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अयोध्या : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार बड़ा होता जा रहा है. हर दिन नए बड़े खुलासे हो रहे हैं. कभी किसी शहर का कनेक्शन सामने आ जाता है तो कभी नए लोगों का. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की टीम लगातार गहन जांच कर रही है. कल देर रात तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से पूछताछ हुई. यहां तक कि इन्हें लवकुश मिश्रा के घर नाका चुंगी लेकर गई और शिनाख्त कराई गई. वही, यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने श्रद्धालुओं से धन एकत्र करने के लिए फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया था. इस मामले से जुड़े हर पल के अपडेट्स जानने के पढ़ते रहिए न्यूज 18 का यह लाइव ब्लॉग.

दान चोरी के लिए कैसे जिम्मेदार हैं अनिल मिश्रा?

आपको बता दे की एसआईटी की रिपोर्ट में दान को एकत्रित करने, उसकी काउंटिंग करने और उसे बैंक में जमा करने में जिन गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है, उसके लिए अनिल मिश्रा ही जिम्मेदार नजर आ रहे हैं. एसआईटी की जांच में पता चला है कि अनिल मिश्रा मंदिर के वित्तीय मामलों और नकद राशि के संकलन के प्रबंधन कार्य की देखरेख करते थे. मंदिर में दान की गणना की प्रक्रिया को तय नियमों के अनुसार कराने की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की ही थी. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर दान की गणना के जो नियम तय किए गए थे, उसमें ट्रस्ट की ओर से प्रतिनिधि अनिल मिश्रा थे. गणना प्रक्रिया की पुख्ता व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की थी.

राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की उठी मांग, पंडित कल्कि राम ने PM मोदी को लिखा पत्र

रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित कल्कि राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है. उन्होंने कहा कि मंदिर के संचालन और प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए ट्रस्ट का पुनर्गठन जरूरी है. पत्र में मंदिर आंदोलन से जुड़े संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो. कल्कि राम ने दावा किया कि वह पिछले 15 वर्षों से रामलला के नियमित दर्शनार्थी हैं और 14 जनवरी 2014 से शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े रहे हैं.

PM-CM दें जवाब, बड़े लोगों की भी हो जांच… सपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा 

अयोध्या पहुंचे श्रावस्ती से सपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी बेहद गंभीर मामला है और चढ़ावे का पैसा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है. वर्मा ने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार चोरी रोकने में विफल रही और दावा किया कि 45 दिनों में 70-72 बार चोरी की घटनाएं हुईं. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, बड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए.

पुलिस और एसआईटी की रडार पर अनिल मिश्रा!

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटी की चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा पर पुलिस और एसआईटी का शिकंजा कसने की संभावना है. एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. सूत्र बताते हैं कि अनिल मिश्रा के बारे में एसआईटी को कई मजबूत एविडेंस मिले हैं. एसआईटी की जांच में 5 ऐसे इंपोर्टेंट फैक्ट सामने आए हैं, जिनके कारण दान चोरी के इस बड़े मामले में शक की सुई ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा की तरफ जा रही है. पूरी खबर यहां पढ़ें

Ram Mandir Chori News : ‘चंपत राय स्वस्थ हैं, इस्तीफे को लेकर कोई नाराजगी नहीं’, बोले राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी

Ram Mandir Donation Theft: चार दिन के अयोध्या प्रवास के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी अयोध्या से रवाना हो गए. रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ हैं और इस्तीफे को लेकर उनके मन में कोई नाराज़गी या आक्रोश नहीं है. उन्होंने बताया कि अयोध्या के संत ट्रस्ट के फैसलों से संतुष्ट हैं. साथ ही पूजा व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया गया है. चढ़ावे की गिनती व्यवस्था का निरीक्षण भी किया गया है और भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं.

