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Naseeruddin Shah On First Marriage: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक शाह को हिंदी सिनेमा के सबसे मजबूत और सफल कपल्स में गिना जाता है. दोनों की शादी को चार दशक से ज्यादा का समय हो चुका है और आज भी उनकी जोड़ी मिसाल मानी जाती है. लेकिन रत्ना पाठक से शादी करने से पहले नसीरुद्दीन शाह की जिंदगी का एक ऐसा अध्याय भी रहा, जिसे वह खुद अपनी सबसे बड़ी भूल मानते हैं.

नई दिल्ली. ‘इतनी-सी बात… और तुम समझे नहीं…’ नसीरुद्दीन शाह के इस डायलॉग से तो आप वाकिफ होंगे. पर्दे पर अपने दमदार डायलॉग्स और बेमिसाल अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले नसीरुद्दीन शाह ने इस बार अपनी निजी जिंदगी का ऐसा सच दुनिया के सामने रखा है, जिसे पढ़कर हर कोई ठहर जाएगा. 19 साल की उम्र में प्यार, शादी और पिता बनने की जिम्मेदारी उठाने वाले एक्टर ने सालों बाद माना कि उस दौर में वह न तो अच्छे पति बन पाए और न ही अपनी नवजात बेटी के प्रति अपना फर्ज निभा सके. उन्होंने कबूल किया कि कम उम्र की नासमझी, करियर की दौड़ और इमोशनल परिपक्वता ने उनके रिश्ते को बिखेर दिया. आज रत्ना पाठक शाह के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे नसीरुद्दीन शाह ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में उस दौर की ऐसी अनकही बातें साझा की हैं, जिन पर उन्हें आज भी गहरा पछतावा होता है.

अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘एंड देन वन डे: ए मेमॉयर’ में उन्होंने अपनी जिंदगी के उन पन्नों को खोला है, जिन्हें आमतौर पर मशहूर हस्तियां दुनिया से छिपाने की कोशिश करती हैं. नसीरुद्दीन शाह ने पहली बार अपनी पहली पत्नी परवीन मुराद (मनारा सिकरी) और बेटी हीबा शाह के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्हें पढ़कर हर कोई हैरान है. फोटो साभार- @IMDb

यह कहानी 1960 के दशक के अंत की है. 19 साल के नसीरुद्दीन शाह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे और उन्हें थिएटर से गहरा लगाव था. जहां उनके परिवार को उनके एक्टर बनने के सपने पर कोई भरोसा नहीं था. वहीं उसी यूनिवर्सिटी में 34 साल की मेडिकल इंटर्न परवीन मुराद ने उनके सपने पर विश्वास जताया. परवीन उनसे 15 साल बड़ी थीं, तलाकशुदा थीं और दो बच्चों की मां थीं. लेकिन उनका विश्वास नसीरुद्दीन के दिल को छू गया और दोनों को प्यार हो गया. फोटो साभार- रेडिट

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जब शादी की बात आई तो दोनों परिवारों ने इसका विरोध किया. नसीरुद्दीन के परिवार को परवीन के तलाकशुदा होने और पहले से दो बच्चों की मां होने पर आपत्ति थी. वहीं, परवीन के परिवार को डर था कि यह नौजवान एक्टर कभी भी अपना मन बदल सकता है. परवीन के परिवार को विश्वास दिलाने के लिए नसीरुद्दीन ने तलाक की स्थिति में गुजारा भत्ता देने का वादा भी किया. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी शादी जल्द ही बिखरने वाली है. फोटो साभार- रेडिट

शादी के एक साल के भीतर परवीन ने बेटी हीबा को जन्म दिया. बच्चे की किलकारी से रिश्ता मजबूत होने के बजाय और कमजोर हो गया. नसीरुद्दीन ने अपनी बायोग्राफी ‘एंड देन वन डे’ में लिखा, ‘गर्भावस्था के दौरान परवीन बहुत मूडी हो गई थीं और मुझे उनके अंदर हो रहे चमत्कार की कोई समझ नहीं थी. मुझसे क्या उम्मीद की जा रही थी, इससे मैं पूरी तरह अनजान था. इसका नतीजा यह हुआ कि कई गंभीर झगड़े हुए, जिनमें मुझे हमेशा बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा.’ फोटो साभार- रेडिट

नसीरुद्दीन शाह स्वीकार करते हैं कि वे उस वक्त पूरी तरह से अपनी ही दुनिया में मस्त रहने वाले इंसान थे. उन्होंने लिखा- उन्होंने स्वीकार किया कि वह पूरी तरह अपने करियर और अपनी इच्छाओं में खोए हुए थे. यहां तक कि पत्नी के गर्भवती होने के दौरान भी उनका ध्यान दूसरी लड़की की ओर भटकने लगा था. उन्होंने माना कि वह अपनी पत्नी को इमोशनली सहारा देने में पूरी तरह नाकाम रहे. फोटो साभार- रेडिट

