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Chaturmas Good Luck Remedies: हिंदू धर्म में चातुर्मास का विशेष धार्मिक महत्व है। चातुर्मास का समय केवल मौसम बदलने का नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक ऊर्जा को जगाने और जीवन को नई दिशा देने का सबसे उत्तम काल माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, जप, तप, दान और सात्विक जीवन का विशेष महत्व बताया गया है। आषाढ़ पूर्णिमा से शुरू होकर देवउठनी एकादशी तक चलने वाले इन 4 महीनों यानी श्रावण/ सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक में भगवान श्रीहरि विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इस दौरान ब्रह्मांड में आध्यात्मिक ऊर्जा चरम पर होती है।ALSO READ: Vijaya Parvati Vrat 2026: विजया पार्वती व्रत कब से होगा प्रारंभ, क्या है इस व्रत का महत्व
 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि चातुर्मास में अपनी राशि के अनुसार कुछ सरल उपाय किए जाएं, तो आर्थिक, मानसिक या शारीरिक बाधाएं दूर होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 

 

आइए जानते हैं 12 राशियों के लिए कौन-से उपाय शुभ माने गए हैं।

 

मेष राशि (Aries Rashi)

उपाय: चातुर्मास के दौरान हर मंगलवार को हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करें और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें।

 

– इससे आपके जीवन की आर्थिक तंगी दूर होगी, ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा और रुका हुआ धन वापस मिलेगा।

 

वृषभ राशि (Taurus Rashi)

उपाय: इन 4 महीनों में माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को हर शुक्रवार सफेद मिठाई या मखाने की खीर का भोग लगाएं। साथ ही शिवलिंग पर दूध अर्पित करें।

 

क्या होगा लाभ- इस उपाय से आपके भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी।

 

मिथुन राशि (Gemini Rashi)

उपाय: चातुर्मास में प्रतिदिन या हर बुधवार को गाय को हरा चारा, मूंग की दाल या हरी सब्जियां खिलाएं। भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अर्पित करें।

 

ऐसा करने से- व्यापार में उन्नति होगी, बुद्धि तीक्ष्ण होगी और करियर की बाधाएं समाप्त होंगी।

 

कर्क राशि (Cancer Rashi)

उपाय: पूरे चातुर्मास के दौरान हर सोमवार को शिवलिंग पर जल में गंगाजल और अक्षत/ चावल मिलाकर अर्घ्य दें। रात को चंद्रमा का ध्यान करें।

 

– मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी, स्वास्थ्य उत्तम रहेगा और घर में शांति बनी रहेगी।

 

सिंह राशि (Leo Rashi)

उपाय: प्रतिदिन प्रातः सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और जल में रोली या लाल फूल मिलाएं। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।

 

– समाज में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और उच्च अधिकारियों से सहयोग मिलेगा।

 

कन्या राशि (Virgo Rashi)

उपाय: चातुर्मास में जरूरतमंदों को हरी वस्तुओं, कपड़ों या किताबों का दान करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना सुनना आपके लिए बेहद शुभ रहेगा।

 

तुला राशि (Libra Rashi)

उपाय: चातुर्मास में किसी धार्मिक स्थल या मंदिर में घी का दीपक जलाएं। हर शुक्रवार को छोटी कन्याओं को फल या मिठाई बांटें।

 

– इससे आय के नए स्रोत बनेंगे, सुख-समृद्धि आएगी और अटके हुए काम पूरे होंगे।

 

वृश्चिक राशि (Scorpio Rashi)

उपाय: चातुर्मास के इन 4 महीनों में भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिवलिंग पर शमी के पत्ते या बेलपत्र चढ़ाएं। ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करें।

 

– इस उपाय से आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दूर होंगी और आत्मबल बढ़ेगा।

 

धनु राशि (Sagittarius Rashi)

उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को हल्दी का तिलक लगाएं, पीले फूल अर्पित करें और चने की दाल व गुड़ का दान करें।

 

– आपको भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा, अध्यात्म और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त होगी।

 

मकर राशि (Capricorn Rashi)

उपाय: चातुर्मास में शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। काले तिल और काले उड़द का दान करें।

 

– शनिदेव की कृपा से जीवन के कष्ट दूर होंगे, नौकरी में तरक्की होगी और स्थाई संपत्ति का लाभ होगा।

 

कुंभ राशि (Aquarius Rashi)

उपाय: पूरे चातुर्मास में पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें और असहाय व गरीब लोगों की मदद करें। नियमित रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

 

– आपकी मानसिक चिंताएं खत्म होंगी, अकारण आ रही बाधाएं दूर होंगी और घर में समृद्धि आएगी।

 

मीन राशि (Pisces Rashi)

उपाय: चातुर्मास के दौरान तुलसी के पौधे की प्रतिदिन पूजा करें और शाम को दीपक जलाएं। गुरुजनों और ब्राह्मणों का आशीर्वाद लें।

 

– इससे धन-धान्य में वृद्धि होगी, ज्ञान और विवेक बढ़ेगा और परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।

 

चातुर्मास के 4 सामान्य नियम, जो सभी को अपनाने चाहिए

सात्विक जीवन: इन 4 महीनों में तामसिक भोजन यानी प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का त्याग करें।

 

भूमि शयन व संयम: संभव हो तो भूमि पर सोएं और अपनी वाणी तथा क्रोध पर नियंत्रण रखें।

 

दीपदान: चातुर्मास में तुलसी के पास और नदी या तालाब किनारे दीपदान करने से अनंत गुना पुण्य मिलता है।

 

ध्यान व जप: प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट भगवान विष्णु या अपने इष्टदेव का ध्यान जरूर करें।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Ashadha Purnima 2026: आषाढ़ी पूर्णिमा कब है, जानिए इस दिन का खास महत्व

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