युवा किसान ने बताया, किसी भी फसल की बुवाई से पहले बीजों का उपचार करना जरूरी होता है, ताकि बीज मजबूत बनें और फसल की शुरुआती वृद्धि बेहतर हो सके. इस प्रक्रिया के लिए सबसे पहले एक बाल्टी में ताजा गौमूत्र लिया जाता है. इसमें करीब 5 किलो ताजा गोबर और 5 से 7 लीटर गौमूत्र मिलाया जाता है. इसके बाद इस मिश्रण को कपड़े की थैली में बांधकर बाल्टी में लटकाया जाता है, जिससे रातभर में उसका सारा रस अच्छी तरह घुल जाता है. दूसरी ओर एक अलग बाल्टी में चूने का पानी तैयार किया जाता है.
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