कुछ पल इतने खास होते हैं कि घड़ी की सुई की नोक की तरह आते हैं. एक पल के लिए आते हैं और फिर चले जाते हैं. बस अपने पीछे यादें छोड़ जाते हैं. ऐसा ही एक दुर्लभ पल तब आया जब हिंदी सिनेमा के चार दिग्गज गायक एक ही फोटो फ्रेम में नजर आए. चारों एक साथ गाने की रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो में आए थे. उन्हें साथ लाने वाली संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की थी. गायकी के सरताज मोहम्मद रफी, स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर, मार्मिकता-दर्द की महान आवाज मुकेश और ऊर्जा-उत्साह से भरे गाने के खिलाड़ी किशोर कुमार ने एक साथ एक ही गाने में अपनी आवाजें दी थीं. गाना तो सुपरहिट रहा ही, फिल्म भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई. वो गाना कौन सा था और वो फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं……
साल था 1977. जून का महीना शुरू होने में सिर्फ पांच दिन बचे थे. 27 मई को गर्मी की तपिश के बीच एक फिल्म रिलीज हुई. यह एक मल्टी स्टारर फिल्म थी जिसमें एक्शन, ट्रेजडी, कॉमेडी, भगवान का चमत्कार सबकुछ था. इस फिल्म का एक गाना आज भी सुपरहिट है. प्यार का इजहार करने के लिए प्रेमी इस सुपरहिट गाने का सहारा लेते हैं. इस दुर्लभ गाने हिंदी सिनेमा के चार दिग्गज गायकों लता मंगेशकर, मुकेश, किशोर कुमार और मोहम्मद रफी ने गाया था. फिल्म भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई. नाम था : अमर अकबर एंथोनी. वो दुर्लभ गाना था : हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें.
मनमोहन देसाई को अमर अकबर एंथोनी फिल्म बनाने का आइडिया एक अखबार में छपी खबर से आया था. खबर के मुताबिक, एक शराबी व्यक्ति जैक्शन अपनी जिंदगी से तंग आकर तीन बच्चों को पार्क में छोड़कर चला गया था. उन्होंने अपने दोस्त प्रयागराज को खबर बताई और फिर मिलकर एक ऐसी स्टोरी लिखी जिस पर बनी फिल्म ने इतिहास रच दिया.
फिल्म में विनोद खन्ना, ऋषि कपूर, अमिताभ बच्चन, नीतू सिंह, परवीन बॉबी, शबाना आजमी, निरूपा रॉय और प्राण लीड रोल में थे. डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. स्टोरी का क्रेडिट मनमोहन देसाई की पत्नी जीवनप्रभा देसाई और प्रभा शर्मा को दिया गया था. ‘अमर अकबर एंथोनी’ एक मसाला फिल्म थी. मनमोहन देसाई ने फिल्म का डायरेक्शन किया था. फिल्म ‘खोया-पाया’ फॉर्मूला पर बेस्ड थी. यह पहला मौका था जब अमिताम बच्चन ने मनमोहन देसाई के साथ काम किया. बतौर प्रोड्यूसर यह मनमोहन देसाई की पहली फिल्म थी.
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फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा था जिसे म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने कंपोज किया था. फिल्म के गाने आज कल्ट क्लासिक माने जाते हैं. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म में कुल 7 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिर भी दो गाने ‘हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें’ और ‘शिर्डी वाले साईं बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली’ आज भी पॉप्युलर हैं. गाना राग बिलावल पर आधारित था.
फिल्म की एक कव्वाली ‘पर्दा है पर्दा’ भी खूब फेमस हुई. ‘हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें’ गाने को लता मंगेशकर, मुकेश, मोहम्मद रफी और किशोर कुमार ने गाया था. किशोर कुमार ने अमिताभ बच्चन, मुकेश ने विनोद खन्ना, ऋषि कपूर ने मोहम्मद रफी के लिए प्लेबैक सिंगिंग की थी. लता मंगेशकर ने परवीन बॉबी, नीतू सिंह और शबाना आजमी के लिए प्लेबैक सिंगिंग की थी.
‘अमर अकबर एंथोनी’ से पहले ‘वक्त’ और ‘यादों की बारात’ में भी ‘खोया-पाया’ का फॉर्मूला था. मनमोहन देसाई फिल्म में आम आदमी को ही हीरो के तौर पर पेश करते थे, इसलिए लोग मूवी से जुड़ जाते थे. ‘अमर अकबर एंथोनी’ में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला था.
मनमोहन देसाई ने इन फिल्मों में सिर्फ इमोशंस पर जोर दिया. वैसे भी वो किसी लॉजिक को नहीं मानते थे. अमर अकबर एंथोनी के कई सीन लॉजिकली सही नहीं थे. फिल्म में विनोद खन्ना, अमिताभ बच्चन और ऋषि कपूर अपनी मां को खून देते हैं. तीनों का खून एक बोतल में, फिर बोतल से माता श्री को जा रहा था. वैसे ये मेडिकली सही नहीं था. गलत था लेकिन जब थिएटर्स पर वो सीन आया, तो हल्ला मच गया. दर्शक रोमांचित हो उठे.
‘अमर अकबर एंथोनी’ का बजट करीब 1.2 करोड़ रुपये था. फिल्म ने 15 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. 1977 में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. 1977 में मनमोहन देसाई की चार फिल्में ‘धरम-वीर’, ‘परवरिश’, ‘चाचा-भतीजा’ और ‘अमर अकबर एंथोनी’ रिलीज हुई थीं. हर फिल्म सफल रही थी.
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