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नई दिल्ली. स्वतंत्रता दिवस के महीने में देशभक्ति के जोश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए 7 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के लिए चर्चा जोरों पर है. 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान इंडियन एयर फोर्स द्वारा की गई ऐतिहासिक एयरस्ट्राइक पर आधारित, यह सीरीज दर्शकों को सीधे 18000 फीट की डरावनी ऊंचाइयों पर ले जाएगी, लेकिन क्या स्क्रीन पर दिखने वाले फाइटर पायलट और कमांडर असल जिंदगी के बहादुर मिलिट्री अफसरों को सच में दिखाते हैं? कहा जा रहा है कि सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी असलियत है, जिसे मेकर्स ने सैनिकों और शहीदों के परिवारों की भावनाओं से जोड़ा है.

काल्पनिक किरदार या असली हीरो?
दर्शक ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में लीड एक्टर्स के रोल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसका प्रीमियर 7 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर होगा. मेकर्स ने कहानी की सेंसिटिविटी और ऑथेंटिसिटी बनाए रखने का खास ध्यान रखा है. स्क्रीन पर दिखाए गए ज्यादातर मेन कैरेक्टर सीधे तौर पर 1999 के कारगिल वॉर में हिस्सा लेने वाले असली IAF फाइटर पायलट, हेलीकॉप्टर पायलट और आर्मी ग्राउंड कमांडर की जिंदगी, बहादुरी और स्ट्रेटेजिक फैसलों से इंस्पायर्ड हैं. बताया जा रहा है कि सिक्योरिटी और कॉन्फिडेंशियलिटी की वजह से कई ऑफिसर्स के असली नामों को सिनेमाई नामों से बदल दिया गया है. हालांकि, मिराज-2000 और मिग-21 पायलट के कैरेक्टर उन बहादुर स्क्वाड्रन लीडर्स और विंग कमांडरों की रियल-लाइफ केस स्टडी पर आधारित हैं, जिन्होंने -40 डिग्री टेम्परेचर और 18000 फीट की ऊंचाई पर टोलोलिंग और टाइगर हिल पर सटीक बमबारी करके इतिहास रचा था.

1999 का कारगिल युद्ध और ‘ऑपरेशन सफेद सागर’
सीरीज की कहानी समझने के लिए इतिहास के पन्नों को मई 1999 में पलटना जरूरी है. जब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल, द्रास और बटालिक की बर्फ से ढकी चोटियों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया था, तो इंडियन एयर फोर्स ने इंडियन आर्मी की मदद के लिए एक ऐसा कदम उठाया जो पहले कभी नहीं उठाया गया था. ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ ऑफिशियली 26 मई 1999 को लॉन्च हुआ. इतिहास में यह पहली बार था जब एयर फोर्स ने इतने ऊंचे पहाड़ी इलाकों में हाई-एल्टीट्यूड एयरस्ट्राइक की. ऑक्सीजन की कमी, पतली हवा और दुश्मन की मिसाइलों के खतरे का सामना करते हुए इंडियन एयर फोर्स के पायलटों ने दुश्मन के बंकरों को तबाह कर दिया. यह आने वाली नेटफ्लिक्स सीरीज दर्शकों के सामने इस स्ट्रेटेजिक मास्टरस्ट्रोक की सच्ची कहानी पेश करेगी.

मेकर्स ने बैटलफील्ड के पीछे की इमोशनल सच्चाई को समझा
मेकर्स ने मिलिट्री ऑफिसर्स की बॉडी लैंग्वेज, डिसिप्लिन और एयर कॉम्बैट की बारीकियों को स्क्रीन पर सही ढंग से दिखाने के लिए सालों तक गहरी रिसर्च की. मेकर्स का कहना है कि पूरी सीरीज इंडियन एयर फोर्स के वेटरन्स से लंबी बातचीत के बाद डेवलप की गई थी. रिसर्च सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं थी. टीम ने ऑपरेशन्स में शामिल बहादुर ऑफिसर्स और उन परिवारों से भी मुलाकात की जिन्होंने युद्ध में अपनों को खो दिया था. प्रोडक्शन टीम का मानना ​​था कि युद्ध सिर्फ फ्रंट लाइन पर लड़ी जाने वाली गोलियों का खेल नहीं है. इसकी एक बड़ी इमोशनल कीमत भी होती है जो परिवारों को चुकानी पड़ती है. परिवारों के साथ इन इमोशनल बातचीत ने मेकर्स को न सिर्फ कॉम्बैट एक्शन बल्कि एक सैनिक और उसके अपनों के बीच दिल को छू लेने वाले इंसानी रिश्तों को भी कैप्चर करने में मदद की.

-40 डिग्री टेम्परेचर में कैसे हुई शूटिंग?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीरीज की ऑथेंटिसिटी को एक नए लेवल पर ले जाने के लिए, प्रोड्यूसर्स ने आर्टिफिशियल सेट बनाने के बजाय असली लोकेशन्स को चुना. मेकर्स ने कन्फर्म किया है कि सीरीज का एक बड़ा हिस्सा इंडियन एयर फोर्स के एक्टिव ऑपरेशनल एयर फोर्स बेस पर शूट किया गया था, जहां असली फाइटर एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया गया था. इसके अलावा, शूटिंग कारगिल के बहुत दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों की असली ज्योग्राफिकल कंडीशन में की गई थी. कास्ट और क्रू ने खुद बहुत कम तापमान, गिरते ऑक्सीजन लेवल और इतनी ऊंचाई पर उड़ने की शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना किया, जिससे 7 अगस्त को दर्शकों को सच में एक असली विजुअल एक्सपीरियंस मिला.

ड्रामा और असलियत का एकदम सही बैलेंस
किसी भी मिलिट्री इवेंट पर आधारित सीरीज में कहानी का फ्लो बनाए रखने के लिए कुछ सिनेमैटिक लिबर्टी ली जाती है. ऑपरेशन सफेद सागर में मुख्य ऑपरेशन और युद्ध की स्ट्रैटेजी को असली घटनाओं के हिसाब से 100% सही रखा गया है, लेकिन ड्रामा को बढ़ाने के लिए कुछ डायलॉग और पर्सनल रेफरेंस को थोड़ा बदल दिया गया है. सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे एक पायलट कॉकपिट में चढ़ने से पहले अपने परिवार की चिंताओं और देश की सेवा के सबसे बड़े कर्तव्य के बीच बैलेंस बनाता है.

सीरीज में होंगे 8 एपिसोड
ओनी सेन के डायरेक्शन और अभिजीत सिंह परमार और कुशाल श्रीवास्तव के प्रोड्यूस वाली इस सीरीज में जिमी शेरगिल विंग कमांडर बीएस धनोआ (टोनी) का दमदार रोल निभा रहे हैं, जबकि सिद्धार्थ बहादुर शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा के रोल में जान डाल रहे हैं. इस जबरदस्त ड्रामा में अभय वर्मा, दीया मिर्जा, प्राजक्ता कोली, आदिल हुसैन, मिहिर आहूजा, तारुक रैना, अर्नव भसीन और अमृता बागची जैसे कई शानदार कलाकार भी हैं. यह रोमांचक 8 एपिसोड की सीरीज 7 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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