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होमताजा खबरकृषिफसलों में कैसे लगता है घोंघा रोग? कीटनाशक से भी छुटकारा नहीं, ये रहा इलाज

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Vegetable Crop Disease Rainy Season : मानसून की दस्तक के साथ सब्जी किसानों की चिंता बढ़ गई है. सब्जी की फसल में इन दिनों घोंघा रोग तेजी से फैलता है. इस बीमारी का संचार बरसात के मौसम में उस समय तेजी से होता है, जब दूसरे खेत का पानी सब्जी वाले खेत में आता है. कई बार किसान रासायनिक दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह बीमारी आसानी से खत्म नहीं होती. सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी और प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से बताते हैं कि इसके कीट दवाइयों का छिड़काव करने पर भी आसानी से मरते नहीं हैं. इसे खत्म करने का देसी तरीका नमक का प्रयोग है.

सहारनपुर. बरसात का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में कई तरह की बीमारियां फसलों को बर्बाद करती हैं. सब्जी की फसल में इन दिनों घोंघा बीमारी तेजी से फैलती है. इसे किसान अलग-अलग नामों से भी जानते हैं. यह बीमारी एक खेत से दूसरे खेत में आती है. इसका संचार बरसात के मौसम में उस समय तेजी से होता है, जब दूसरे खेत का पानी सब्जी वाले खेत में आता है. इसके कीट जमीन में पड़े होते हैं और पत्तेदार सब्जियों को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं. इसके कीट पत्तों का रस चूस कर उसे खराब कर देते हैं. समय पर उपाय नहीं करने पर ये रोग फसलों में तेजी से फैलता है. कई बार किसान रासायनिक दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह बीमारी आसानी से खत्म नहीं होती. आज हम बताएंगे बिना रासायनिक दवाइयों के भी इस बीमारी को कैसे रोका जा सकता है.

नहीं मिलती अच्छी कीमत

सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी और प्रोफेसर डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से बताते हैं कि बरसात के मौसम में सब्जियों की फसल में घोंघा बीमारी तेजी से फैलती है. यह उन खेतों में ज्यादा लगती है, जिनमें बारिश के कारण दूसरे खेतों का पानी बहकर आता है. इसके कीट पत्तियों का रस चूसते हैं. ये कीट दवाइयों का छिड़काव करने पर भी आसानी से मरते नहीं हैं. ऐसी पत्तेदार सब्जियां जब उपभोक्ता तक जाती हैं, तो उसे बहुत ही कम लोग खरीदते हैं. दाम भी ज्यादा नहीं मिलते हैं. इसलिए इससे छुटकारा पाना बेहद जरूरी है.

खेत में नमी का होना जरूरी

डॉ. कुशवाहा बताते हैं कि इसे खत्म करने का देसी तरीका नमक का प्रयोग है. 100 लीटर पानी में 200 से 300 ग्राम नमक डालकर छिड़काव कर दें. छिड़काव शाम को करें. ज्यादा धूप निकलने पर छिड़काव नहीं करना है. पत्तेदार सब्जियों में इसका छिड़काव कम करें. अगर पत्तों पर यह कीट आ गया है तभी पत्तों पर छिड़काव करें, अन्यथा छिड़काव जमीन पर करें. अगर आप नमक के घोल का इस्तेमाल छिड़काव के रूप में नहीं करना चाहते तो सिंचाई के रूप में भी कर सकते हैं. छिड़काव के समय खेत में नमी का होना जरूरी है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

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