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होमखेलक्रिकेट3 कारण, सीएसके को क्यों राहुल द्रविड़ को बनाना चाहिए अपना हेड कोच

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3 reasons why should CSK Sing Rahul Dravid as Coach: स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स एक नए दौर की शुरुआत करने जा रही है. लगातार तीन साल से प्लेऑफ से बाहर रही सीएसके के लिए राहुल द्रविड़ से बेहतर कोई कोच नहीं हो सकता.द्रविड़ का शानदार कोचिंग अनुभव, मॉडर्न टी20 तकनीक और डेटा का इस्तेमाल, और युवाओं को निखारने का हुनर सीएसके की किस्मत बदल सकता है. जानिए वे 3 बड़े कारण जो द्रविड़ को सीएसके का सबसे परफेक्ट कोच बनाते हैं.

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राहुल द्रविड़ बन सकते हैं सीएसके के कोच.

नई दिल्ली. आईपीएल 2027 के सीजन में अभी महीनों का वक्त बाकी है, लेकिन फ्रेंचाइजियों के बीच की हलचल ने क्रिकेट फैंस के बीच रोमांच अभी से बढ़ा दिया है. हाल में लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा ऋषभ पंत और कुलदीप यादव के ट्रेड की खबरों के बाद, अब सारा ध्यान चेन्नई सुपर किंग्स पर आ गया है. सीएसके ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लेते हुए अपने सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले और वफादार मुख्य कोच, स्टीफन फ्लेमिंग का साथ छोड़ दिया है. फ्लेमिंग का सीएसके के साथ सफर बेमिसाल रहा. उन्होंने फ्रेंचाइजी को पांच आईपीएल खिताब दिलाए और उनका नाम हमेशा सीएसके के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा.

स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) को हमेशा एक ‘कोच’ से ज्यादा एक बेहतरीन ‘मैन-मैनेजर’ के रूप में देखा गया. आज के बदलते दौर में मैन-मैनेजमेंट जरूरी तो है, लेकिन आईपीएल जिस तेजी से प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है, वहां सिर्फ इससे काम नहीं चलने वाला। सीएसके के लिए लगातार तीन साल से प्लेऑफ में न पहुंच पाना एक बड़ा झटका है, और इस गतिरोध को तोड़ने के लिए कोचिंग सेटअप में बदलाव ही सबसे आसान और सटीक रास्ता नजर आ रहा है. सीएसके को यह समझने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं है. वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का उदाहरण देख सकते हैं कि कैसे एक सही मुख्य कोच फ्रेंचाइजी की पूरी तकदीर बदल सकता है. ऐसे में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) से बेहतर विकल्प चेन्नई के लिए कोई और नहीं हो सकता.

राहुल द्रविड़ बन सकते हैं सीएसके के कोच.

अनुभव और सफलता का बेजोड़ मिश्रण
जब आरसीबी ने एंडी फ्लावर को साइन किया था, तब उनका आईपीएल रिकॉर्ड बहुत असाधारण नहीं था. उनका सफर पंजाब किंग्स में निराशाजनक और लखनऊ सुपर जायंट्स में औसत रहा था. लेकिन आईपीएल से इतर, वे एक ‘सीनियर विनर’ थे, जिन्होंने दुनिया भर की लीग्स में ढेरों ट्रॉफियां जीती थीं. इसने साबित किया कि टी20 में कोचिंग परिस्थितियों और बड़े मंच को संभालने के बारे में है.

राहुल द्रविड़ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका आईपीएल कोचिंग कार्यकाल भले ही बहुत सफल न रहा हो, लेकिन एक खिलाड़ी, कप्तान और कोच के तौर पर उनके पास आईपीएल का विशाल अनुभव है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने भारतीय टीम को 10 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी (टी20 वर्ल्ड कप) दिलाई, वो भी तब जब एक उम्रदराज टीम के साथ भारत की जीत की उम्मीदें बहुत कम जताई जा रही थीं. द्रविड़ इस फॉर्मेट की हर एक बारीकी को अंदर-बाहर से जानते हैं. वे फिलहाल एक ऐसी कोचिंग भूमिका की तलाश में हो सकते हैं जो उनके पूरे जीवन को व्यस्त न करे, और सीएसके में मिलने वाली स्वतंत्रता के साथ वे टीम को फिर से चैंपियन बना सकते हैं.

मॉडर्न विचार और डेटा का सटीक इस्तेमाल
राहुल द्रविड़ की टी20 वर्ल्ड कप जीत के पीछे उनका गहन डेटा वर्क और आधुनिक दृष्टिकोण था. भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, तमाम आलोचनाओं के बावजूद, द्रविड़ हमेशा खेल में समय से आगे रहे. वे जीतने के लिए नए-नए प्रयोग करने और आधुनिक रणनीतियों को अपनाने से कभी पीछे नहीं हटे. इसके विपरीत, स्टीफन फ्लेमिंग बेहतरीन थे, लेकिन हाल के दिनों में उनके विचार थोड़े पुराने नजर आने लगे। कुछ क्रिकेट हलकों में तो टी20 फॉर्मेट के आक्रामक होते दौर में उनकी धीमी रणनीतियों के कारण उन्हें ‘डायनासोर’ तक कहा जाने लगा था. द्रविड़ का आगमन सीएसके में इस रूढ़िवादिता को बदलेगा. वे टीम को अधिक गतिशील, आक्रामक और अप्रत्याशित बनाएंगे ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने भारतीय टीम को बनाया था.

युवाओं के साथ काम करने का बेमिसाल हुनर
साल 2026 में, सीएसके ने अपनी रणनीति बदलते हुए युवा प्रतिभाओं को तराशने पर खास जोर दिया था. फ्रेंचाइजी को यह अहसास हो चुका है कि ‘अनुभव ही सब कुछ है’ का दौर अब खत्म हो रहा है, और टीम को अब बेखौफ और निडर खेलने वाले युवा क्रिकेटरों की जरूरत है. भारत में युवाओं को निखारने के मामले में राहुल द्रविड़ से बेहतर कोई दूसरा नाम नहीं है. इंडिया-ए और अंडर-19 टीम के साथ उनके काम ने भारत को एक स्वर्णिम पीढ़ी दी है. उनका ‘टैलेंट आईडी’ (प्रतिभा पहचानने की क्षमता) विश्व स्तरीय है. इसके अलावा, महेंद्र सिंह धोनी, जो नए कोच की नियुक्ति में एक मुख्य भूमिका निभाने वाले हैं, वे भी द्रविड़ के साथ काम करना पसंद करेंगे. दोनों ने लंबे समय तक एक साथ क्रिकेट खेला है और दोनों के बीच का तालमेल सीएसके को एक नए युग में ले जाने का काम करेगा.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें

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