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- Delhi Govt Approves Guest House; Former CM Kejriwals Residence To Be Converted
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केजरीवाल 2015 से 2024 तक दिल्ली सीएम थे। इस दौरान वे 6 फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले में रहे। यही सीएम आवास था।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास रहे सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले को राज्य सरकार स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है।
बंगला नंबर-6 को अन्य राज्य अतिथि गृहों की तरह विकसित किया जाएगा। यहां बाहर से आने वाले मंत्री और सरकारी अधिकारी ठहरेंगे। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा।
प्रस्ताव में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी हायर लेवल से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
फिलहाल खाली है बंगला, देखरेख में 10 कर्मचारी लगे
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री का यह आवास फिलहाल खाली पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं, जो रोजाना साफ-सफाई के साथ रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर समेत अन्य उपकरणों का रखरखाव करते हैं। केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। भाजपा ने इसके महंगे और आलीशान रेनोवेशन को लेकर इसे ‘शीशमहल’ नाम दिया था।
केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें…
घर में 19.5 लाख कीमत की स्मार्ट एलईडी लाइट्स लगाई गईं।
घर में डेकोरेशन के लिए महंगे झूमर लगाए गए।
घर में इम्पोर्टेड सामान रखा गया।
काले रंग की मसाज कुर्सियों की कीमत 4 लाख रुपए है।
जिम और स्पा के इक्विपमेंट में करीब 35 लाख रुपए खर्च किए गए।
CM आवास में स्पा के लिए अलग से कमरा बनाया गया।
मकान में 1.9 करोड़ रुपए कीमत से मार्बल ग्रेनाइट लगाया गया।
बाथरूम में काफी महंगा जकूजी (बाथटब) लगाया गया है।
CAG की रिपोर्ट- बंगले में 18.88 करोड़ रुपए का महंगा इंटीरियर
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए।
2022 से चल रही केजरीवाल के बंगले पर खर्च की जांच
2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने बंगले के रेनोवेशन अनियमितताओं और लागत बढ़ने के आरोपों की जांच शुरू की थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह जांच तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें रेनोवेशन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।
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