Ram Mandir Trust Meeting: राम मंदिर ट्रस्ट की सबसे अहम बैठकों में से एक आज दोपहर 3 बजे होने जा रही है. पूरे देश की नजर इस बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव तक कई बड़े मुद्दों पर फैसला हो सकता है. माना जा रहा है कि बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है, जिनका असर राम मंदिर के भविष्य के संचालन पर दिखाई देगा.
सबसे अधिक चर्चा ट्रस्ट में खाली पड़े पदों को लेकर है. राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था. वहीं ट्रस्ट के सदस्य रहे राजा अयोध्या के निधन के बाद एक और पद रिक्त हो गया. ऐसे में ट्रस्ट में तीन महत्वपूर्ण पद खाली है. जिन्हें भरने को लेकर बैठक में मंथन होगा. नए सदस्यों के नामों पर चर्चा के साथ-साथ नए महासचिव के चयन पर भी विचार किया जाएगा.
बैठक का एक और महत्वपूर्ण एजेंडा राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति माना जा रहा है. यदि सभी बिंदुओं पर सहमति बनती है तो ट्रस्ट पहली बार मंदिर के लिए स्थायी सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकता है.इससे मंदिर के प्रशासनिक कार्यों, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विकास परियोजनाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, पूजा पद्धति, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और भविष्य की विकास योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा होगी. ट्रस्ट मंदिर परिसर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए नए सुझावों पर भी विचार करेगा.सूत्रों के अनुसार बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए भी कई प्रस्ताव रखे जा सकते हैं.बीते दिनों सामने आए घटनाक्रम के बाद ट्रस्ट प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को खत्म करने पर विशेष जोर देगा.
हालांकि बैठक का एजेंडा लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय ट्रस्ट के सभी सदस्यों की सहमति के बाद ही लिया जाएगा. इसलिए आज होने वाली यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राम मंदिर के प्रशासनिक भविष्य की दिशा तय करने वाली बैठक मानी जा रही है. देशभर के राम भक्तों और अयोध्या से जुड़े लोगों की निगाहें अब इस बात पर हैं कि ट्रस्ट किन नामों पर मुहर लगाता है और मंदिर के संचालन को लेकर कौन-कौन से अहम फैसले सामने आते हैं.
तो दूसरी तरफ अयोध्या के संत समाज भी इस बैठक को लेकर मुखर हो रहे हैं उनका साफ कहना है. कि ट्रस्ट में अयोध्या के साधु संतों को शामिल करना चाहिए साथ ही जो घटनाएं राम मंदिर में घटी है वह दोबारा ना घटे ऐसा ट्रस्ट को मास्टर प्लान तैयार करना चाहिए क्योंकि इससे राम भक्तों के आस्था पर भी ठेस पहुंचा है और इस बैठक के बाद अब देखना होगा ट्रस्ट क्या निर्णय लेता है.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें
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