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बलिया: जिले के एक गांव में इन दिनों ऐसा नज़ारा देखने को मिल रहा है, जिसने हर किसी की हैरानी को बढ़ा दिया है. चिलकहर ब्लॉक के नरावं गांव में एक हरा-भरा महुआ का पेड़ पिछले छह दिनों से अंदर ही अंदर सुलग रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि, बारिश के बावजूद आग बुझ नहीं रही है, पेड़ से धुआं भी नजर नहीं आ रहा और तना लगातार तपता हुआ दिखाई दे रहा है. इस अनोखी घटना की खबर फैलते ही दूर-दूर से लोग पेड़ को देखने पहुंच रहे हैं.

कोई इसे प्रकृति का रहस्य बता रहा है, तो कोई चमत्कार मान रहा है. आखिर इस जलते पेड़ का सच क्या है? ग्राउंड जीरो से तस्वीर दिखाने के लिए जब मौके लोकल18 की टीम पहुंची, तो नजारा हैरान करने वाला था. पेड़ के नीचे लोग एक लाल कपड़ा, पांच ईट और कुछ पैसे रखकर पूजा पाठ शुरू कर दिए हैं. यहां तक कि अब यहां मंदिर बनाने की चर्चा भी तेज हो गई है.

पेड़ में रुक रुक कर लग रहा आग

पूर्व सैनिक संघ चलकर के अध्यक्ष महात्मा सिंह ने कहा कि, इनकी मासिक बैठक थी, तो सोशल मीडिया के द्वारा तीन-चार दिनों से पेड़ में आग लगने की खबर मिल रही थी, तो उन्होंने सोचा कि चलकर वहां देखा जाए की सच्चाई क्या है? यहां आने के बाद स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पेड़ में रुक-रुक कर आग लग रहा है. लेकिन धुआं नहीं उठा रहा है. गैस के लौ की तरह जल रहा है. यह लोग सनातन धर्म के अनुयाई हैं, अपने आप पेड़ में अग्नि प्रज्वलित होना, कोई न कोई तो दैवीय शक्ति है. यहां लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है. लोगों ने सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया है.

महुआ के पेड़ की आग कर रही आश्चर्य चकित

स्थानीय अवधेश पांडेय ने तो यहां त्रिशूल लाकर के ही स्थापित कर दिया और अब इस चमत्कार के चलते लोग इसे महुआ बाबा मान रहे हैं. क्योंकि यह महुआ के पेड़ पर चमत्कार हो रहा है. यह देखकर के हर कोई आश्चर्यचकित है की अपरूपी आग कैसे लग रही है?. हालांकि, यह केमिकल, प्रकृति या वैज्ञानिक रीजन भी हो सकता है. लेकिन पांडेय जी इसे चमत्कार मांग रहे हैं. उनका कहना है कि, वैज्ञानिक सर्च होगा तो जो सच्चाई आएगी, उसे माना जाएगा.

भीम पांडेय ने कहा कि, यह महुआ बाबा है. उन्होंने कहा कि आखिर क्या फायदा है, कोई पेड़ पर क्यों आग लगाएगा? अपने आप आग क्यों लग रही है?. यह एक चमत्कार ही है. लेकिन बिजली भी गिर जाती है, उसमें भी लोगों को नुकसान होता है, तो क्या यह भी चमत्कार है? केशव कुमार ने कहा कि, इसे चमत्कार ही माना जा सकता है. जांच होने के बाद क्या सच्चाई सामने आएगी, यह अलग बात है. लेकिन वह हिंदू है, तो इसे चमत्कार ही मान रहे हैं. यहां लोग पैसा भी चढ़ा रहे हैं, क्योंकि आस्था है. अखिलेश सिंह ने कहा कि, आस्था के अनुसार तो यह चमत्कार ही है. भले वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जो भी हो. इसमें केमीकली, प्रकृति, वैज्ञानिक या देवी शक्ति भी हो सकती है.

पूजा करने लगे स्थानीय

दावे के साथ कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. कुरेजी से दर्शन करने आई मनकिया ने कहा कि, इनको सूचना मिली थी कि पेड़ में आग लगी है, तो उसी को देखने आई थी. हाथ जोड़कर के प्रार्थना करते हुए नजर आ रही थी. उन्होंने कहा कि, लग रहा है कि कुछ शक्ति है. नरांव गांव निवासी भगवान पांडेय ने बताया कि, इस महुआ के पेड़ में ऑटोमेटिक 5 से 6 दिनों से आग लग रहा है. अब यहां पूरा गांव के लोग मिलकर के कीर्तन कराने जा रहे हैं. बाकायदा टेंट और डीजे लग गया है. उन्होंने कहा कि, महुआ पर प्रकट हुए हैं, इसलिए इनका नाम महुआ बाबा रखा गया है. तब तक पीछे से अरुण पांडेय ने कहा कि, 200 साल पहले यहां धर्मदेव पांडेय नाम के महान संत यहीं पर रहते थे, जो इनके खानदान के थे. हालांकि, यह एक वैज्ञानिक शोध का विषय है, इसी पर चर्चा वाजिब है.

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