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होमताजा खबरकृषिधान की खेती से चाहिए बंपर पैदावार, तो रोपाई के समय रखें इन बातों का ध्यान

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खरीफ सीजन में धान की रोपाई का सही तरीका अपनाने से पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं. जानिए खेत की तैयारी, 20 से 25 दिन पुरानी पौध, सही दूरी, उचित गहराई और वैज्ञानिक रोपाई के उन जरूरी नियमों के बारे में, जिन्हें हर किसान को अपनाना चाहिए.

बहराइच: खरीफ का सीजन आते ही यूपी में किसान अपने खेतों धान की नर्सरी  और फिर धान की रोपाई में जुट जाते है, लेकिन कहीं ना कहीं संपूर्ण जानकारी न होने की वजह से हमारे किसान भाई सही रोपाई न करने की वजह से उनकी पैदावार घट जाती है और अंत में उनका मुनाफा भी घट जाता है.  तो आईए जानते हैं क्या है रोपाई का सही तरीका कैसे करे धान की खेती. बहराइच के समृद्ध किसान से..

रोपाई को लेकर कुछ बेहद जरूरी और वैज्ञानिक बातें

रोपाई से पहले किसान भाइयों को अपने खेत को तैयार करने की जरूरत होती है. इसके लिए पानी से भरे खेत को ट्रैक्टर से लेवल करते हुए, खेत तैयार कर लेते हैं, खेत में पर्याप्त पानी भरकर अच्छी तरह लेव करने से जमीन  एकदम समतल हो जाती है.  ऐसा करने से पूरे खेत में पानी और खाद एक समान रूप से फैल जाती है. अक्सर किसान भाई एक बड़ी गलती कर बैठते हैं वे नर्सरी में पौधों को बहुत बड़ा हो जाने देते हैं. ऐसा नहीं करना है, रोपाई के लिए केवल 20 से 25 दिन पुरानी पौध ही सबसे उत्तम मानी जाती है. इस उम्र के पौधे सबसे स्वस्थ होते हैं और खेत में जाने के बाद सबसे ज्यादा कल्ले देते हैं.

इन बातों का भी रखें ध्यान

​साथ ही पौधों की दूरी और गहराई का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. कई बार किसान पौधों को मिट्टी में बहुत ज्यादा गहरा दबा देते हैं. जिससे कल्ले कम निकलते हैं, पौधों को हमेशा सिर्फ 2 से 3 सेंटीमीटर की गहराई पर ही रोपें, कतार से कतार की दूरी 20 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखें, और एक जगह पर 2 से 3 स्वस्थ पौधे ही एक साथ लगाएं. इन बातों का ध्यान रखें हमारे किसान भाई धान की अच्छे से रोपाई कर सकते हैं. और अगर फिर भी कुछ समझ में ना आए तो अपने किसान भाई जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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