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भारतीय क्रिकेट के मैदान पर अपनी आग उगलती गेंदों से बल्लेबाजों के स्टंप्स उखाड़ने वाले ‘मियां भाई’ यानी मोहम्मद सिराज अब एक नए और बेहद गौरवशाली अवतार में नजर आ रहे हैं. हाल ही में तेलंगाना पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पदभार संभालने के बाद सिराज ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की, जिसके कैप्शन ने हर भारतीय का दिल जीत लिया ‘DSP मोहम्मद सिराज रिपोर्टिंग फॉर ड्यूटी’.
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज पहली बार पुलिस की वर्दी में आए नजर
भारतीय क्रिकेट के मैदान पर अपनी आग उगलती गेंदों से बल्लेबाजों के स्टंप्स उखाड़ने वाले ‘मियां भाई’ यानी मोहम्मद सिराज अब एक नए और बेहद गौरवशाली अवतार में नजर आ रहे हैं. हाल ही में तेलंगाना पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का पदभार संभालने के बाद सिराज ने सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर साझा की, जिसके कैप्शन ने हर भारतीय का दिल जीत लिया ‘DSP मोहम्मद सिराज रिपोर्टिंग फॉर ड्यूटी’.
‘DSP मोहम्मद सिराज रिपोर्टिंग फॉर ड्यूटी’
रफ्तार के सौदागर रहे सिराज भले ही कम बोलते हो पर उनके शरीर आज वर्दी बोल रही है . सिराज के द्वारा लिखी कैप्शन की लाइन सिर्फ एक कप्तान या खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस बेटे की है जिसने अपनी मेहनत से आसमान छुआ है. लेकिन इस चमकते सितारे की चमक का असली अहसास तब हुआ, जब भारतीय टीम उनके बिना आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे पर गई, जहां क्रिकेट फैंस और टीम मैनेजमेंट दोनों को सिराज की कमी शिद्दत से महसूस हुई. जब मैदान पर खली सिराज की ‘मिया भाई मैजिक’क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण मोहम्मद सिराज को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से आराम दिया गया था. भारतीय टीम प्रबंधन का यह फैसला दूरदर्शी जरूर था, लेकिन मैदान पर इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी.
पावरप्ले-स्लॉग में धार की कमी
सिराज की सबसे बड़ी ताकत नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराना और शुरुआती ओवरों में विकेट चटकाना है। उनकी अनुपस्थिति में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पावरप्ले में बेअसर नजर आया. विरोधी बल्लेबाजों ने बिना किसी डर के खुलकर रन बनाए. सिराज सिर्फ विकेट नहीं लेते, बल्कि वह अपनी आक्रामकता से विरोधी टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हैं. आयरलैंड के खिलाफ छोटे मैदानों पर जब रन बरस रहे थे, तब टीम को एक ऐसे गेंदबाज की कमी खली जो बल्लेबाज की आंखों में आंखें डालकर डॉट बॉल फेंक सके. इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी के सामने आखिरी ओवरों में भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे. सिराज की यॉर्कर और सटीक लाइन-लेंथ की कमी हर ओवर में महसूस की गई. फैंस सोशल मीडिया पर लगातार लिखते रहे कि सिराज होते तो यह मैच का पासा पलट देते.
हैदराबाद के ऑटो ड्राइवर के बेटे से डीएसपी बनने का सफर
सिराज की यह वर्दी सिर्फ एक सरकारी पद नहीं है, बल्कि यह उनके संघर्षों का सबसे बड़ा इनाम है. हैदराबाद के एक साधारण परिवार में जन्मे सिराज के पिता ऑटो चलाते थे. तंगहाली के दिनों से निकलकर भारतीय टीम का मुख्य तेज गेंदबाज बनना और फिर राज्य पुलिस में इतने बड़े सम्मानजनक पद तक पहुंचना, किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है. टी20 विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद तेलंगाना सरकार ने उन्हें इस प्रतिष्ठित पद और जमीन से सम्मानित किया था. मोहम्मद सिराज ने साबित कर दिया है कि उनके पास केवल गेंद को स्विंग कराने का हुनर ही नहीं, बल्कि देश की सेवा करने का जज्बा भी है. भले ही वह कुछ दौरों पर टीम के साथ नहीं थे और उनकी कमी ने टीम को परेशान किया, लेकिन मैदान पर उनकी वापसी विरोधी टीमों के लिए फिर से काल बनने वाली है. अब जब वह गेंदबाजी की शुरुआत करेंगे, तो फैंस को उनके भीतर एक खिलाड़ी के साथ-साथ देश के एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की छवि भी दिखाई देगी.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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