नसीरुद्दीन शाह का सबसे चौंकाने वाला खुलासा अपनी बेटी हीबा को लेकर था. उन्होंने लिखा कि पिता बनने की जिम्मेदारियों को वह बिल्कुल नहीं समझते थे. उनके लिए सिर्फ उनका करियर और निजी महत्वाकांक्षाएं मायने रखती थीं. उन्होंने लिखा कि कभी-कभी वह विश्वविद्यालय के बगीचे से गुलाब तोड़कर पत्नी के लिए ले जाते थे, लेकिन इसके अलावा उन्होंने पति और पिता की भूमिका निभाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की. उन्हें आने वाले बच्चे से ही चिढ़ होने लगी थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि बच्चा उनके और परवीन के रिश्ते के बीच आ रहा है. उन्होंने लिखा, ‘जब हीबा का जन्म हुआ तो मैंने उसकी इतनी उपेक्षा की कि आज इतने साल बाद भी मुझे शर्म आती है. लंबे समय तक मुझे अपनी बेटी के लिए कुछ भी महसूस नहीं होता था. ऐसा लगता था जैसे वह मेरी जिंदगी में है ही नहीं.’ फोटो साभार- @heeba_shah_20/Instagram

जब परवीन अपनी गर्भावस्था के अंतिम दिनों में थीं, तब नसीर दिल्ली के ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ (NSD) में दाखिला ले चुके थे. अभिनय का जुनून उनके ऊपर इस कदर हावी था कि घर की जिम्मेदारियां उनके लिए बोझ बन गईं. बेटी हीबा के जन्म के महज चार दिन बाद नसीर अपनी पढ़ाई और स्कॉलरशिप बचाने के लिए दिल्ली वापस लौट आए. वे बताते हैं कि एक लंबे समय तक उन्होंने अपनी ही बेटी के लिए दिल में कोई भावना महसूस नहीं की. उन्होंने लिखा, ‘वह मेरे जीवन में कहीं थी ही नहीं, जैसे उसका कोई अस्तित्व ही न हो.’ फोटो साभार- रेडिट

धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत खत्म हो गई. तलाक के बाद परवीन बेटी हीबा के साथ विदेश चली गईं, जहां उन्होंने डॉक्टर के तौर पर काम जारी रखा. इस दौरान नसीरुद्दीन की मुलाकात रत्ना पाठक से हुई. दोनों को प्यार हो गया, लेकिन परवीन से तलाक अंतिम नहीं हुआ था, इसलिए वे 1982 तक शादी नहीं कर सके. गुजारा भत्ते का भुगतान करने में उन्हें कई साल लग गए. फोटो साभार- @ratna-pathak-shah/Instagram

परवीन मुराद का 1982 में ही निधन हो गया. यह वही साल था जब नसीरुद्दीन ने रत्ना पाठक से शादी की. रत्ना पाठक ने बाद में बताया कि उनके परिवार को भी इस रिश्ते पर आपत्ति थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वजह सिर्फ नसीर की पहली शादी नहीं, बल्कि उनका अभिनेता होना भी था. उस समय अभिनय को सुरक्षित पेशा नहीं माना जाता था और कई लोग नसीर के लुक्स को लेकर भी सवाल उठाते थे. हालांकि, समय के साथ दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया. फोटो साभार- @ratna-pathak-shah/Instagram

तलाक के बाद परवीन बेटी हीबा के साथ विदेश चली गईं, जहां उन्होंने डॉक्टर के तौर पर काम जारी रखा. कई साल तक नसीर और हीबा के बीच ज्यादा संपर्क नहीं रहा. लेकिन समय के साथ एक्टर ने रिश्ते सुधारने की कोशिश की. स्कूल की छुट्टियों में हीबा अपने पिता से मिलने आने लगीं. बाद में परवीन के निधन के बाद वह अपने पिता के साथ रहने लगीं. फाइल फोटो. 

12 साल तक नसीर और उनकी बेटी हीबा के बीच न के बराबर संपर्क रहा. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ नसीर को अपनी गलतियों का अहसास हुआ और उन्होंने अपनी बेटी से संबंध सुधारने की कोशिशें शुरू कीं. हीबा छुट्टियों में भारत आकर अपने पिता और रत्ना पाठक के साथ वक्त बिताने लगीं. 1990 के दशक में जब ईरान में परवीन मुराद का निधन हो गया तो हीबा पूरी तरह से मुंबई आकर अपने पिता नसीरुद्दीन शाह, सौतेली मां रत्ना पाठक और अपने सौतेले भाइयों इमाद और विवान शाह के साथ रहने लगीं. रत्ना पाठक ने हीबा को स्वीकार किया और उन्हें अपनी बेटी का पूरा प्यार दिया. फोटो साभार- @heeba_shah_20/Instagram

आज हीबा शाह खुद एक स्थापित थिएटर और टीवी एक्ट्रेस हैं. उन्होंने प्रसिद्ध धारावाहिक ‘बालिका वधू’ में अपनी मौसी सुरेखा सीकरी के बचपन का किरदार निभाया था. वे अपने पिता और रत्ना पाठक के साथ कई थिएटर नाटकों में एक साथ काम करती हैं.

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