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लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को सफेद रंग के फूल विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं. आक का फूल, धतूरे का फूल, कनेर का सफेद फूल, चमेली, जूही और बेला के फूल शिव पूजा में शुभ माने जाते हैं. इन फूलों को श्रद्धा और साफ मन से अर्पित करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं

ऋषिकेश: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना का सबसे पावन समय माना जाता है. इस पूरे महीने देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, भांग और विभिन्न प्रकार के फूल अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव को हर फूल अर्पित नहीं किया जाता. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ फूल ऐसे हैं जो शिवजी को अत्यंत प्रिय हैं, जबकि कुछ फूलों को चढ़ाने की मनाही बताई गई है. इसलिए सावन में पूजा करने से पहले यह जानना जरूरी है कि कौन से फूल भगवान शिव को अर्पित करने चाहिए और किनसे बचना चाहिए.

भगवान शिव को प्रिय माने जाते हैं ये फूल

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान ज्योतिषी अखिलेश पांडेय ने बताया कि धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को सफेद रंग के फूल विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं. आक का फूल, धतूरे का फूल, कनेर का सफेद फूल, चमेली, जूही और बेला के फूल शिव पूजा में शुभ माने जाते हैं. इन फूलों को श्रद्धा और साफ मन से अर्पित करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं, ऐसी मान्यता है. इसके अलावा शमी के पत्ते, बेलपत्र और धतूरा भी शिव आराधना का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं. यदि ताजे और सुगंधित फूल उपलब्ध हों तो उनका उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है.

इन फूलों को चढ़ाने से करें परहेज

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को केतकी का फूल अर्पित नहीं करना चाहिए. इसके पीछे एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा जुड़ी हुई है. कहा जाता है कि ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ था. उस समय केतकी के फूल ने झूठी गवाही दी थी, जिससे भगवान शिव क्रोधित हो गए और उन्होंने केतकी के फूल को अपनी पूजा में निषिद्ध कर दिया. इसी कारण आज भी शिवलिंग पर केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता.पूजा में कभी भी मुरझाए, टूटे हुए, गिरे हुए या बासी फूलों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. ऐसे फूल अर्पित करना शुभ नहीं माना जाता.

पूजा करते समय रखें इन बातों का ध्यान

भगवान शिव की पूजा केवल सामग्री से नहीं बल्कि सच्ची श्रद्धा और निर्मल भाव से पूरी होती है. फूल अर्पित करने से पहले उन्हें साफ पानी से धो लें और ध्यान रखें कि वे ताजे हों. शिवलिंग पर फूल चढ़ाते समय बेलपत्र की तीनों पत्तियां सही अवस्था में हों और उन पर कीड़े या कटाव न हो. पूजा के दौरान स्वच्छता, संयम और श्रद्धा का विशेष महत्व माना गया है. यदि किसी फूल को लेकर मन में संदेह हो तो उसकी जगह बेलपत्र, धतूरा या सफेद पुष्प अर्पित करना बेहतर माना जाता है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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