अगर सरकार नहीं मानी, तो लाखों और लोग दिल्ली आएंगे: आशुतोष रांका
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका कहते हैं, “यह भारत के आजादी के बाद के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन है। हमने यह बात स्पष्ट रूप से कही है कि 20 तारीख को जो हुआ वह तो बस एक ट्रेलर था। अगर सरकार नहीं मानती, तो लाखों और लोग दिल्ली आएंगे क्योंकि इस बार हम चुप नहीं बैठेंगे। सरकार को वाकई में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी, वरना देश के युवा उन्हें बुरी तरह से सबक सिखाएंगे। एक ऐसी कहानी गढ़ने की कोशिश की जा रही है कि हम शांतिपूर्ण नहीं रहेंगे, लेकिन हम शांतिपूर्ण हैं। 20 तारीख का मार्च भी शांतिपूर्ण था, लेकिन अराजकता केवल उस समय फैली जब पुलिस ने बर्बरता दिखाई और छात्रों की पिटाई की। युवा 31 दिनों से यहां शांतिपूर्वक बैठे हैं क्योंकि हम गांधी और अंबेडकर के सिद्धांतों का पालन करते हैं।”
अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान जमकर उपद्रव करने के मामले में अलग-अलग थानों में कुल 10 एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों ने बताया कि चार एएफआईआर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में और तीन कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज की गईं। इसके अलावा, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशनों में भी एक-एक एएफआईआर दर्ज की गई है।
मुंबई के शख्स ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के लिए भेजा खाना, वीडियो वायरल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के आंदोलन के बीच मंगलवार तड़के एक फूड डिलीवरी पार्टनर की ओर से प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन पहुंचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि मुंबई निवासी अनुज रावत ने ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर उसका भुगतान पहले ही कर दिया था। निर्देश दिया था कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद किसी भी भूखे या जरूरतमंद व्यक्ति में भोजन बांट दिया जाए। डिलीवरी पार्टनर ने अपने मोबाइल पर ऑर्डर की जानकारी दिखाते हुए कहा कि उसे विशेष रूप से जंतर-मंतर पहुंचकर भोजन वितरित करने के लिए कहा गया था। कई लोगों ने इसे प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता और मानवता की मिसाल बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा, इंसानियत अभी जिंदा है।
विजेता दहिया के खिलाफ सीजेपी का एक्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता विजेता दहिया को आंदोलन के दौरान बाहर जाकर बर्गर खाना महंगा पड़ गया। पार्टी ने विजेता को प्रवक्ता पद से हटा दिया है। वायरल वीडियो के बाद पार्टी ने कहा कि उनका असंवेदनशील आचरण पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ है।सीजेपी ने एक्स पर डाले अपने एक पोस्ट में अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के असंवेदनशील आचरण की कड़ी निंदा की। पोस्ट में कहा गया कि विजेता दहिया का वीडियो उस समय आया जिस वक्त सीजेपी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज का सामना कर रहे थे। सीजेपी की ओर से बताया गया कि ऐसे में उनका आचरण पूरी तरह से अस्वीकार्य है। पार्टी के मूल्यों, सिद्धांतों और उद्देश्यों के पूर्णत विपरीत हैं। पार्टी की ओर से उन्हें प्रवक्ता पद समेत सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त करने की जानकारी भी दी गई।
आरएमएल अस्पताल में भर्ती घायल
डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के एक सूत्र ने बताया कि करीब 110 छात्रों और 40 पुलिसकर्मियों को घायल अवस्था में उपचार के लिए लाया गया था। हालांकि यह औपचारिक आंकड़ा नहीं है। सर्जरी, ऑर्थोपेडिक, न्यूरोसर्जरी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों की टीम ने घायलों का उपचार किया है। ज्यादातर चोट डंडे से लगने वाली थी। जिसमें सिर फटने, आंख के पास चोट लगने, डंडे की मार से कमर, पैर और हाथ पर चोट के निशान थे। कुछ को फ्रैक्चर भी हुआ था। कुछ मामलों में टांके लगाने की नौबत आई। गले पर भी चोट के निशान देखने को मिले थे।
संसद मार्च में घायल छात्र और पुलिसकर्मी
जंतर-मंतर पर सोमवार को संसद मार्च में हुए घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों का अलग-अलग अस्पताल में उपचार जारी है। इसमें किसी छात्र की हाथ-पैर की हड्डी टूट गई है तो किसी को सिर में चोट आई है। आंख में चोट लगने की घटना भी शामिल है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को भी सिर-हाथ में चोट लगी है।
जेएनयू छात्र संघ ने निकाला आक्रोश मार्च
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ ने मंगलवार रात को बराक हॉस्टल से लेकर गंगा ढाबा तक आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च जंतर-मंतर पर संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने, आंसू गैस के गोले छोड़ने और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल के विरोध में निकाला गया। छात्र संघ ने मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस कमिश्नर के इस्तीफे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। छात्र संघ ने मार्च में हुई पुलिस बर्बरता के विरोध नारेबाजी की और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। जेएनयू छात्र संघ ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई के चलते एक हजार से ज्यादा छात्र अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती हुए।
CJP Protest Live: सीजेपी प्रदर्शन में उपद्रव करने वालों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई, अब तक 10 FIR
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान आरएएफ जवानों पर हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने नौ एफआईआर दर्ज कीं। दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा आरएएफ कर्मियों का पीछा करने और उन पर हमला करने का वायरल वीडियो सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज की है।
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