Image Slider

बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव, हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह और धूम्रपान के कारण अब ब्रेन स्ट्रोक केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। विशेषज्ञों के अनुसार 30–50 वर्ष आयु वर्ग के लोगों में स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। लक्षण दिखाई देने के बाद शुरुआती गोल्डन ऑवर (शुरुआती एक घंटे से साढ़े चार घंटे तक) में इलाज मिलने पर मरीज की जान बचाने के साथ स्थायी दिव्यांगता का खतरा भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विश्व मस्तिष्क दिवस के उपलक्ष्य में प्रेस वार्ता के दौरान मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि इलाज में हर मिनट की देरी के दौरान लगभग 19 लाख मस्तिष्क कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं।

अगर किसी व्यक्ति का चेहरा अचानक टेढ़ा हो जाए, हाथ या पैर में कमजोरी या सुन्नपन महसूस, बोलने में कठिनाई, अचानक तेज सिरदर्द, चक्कर आए, संतुलन बिगड़ जाए या देखने में परेशानी है तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत स्ट्रोक-रेडी अस्पताल पहुंचें।

आईसीएमआर के राष्ट्रीय स्ट्रोक रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार हर सात में से एक (13.8%) स्ट्रोक मरीज की आयु 18–44 वर्ष है। जबकि लगभग 40 फीसदी मरीज लक्षण शुरू होने के 24 घंटे बाद अस्पताल पहुंचते हैं। जिससे उपचार में देरी होती है और मृत्यु एवं स्थायी दिव्यांगता का खतरा बढ़ जाता है।

अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रजत चोपड़ा ने बताया कि अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में आने वाले 30 फीसदी से अधिक मरीज ब्रेन स्ट्रोक से संबंधित होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर मरीज समय रहते अस्पताल पहुंच जाए तो बेहतर इलाज संभव है। देश में हर वर्ष 12 से 18 लाख नए स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं। लगभग 80 फीसदी मामलों को नियमित स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप, शुगर व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी, व्यायाम तथा संतुलित आहार अपनाकर रोका जा सकता है।

वहीं अस्पताल में 22 वर्षीय एमडीआर-टीबी से पीड़ित युवती का जटिल ब्रेन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। जबकि गंभीर ब्रेन हैमरेज और जटिल न्यूरोलॉजिकल मामलों के मरीजों का भी आधुनिक तकनीकों से सफल उपचार किया गया।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||