नूंह। जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा एक बार फिर विवादों में है। इस बार अस्पताल की एक स्टाफ नर्स ने मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में कार्यरत लेखा सहायक अब्दुल गफ्फार पर काम कराने के बदले पैसे मांगने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस संबंध में सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, पीड़ित स्टाफ नर्स मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में कार्यरत है। उसने आरोप लगाया कि जब भी किसी प्रशासनिक या वित्तीय कार्य के लिए लेखा सहायक अब्दुल गफ्फार के पास जाना पड़ता है, वह अभद्र व्यवहार करता है और काम करने के बदले पैसे की मांग करता है। नर्स का कहना है कि हाल ही में वेतन का एरियर जारी कराने के लिए उसने आरोपी के खाते में ऑनलाइन 1,000 रुपये भेजे थे। इसके अलावा उसने आरोप लगाया कि 27 अप्रैल 2025 को 500 रुपये, एक नवंबर 2025 को 1,000 रुपये, 29 जनवरी 2026 को 500 रुपये और 1 अप्रैल 2026 को 1,000 रुपये भी फोन-पे के माध्यम से आरोपी को दिए थे।
सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन नितिन दुबे ने कहा कि जिला अस्पताल से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें लगातार मिल रही हैं और इस मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा रहा है।
उधर, शिकायत शाखा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आशीष सिंगला ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।