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Health News: भीषण गर्मी की वजह से लोग एसी में रहना पसंद कर रहे हैं. अधिक समय तक एसी में रहना आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. यह बातें डॉ. रिद्धि पांडेय ने लोकल 18 से कही. उन्होंने कहा कि अगर आपकी आंखों से बार-बार पानी आ रहा है, आंखों में खुजली हो रही है और खुजली के साथ जलन है, तो सजग हो जाइए.

चंदौली: जुलाई का महीना शुरू होने के बावजूद कई इलाकों में गर्मी और उमस से लोगों को राहत नहीं मिल रही है. ऐसे में लोग लंबे समय तक एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, लगातार AC में रहने से आंखों में ड्राईनेस, खुजली और जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इस विषय पर होम्योपैथिक फिजिशियन डॉ. रिद्धि पांडेय ने Local18 से बातचीत में AC के असर, बचाव के उपाय और होम्योपैथिक उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

डॉ. रिद्धि पांडेय ने बताया कि AC का सीधा असर आंखों पर नहीं पड़ता, लेकिन यह कमरे की नमी को काफी हद तक कम कर देता है. जब वातावरण शुष्क हो जाता है, तो आंखों की प्राकृतिक नमी भी प्रभावित होती है. इसकी वजह से आंखों में ड्राईनेस, खुजली, जलन और असहजता महसूस होने लगती है. यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक लगातार AC वाले कमरे में रहता है, तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है.

उमस के मौसम में बढ़ जाती है परेशानी
उन्होंने बताया कि जुलाई में बारिश का मौसम होने के बावजूद कई जगहों पर उमस बनी रहती है. इसी कारण लोग AC का अधिक उपयोग करते हैं, लेकिन लगातार ठंडे और शुष्क वातावरण में रहने से आंखों की सतह पर नमी कम हो जाती है, जिससे आंखों में जलन, चुभन और सूखापन महसूस होने लगता है.

कंप्यूटर के साथ AC का कॉम्बिनेशन
डॉ. पांडेय ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करता है और साथ ही लगातार AC में रहता है, तो आंखों की ड्राईनेस की समस्या और बढ़ सकती है. हालांकि, AC का शरीर के अन्य सिस्टम पर कोई गंभीर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन आंखों की देखभाल जरूरी है.

इन उपायों से मिल सकती है राहत
आंखों में ड्राईनेस या जलन महसूस होने पर गुलाब जल का उपयोग किया जा सकता है. इसके अलावा बाजार में उपलब्ध लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स भी डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल किए जा सकते हैं. स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करने वाले लोगों को ब्लू-लाइट प्रोटेक्शन वाले विशेष चश्मे (स्पेशल ग्लासेज) का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है, जिससे आंखों पर पड़ने वाला दबाव कम किया जा सकता है.

होम्योपैथिक दवाएं भी हो सकती हैं फायदेमंद
डॉ. रिद्धि पांडेय ने बताया कि आंखों की समस्याओं के लिए कई प्रभावी होम्योपैथिक दवाएं भी उपलब्ध हैं. ये दवाएं मरीज के लक्षणों के अनुसार दी जाती हैं और सामान्य तौर पर इनके साइड इफेक्ट नहीं होते. यदि आंखों से अधिक पानी आ रहा हो या डिस्चार्ज की समस्या हो, तो यूफ्रेशिया (Euphrasia) और मैरिटिमा आई ड्रॉप्स जैसी होम्योपैथिक आई ड्रॉप्स उपयोगी हो सकती हैं. हालांकि, किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले योग्य होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर रहेगा.

विशेषज्ञ ने दी यह सलाह
यदि आंखों में लगातार ड्राईनेस, जलन, खुजली या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या बनी रहे, तो इसे नजर अंदाज न करें. समय रहते डॉक्टर से जांच कराना और आंखों की उचित देखभाल करना जरूरी है. साथ ही, AC का तापमान संतुलित रखें, पर्याप्त पानी पिएं और समय-समय पर आंखों को आराम दें, ताकि आंखें स्वस्थ बनी रहें.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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