दिग्गज एक्ट्रेस और पूर्व मॉडल कल्पना अय्यर ने आइटम सॉन्ग से अपनी पहचान बनाई, लेकिन उनके करियर की शुरुआत ब्यूटी पेजेंट से हुई. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने उधार के कपड़े लेकर ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया था. वो ये प्रतियोगिता भले ही नहीं जीती थीं लेकिन इसने उनकी किस्मत बदल दी थी. यहां से उनके लिए नए मौके खुले.
कल्पना अय्यर ने ब्यूटी पेजेंट से पहचान बनाई.
अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए कल्पना अय्यर ने इंस्टाग्राम पर कुछ विंटेज तस्वीरें शेयर कीं और एक ऐसा किस्सा बताया जिसे पढ़कर हर कोई दंग रह गया. बात नवंबर 1975 की है, जब मुंबई में ‘नेवी क्वीन ब्यूटी कॉन्टेस्ट’ का आयोजन हुआ था. कल्पना ने भी इसमें हिस्सा लेने का मन बनाया, लेकिन एक मिडिल-क्लास लड़की के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रतियोगिता के स्तर के महंगे और फैशनेबल कपड़े खरीदने का चैलेंज था.
कल्पना ने उस रात को किया याद
वो लिखती हैं, ‘उस समय मेरे पास ब्यूटी कॉन्टेस्ट में पहनने लायक कोई कीमती ड्रेस नहीं थी. मैंने हार मानने के बजाय एक रास्ता निकाला, एक दोस्त से उधार मांगी हुई साड़ी पहनी, किसी और से ब्लाउज लिया और पेटीकोट का इंतजाम किया. मेरे पास खुद का कहने के लिए अगर कुछ था, तो वह था मेरा अटूट आत्मविश्वास, आंखों में सजा काजल, होठों पर लिपस्टिक और मेरी कमर के नीचे तक लहराते लंबे बाल’.
कल्पना अय्यर ने शेयर की स्टोरी.
उधार के कपड़ों से चमकी किस्मत
जब उधार के कपड़ों में सजी कल्पना रैंप पर उतरीं, तो उनके आत्मविश्वास ने जजों का दिल जीत लिया. हालांकि वह विजेता का ताज नहीं पहन सकीं, लेकिन वह ‘फर्स्ट रनर-अप’ चुनी गईं. इसी रात उनकी मुलाकात एक ऐसी महिला मेंटोर से हुई, जिसने अगले तीन सालों में कल्पना के पूरे करियर की दिशा ही बदल दी.
मॉडलिंग से बनीं स्टार
नेवी क्वीन बनने के बाद कल्पना के लिए मॉडलिंग के दरवाजे अचानक खुल गए. उनका पहला बड़ा ब्रेक भी किसी फिल्मी कहानी जैसा था. दरअसल, एक बड़े फैशन शो से ऐन वक्त पर एक नामी मॉडल के हट जाने के कारण मेकर्स को तुरंत एक नए चेहरे की जरूरत थी. यह मौका कल्पना को मिला. उन्हें तुरंत दिल्ली भेजा गया, जहां फैशन के दिग्गजों ने उन्हें महज एक हफ्ते के अंदर वॉक और पोजिंग की कड़ी रिहर्सल कराई.
इसके बाद कल्पना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह हर बड़े डिजाइनर की पहली पसंद बन गईं. साल 1976 में उन्होंने ‘मिस टीनएज इंटरकांटिनेंटल’ प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां वे फाइनलिस्ट रहीं और ‘मोस्ट पॉपुलर कैंडिडेट’ का अवॉर्ड अपने नाम किया. लेकिन उनके करियर का सबसे ऐतिहासिक पल साल 1978 में आया, जब उन्होंने प्रतिष्ठित ‘मिस वर्ल्ड’ प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और दुनिया भर की सुंदरियों के बीच टॉप 15 प्रतिभागियों में जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें
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