.

प्रकाश राज को दोबारा भेजा जाएगा नोटिस
खबर है कि उन्हें अब तक नोटिस नहीं मिल पाया है. अधिकारी जल्द ही उन्हें दूसरा नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं. स्टूडेंट प्रोटेस्टे को सपोर्ट के बाद उनका नाम जमीन विवाद में सामने आना उनके फैंस के मन में कई सवाल कड़े करता है. मगर प्रशासन का भू-माफियाओं के खिलाफ एक्शन सराहनीय है. यह बड़ा एक्शन पीरुमेडु के तहसीलदार जोजो वी सेबेस्टियन, विलेज ऑफिसर्स और लैंड प्रोटेक्शन फोर्स की अगुवाई में पूरा हुआ था. जांच में पता चला कि कुछ लोगों ने ढाई एकड़ पट्टा जमीन के नाम पर पास की 10 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा जमाया हुआ था, जहां चुपचाप खेती की जा रही थी. प्रशासन आगे भी भू-माफियाओं के खिलाफ अपनी मुहीम आगे भी जारी रखेगी. सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को किसी भी कीमत पर बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए.

About the Author

authorimg

Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…

और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||