संजय कुमार वर्मा ने यह भी बताया कि खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण योजना के तहत, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और राज्य खादी बोर्ड (केवीआईबी) द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, ताकि कारीगरों और उद्यमियों के कौशल में सुधार किया जा सके और उन्हें ग्रामोद्योगों को स्थापित करने और विकसित करने में मदद मिल सके. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों में कारीगरों और उद्यमियों को कौशल प्रदान करता है, ताकि वे बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद बना सकें.
मथुरा: उत्तर प्रदेश सरकार रोजगार परख युवाओं के लिए ऋण योजना लेकर आई है. साथ ही ऐसी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे युवाओं का स्किल डेवलपमेंट किया जा सके. स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ उन्हें रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जा सके. उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा भी ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जो लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध करा रही हैं. आईए, जानते हैं कि ऐसी कौन-कौन सी योजनाएं हैं, जो युवक प्रशिक्षण लेकर इन रोजगार को शुरू कर सकते हैं.
प्रशिक्षण लेने वाले लोगों को 3750 रूपये दी जा रही स्कॉलरशिप
उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा विभिन्न योजनाओं द्वारा लोगों को लवांवित किया जा रहा है. विभाग के द्वारा लगातार लोगों को कौशल प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं, जो व्यक्ति जिस व्यापार को शुरू करना चाहता है. उसे उसी तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. सिलाई कढ़ाई से लेकर ब्यूटीशियन, हवाई या अन्य प्रतिष्ठानों में अपनी रुचि रखते हों. खादी ग्रामोद्योग में प्रशिक्षण और इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किस तरह से आवेदन करना होगा.
गांव अडिंग में स्थापित मंडल ग्राम उद्योग प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य संजय कुमार वर्मा से लोकल 18 की टीम ने विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी की, तो उन्होंने कई योजनाओं के बारे में बताया. संजय कुमार वर्मा ने बताया कि खादी ग्राम उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिस व्यक्ति को जो प्रतिष्ठान खोलने में रुचि है, उसे उसी तरह का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण 15 दिवसीय होता है. 3750 स्कॉलरशिप के रूप में दिए जाते हैं. 10 बजे से लेकर 5 बजे तक क्लास संचालित की जाती हैं. हर दिन उन्हें कुछ नया सिखाया जाता है. स्किल डेवलपमेंट कैसे किया जाए उन्हें सभी जानकारी दी जाती हैं. कोई व्यक्ति अगर ट्रेनिंग लेना चाहता है तो वह जिला खादी ग्रामोद्योग कार्यालय जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकता है. जिसमें आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक बैंक पासबुक की प्रतिलिपि जमा करनी होगी.
रोजगार स्थापित करने के लिए मिल रहा ऋण
संजय कुमार वर्मा ने यह भी बताया कि खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण योजना के तहत, खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और राज्य खादी बोर्ड (केवीआईबी) द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, ताकि कारीगरों और उद्यमियों के कौशल में सुधार किया जा सके और उन्हें ग्रामोद्योगों को स्थापित करने और विकसित करने में मदद मिल सके. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों में कारीगरों और उद्यमियों को कौशल प्रदान करता है, ताकि वे बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद बना सकें. प्रशिक्षण के माध्यम से, लाभार्थियों को उत्पादन प्रक्रिया से लेकर बिक्री तक की विस्तृत जानकारी दी जाती है, ताकि वे आसानी से अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें. केवीआईसी और राज्य खादी बोर्ड लाभार्थियों को अनुदान, सब्सिडी और ऋण के रूप में वित्तीय सहायता भी प्रदान करते हैं.
15 दिवसीय मिलेगा प्रशिक्षण
कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि लाभार्थी अपने कौशल में विकास करें, अपना रोजगार स्थापित करें, और आत्मनिर्भर बनें. केवीआईसी या राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीआईबी) के साथ पंजीकृत खादी संस्थान (केआई) और खादी कारीगर. कोई भी व्यक्ति अपने शहर के जिला खादी उद्योग कार्यालय जाकर आवेदन कर सकता है. अपने नजदीकी केवीआईसी के राज्य/मंडलीय कार्यालय से संपर्क करें या kvic.gov.in पर जाएं. ऑनलाइन अपना रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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