Vishwakarma Shram Samman Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार की ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत रामपुर जिले में कुम्हार और मोची ट्रेड से जुड़े पारंपरिक कारीगरों के लिए सुनहरा अवसर आया है. योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिनों का निःशुल्क प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र और आधुनिक टूलकिट मुफ्त दी जाएगी. इच्छुक और योग्य स्थानीय कारीगर इस स्वरोजगार योजना का लाभ उठाने के लिए 20 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
मुफ़्त ट्रेनिंग के साथ मिलेगी एडवांस टूलकिट
इस योजना का मुख्य मकसद पारंपरिक कारीगरों के हुनर को नई तकनीक से जोड़ना और उन्हें स्वरोजगार के लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को 10 दिनों का पूरी तरह से निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा. ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा होने पर सभी को आधिकारिक प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा. इसके साथ ही, कारीगरों को उनके काम से जुड़ी आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत टूलकिट (औजार) बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने काम को पहले से बेहतर और तेजी से कर सकें और अपनी आमदनी को बढ़ा सकें.
ऑनलाइन आवेदन के बाद दफ्तर में जमा करने होंगे दस्तावेज
उपायुक्त उद्योग अनुराग यादव के अनुसार, इस विशेष चरण में केवल कुम्हार और मोची ट्रेड से जुड़े पारंपरिक कारीगरों के ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं. इच्छुक लाभार्थियों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा. ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, आवेदकों को अपने आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी और सभी जरूरी दस्तावेजों को जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, रामपुर में निर्धारित समय-सीमा के भीतर व्यक्तिगत रूप से जमा करना होगा.
आवेदन के लिए जरूरी पात्रता और नियम
योजना का लाभ उठाने के लिए प्रशासन की ओर से कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं:
- आवेदक का रामपुर जिले का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है.
- आवेदन के समय लाभार्थी की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए.
- आवेदन के लिए पहचान पत्र, लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक की प्रति (फोटोकॉपी) और पासपोर्ट साइज फोटो देना होगा.
- आवेदक को यह साबित करना होगा कि वह वास्तव में इसी पारंपरिक काम या हस्तशिल्प से जुड़ा है. इसके लिए ग्राम प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष, अथवा नगर पालिका/नगर निगम के संबंधित वार्ड सदस्य द्वारा जारी किया गया प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा.
जाति का बंधन नहीं, एक परिवार से एक ही लाभ
इस कल्याणकारी योजना में जाति को पात्रता का आधार नहीं बनाया गया है; यानी जो भी व्यक्ति निर्धारित शर्तों को पूरा करता है और इस पारंपरिक कारीगरी से जुड़ा है, वह आवेदन करने का पात्र है. हालांकि, आवेदक को एक शपथ-पत्र भी देना होगा कि उसने पहले कभी किसी अन्य सरकारी प्रशिक्षण योजना के तहत टूलकिट या मानदेय का लाभ नहीं लिया है. इसके साथ ही, नियम के मुताबिक एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र होगा.
अंतिम तारीख का न करें इंतजार, तुरंत करें संपर्क
अगर आप या आपके परिवार का कोई भी सदस्य कुम्हार या मोची का पारंपरिक काम करता है, तो आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार बिल्कुल न करें. समय रहते आवेदन कर इस सरकारी योजना का पूरा लाभ उठाया जा सकता है. योजना से जुड़ी किसी भी अन्य विस्तृत जानकारी या समस्या के समाधान के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, रामपुर से किसी भी कार्यदिवस में संपर्क किया जा सकता है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
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