दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को Zee5 से हटाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिकाकर्ता ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया.
सतलुज मूवी
अब ‘सतलुज’ को लेकर मोहाली के सरवन सिंह ने जनहित याचिका दायर की है. याचिकाकर्ता का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, ऐसे में इस फिल्म को हटाया जाना सीधे तौर पर इस संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन है. इस याचिका पर हाईकोर्ट आने वाले एक दो दिनों में सुनवाई कर सकता है.
पहले भी कोर्ट जा चुकी सतलुज
बता दें कि ‘सतलुज’ पहले भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है. यह फिल्म करीब चार साल तक रिलीज का इंतजार करती रही. पहले इसका नाम ‘पंजाब 95’ था. सेंसर बोर्ड ने फिल्म के नाम और कई दृश्यों में बदलाव के सुझाव दिए थे, जिसके बाद मेकर्स ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया. अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद फिल्म को दोबारा प्रमाणन के लिए सेंसर बोर्ड के पास भेजा. हालांकि, इस बार बोर्ड ने 21 की जगह 127 कट्स सुझा दिए, जिससे फिल्म की रिलीज और टल गई. आखिरकार फिल्म हाल ही में Zee5 पर रिलीज हुई, लेकिन 48 घंटे के भीतर ही इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया.
बैन पर क्या बोले थे दिलजीत दोसांझ
दिलजीत दोसांझ ने फिल्म के बैन होने पर इंस्टाग्राम लाइव आकर रिएक्ट किया था. उन्होंने बताया था कि उन्हें इस बात का आभास था कि फिल्म के साथ कुछ ऐसा हो सकता है. इसलिए वह प्रचार से भी कतरा रहे थे. लेकिन वह हर हाल में पंजाब के साथ है. ऑनलाइन कोई चीज आ जाती है तो इसे कोई नहीं हटा सकता है.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें
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