-868 करोड़ की 90 परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण, हजारों करोड़ के विकास विजन का दिया संदेश; लाभार्थियों को चेक, लैपटॉप और आवास की चाबियां वितरित
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मुरादनगर स्थित कुशलपाल त्यागी मेमोरियल डिग्री कॉलेज में आयोजित विशाल जनसभा के दौरान जनपद को विकास की नई सौगात देते हुए 868 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 90 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, लैपटॉप, आवास की चाबियां एवं प्रशस्ति-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की और कहा कि जनप्रतिनिधियों का समर्पित नेतृत्व ही किसी क्षेत्र के विकास की असली ताकत होता है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कभी गाजियाबाद गुंडागर्दी, गंदगी और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यही जनपद सुशासन, आधुनिक आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज गाजियाबाद केवल एनसीआर का शहर नहीं, बल्कि दिल्ली का ग्रोथ इंजन बनकर देश की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में गाजियाबाद को आधुनिक आधारभूत संरचना से जोडऩे के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं ने पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल परियोजना ने यात्रा के समय को तीन घंटे से घटाकर लगभग 40 मिनट कर दिया है, जिससे उद्योग, व्यापार और रोजगार को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंडन सिविल टर्मिनल, चौड़ी सड़कों, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और तेजी से विकसित हो रहे शहरी ढांचे ने गाजियाबाद को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का सबसे तेजी से विकसित होने वाला जिला बना दिया है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन ही विकास की सबसे बड़ी आधारशिला है। जहां सुरक्षा होती है, वहीं निवेश आता है और जहां निवेश आता है, वहीं रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश बाल सेवा योजना के तहत विद्यार्थियों को लैपटॉप, मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को चेक, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियां तथा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार और ओडीओपी योजना के लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है।
समारोह को कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, सांसद राजकुमार सांगवान, विधायक डॉ. मंजू सिवाच और विधायक अजीतपाल त्यागी, महापौर सुनीता दयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गाजियाबाद में हुए विकास कार्यों और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।
स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि स्वर्गीय राजपाल सिंह त्यागी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए की। उन्होंने कहा कि छह बार विधायक चुना जाना किसी भी जनप्रतिनिधि की लोकप्रियता और जनता के विश्वास का सबसे बड़ा प्रमाण होता है। उन्होंने उनके सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और क्षेत्रीय विकास में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे नेताओं के कार्य समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अन्नप्राशन संस्कार एवं गोदभराई की रस्म निभाकर मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
मंच पर उनका स्वागत भगवान श्रीराम, भगवान शिव की प्रतिमा और गदा भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से क्षेत्रीय अध्यक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश भाजपा नवाब सिंह नागर, कैबिनेट मंत्री एवं साहिबाबाद विधायक सुनील कुमार शर्मा, राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप, गाजियाबाद सांसद अतुल गर्ग, बागपत सांसद राजकुमार सांगवान, महापौर सुनीता दयाल, जिला पंचायत अध्यक्षा ममता त्यागी, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, मोदीनगर विधायक डॉ0 मंजू सिवाच, सदर विधायक संजीव शर्मा, लोनी विधायक नन्दकिशोर गुर्जर, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, भाजपा जिलाध्यक्ष चैनपाल सिंह, विधान परिषद सदस्य दिनेश गोयल, सहित अन्य गणमान्यजन एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ पूनम शर्मा द्वारा किया गया।
पहले अपराध और भ्रष्टाचार, अब विकास और विश्वास-2017 के बाद बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में विकास कार्यों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश बेरोजगारी, दंगों, अपराध, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था, जिसके कारण विकास की रफ्तार प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता था और व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के उस चर्चित बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र से भेजे गए 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था विकसित कर इस स्थिति को पूरी तरह बदलने का प्रयास किया है। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं में जनता की समस्याओं का समाधान शामिल नहीं था, जबकि वर्तमान समय में सरकार के मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि आज निराश्रित पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर प्रशासन और निवेश अनुकूल वातावरण के कारण गाजियाबाद देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सुरक्षा, औद्योगिक विकास और आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में गाजियाबाद ने नई पहचान बनाई है तथा आज यह विकास, निवेश और सुशासन के नए मानक स्थापित कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है।
धर्म नहीं, विकास के साथ आस्था भी हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज विपक्षी दल आस्था और धार्मिक परंपराओं की बात तो करते हैं, लेकिन उनके शासनकाल के निर्णय और कार्यशैली इससे बिल्कुल अलग रही है। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय कांवड़ यात्रा सहित अनेक धार्मिक आयोजनों को लेकर अनावश्यक आपत्तियां और प्रतिबंध लगाए जाते थे, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी, दुर्गा पूजा और कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों के प्रति पहले नकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने सभी धार्मिक आयोजनों को सम्मान, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के साथ सम्पन्न कराने को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुगम बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सम्मान सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल धार्मिक आस्था की बात नहीं करती, बल्कि उसे धरातल पर साकार भी करती है। प्रदेश में मंदिरों, तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम से लेकर अयोध्या, मथुरा और गाजियाबाद स्थित दूधेश्वरनाथ मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास कार्य इसका प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि आस्था केवल भाषणों या राजनीतिक बयानों से सिद्ध नहीं होती, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, श्रद्धालुओं के सम्मान और उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के ठोस कार्यों से परिलक्षित होती है। वर्तमान सरकार इसी सोच के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए विकास और आस्था को समान महत्व देकर आगे बढ़ रही है।
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