अनुकल्प ने सराफा कारोबारी से 900 ग्राम सोना गलवाया

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अमुसार, अनुकल्प के पिता रवींद्र मिश्र व चाचा रामेंद्र मिश्र सहित एक सराफा कारोबारी विजय कौशल को भी बुलाकर पूछताछ की है. अनुकल्प दान के आभूषण चुराकर गलाने के लिए दे देता था और इसके बदले में वह रुपये ले लेता था, जिससे संपत्तियां खरीद रहा था. अनुकल्प ने बताया कि उसने सराफा कारोबारी से 900 ग्राम सोना गलवाया था. आज पुलिस नकदी व आभूषण बरामद कर सकती है.

राम मंदिर दान चोरी : धन एकत्र करने के लिए फर्जी रसीदों का इस्तेमाल

Ram Mandir Donation Theft : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों ने श्रद्धालुओं से धन एकत्र करने के लिए फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया था. पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, जब एक स्थानीय अदालत ने उनकी हिरासत को मंजूरी दी. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने एक पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद की, जो ट्रस्ट की पुरानी दान रसीदों जैसी दिखती है. तीनों आरोपियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने और एक अन्य आरोपी टिन्नू यादव ने शुरुआत में मंदिर में दान देने के इच्छुक श्रद्धालुओं से धन एकत्र करने के लिए इन फर्जी रसीदों का इस्तेमाल किया था.

Ram Mandir Chori News :  रसीदें असली रसीदों से काफी मिलती-जुलती

अयोध्या राम मंदिर : पुलिस ने बताया कि रसीदें असली रसीदों से काफी मिलती-जुलती थीं और उन पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लोगो भी था, जिससे श्रद्धालुओं के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल था. आरोप है कि ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन रसीद प्रणाली शुरू किए जाने के बाद उन्होंने इस रसीद बुक का इस्तेमाल बंद कर दिया. एक सप्ताह पहले पुलिस ने अयोध्या के एक योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ नाम का एक दान पात्र जब्त किया था, जिस पर भुगतान के लिए सक्रिय क्यूआर कोड लगा हुआ था.

राम मंदिर दान चोरी :  यहां भी हो रही तलाशी

Ram Mandir Donation Theft : आरोप है कि मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला पिछले 10 वर्ष से उसी योग केंद्र में रह रहा था. जांच के तहत पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के जौरा क्षेत्र में भी ले गई. जांचकर्ताओं को संदेह है कि वहां चोरी की गई नकदी की गिनती करके उसका बंटवारा किया जाता था. पुलिस ने अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में छापेमारी करते हुए अनुकल्प मिश्रा के रिश्तेदारों से जुड़े परिसरों, एक सर्राफा व्यापारी और इनायतनगर के एक भवन निर्माण सामग्री कारोबारी के यहां तलाशी ली.

Ram Mandir Daan Chori Live : अबतक कितने गिरफ्तार? 

Ram Mandir Chori News : सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि आरोपियों द्वारा कथित रूप से खरीदी गईं संपत्तियों या सामान के भुगतान नकद किए गए थे या डिजिटल माध्यम से. इसके अलावा, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े खर्चों से जुड़े बिलों और वाउचरों की भी जांच शुरू कर दी है. कथित चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एसआईटी की प्रारंभिक जांच के दौरान 40 दिन की अवधि में चोरी की करीब 70 संदिग्ध घटनाओं के बारे में पता चला है. एसआईटी आरोपियों की भूमिका के साथ-साथ मंदिर की दान राशि गिनने की व्यवस्था में कथित प्रक्रियागत और सुरक्षा संबंधी गड़बड़ियों की भी जांच कर रही है.

Ram Mandir Chori News : लवकुश मिश्रा के घर पर क्या राज छिपा?

Ram Mandir Donation Theft : राम मंदिर दान चोरी मामले में अयोध्या पुलिस तीनों आरोपियों को शिनाख्त के लिए नाका चुंगी लेकर पहुंची. शिनाख्त के बाद उन्हें वापस पुलिस लाइन लाया गया. इससे पहले देर रात पुलिस आरोपियों को लवकुश मिश्रा के घर भी ले गई थी. पुलिस लाइन में पूरी रात अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से पूछताछ की गई.

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