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-91वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, 114% बढ़ी आय; औद्योगिक विस्तार और निवेश को मिली नई रफ्तार
-जेवर एयरपोर्ट के दक्षिण में विकसित होगा विशाल औद्योगिक क्षेत्र, चीन के यिवू मॉडल पर बनेगा अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक शहर
-किसानों को जल्द मिलेगा 7% आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र, फायर सेफ्टी, रिसर्च सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी हरी झंडी

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 91वीं बोर्ड बैठक में प्राधिकरण की मजबूत होती आर्थिक स्थिति के साथ भविष्य की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। अपर मुख्य सचिव एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में सबसे अधिक जोर राजस्व वृद्धि, औद्योगिक विस्तार और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास वैश्विक व्यापारिक केंद्र विकसित करने पर रहा।
बैठक में यीडा सीईओ आरके सिंह, नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश, यीडा के एसीईओ मनीष मीणा, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, एसीईओ राजेश कुमार, ग्रेनो अथॉरिटी के एसीईओ सुनील कुमार सिंह, जीएम प्रॉजेक्ट राजेंद्र भाटी आदि मौजूद रहे। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून तक प्राधिकरण की कुल आय 1,371.75 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 640.01 करोड़ रुपये थी।

इस तरह आय में 114.33 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। औद्योगिक और मिश्रित भूमि योजनाओं से ही 680.14 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पूरे वर्ष के निर्धारित बजट का लगभग 47.5 प्रतिशत है। इसी अवधि में प्राधिकरण का कुल व्यय 2,101.96 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 1,741.40 करोड़ रुपये भूमि खरीद पर खर्च किए गए। बोर्ड ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिणी क्षेत्र, आगरा की ओर, नए औद्योगिक क्षेत्र की महायोजना तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस परियोजना से हजारों एकड़ क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होंगे और हवाई अड्डे के आसपास औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

बैठक में चीन के यिवू शहर की तर्ज पर यमुना क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक शहर विकसित करने की योजना का भी प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तावित व्यापारिक शहर में देशभर के उत्पादों के लिए एकीकृत थोक बाजार विकसित किया जाएगा, जहां विदेशी व्यापारी सीधे खरीद-बिक्री कर सकेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसे हवाई अड्डे से जोड़कर वैश्विक व्यापार का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है। बोर्ड ने ग्रामों में किसानों को मिलने वाले सात प्रतिशत आबादी भूखंडों के संबंध में भी बड़ा निर्णय लिया। निर्देश दिए गए कि भूमि अधिग्रहण के तुरंत बाद पात्र किसानों को आरक्षण पत्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें वर्षों तक इंतजार न करना पड़े। बैठक में सूक्ष्म उद्योग पार्क, हस्तशिल्प पार्क, खिलौना पार्क, परिधान पार्क और चिकित्सा उपकरण पार्क की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एक महीने में 83 उद्यमियों की पट्टा पत्र प्रक्रिया पूरी हुई, 118 लोगों को भूखंडों का कब्जा दिया गया, 82 भवन मानचित्र स्वीकृत हुए, 24 इकाइयों में निर्माण शुरू हुआ और 15 उद्योगों ने उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया।

इसके अलावा ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अग्निशमन विभाग को 50 करोड़ रुपये देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। ग्राम धनौरी आर्द्रभूमि के आसपास वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की योजना को भी स्वीकृति मिली। क्षेत्र में विद्युत और हाइड्रोजन बसों के संचालन को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बोर्ड ने चिकित्सा अनुसंधान परिषद को उन्नत अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए 30 एकड़ भूमि आवंटित करने, नई होटल योजनाओं के नियमों में संशोधन तथा विभिन्न सेक्टरों में सड़क, विद्युत उपकेंद्र और अन्य आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए भूमि खरीद के प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की। बैठक से स्पष्ट संकेत मिला कि यमुना प्राधिकरण अब केवल आवासीय योजनाओं तक सीमित नहीं रहकर औद्योगिक निवेश, वैश्विक व्यापार और आधारभूत ढांचे के विकास के जरिए प्रदेश की सबसे बड़ी आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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