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    <strong>Sheetala Mata Vrat Date 2026: </strong>जुलाई में पड़ने वाली शीतला अष्टमी का व्रत सामान्य बासोड़ा यानी होली के बाद जितना बड़ा नहीं होता, लेकिन इस दिन माता शीतला के निमित्त ठंडे भोग का विधान माना जाता है। शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी, जिसे बासोड़ा भी कहा जाता है का पर्व जुलाई 2026 में मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर शीतला सप्तमी तथा बुधवार, 8 जुलाई 2026 को कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी मनाई जाएगी।<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/hindu-religion/why-chaturmas-begins-on-devshayani-ekadashi-126070200005_1.html" target="_blank">देवशयनी एकादशी से चातुर्मास क्यों शुरू होता है? जानें धार्मिक मान्यता और आध्यात्मिक महत्व</a></strong>

     

    यदि आप जुलाई 2026 की शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम, धार्मिक महत्व और बसौड़ा परंपरा के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

     

    <strong>महत्व : </strong>हिंदू धर्म में शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली और आरोग्य प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि माता शीतला की आराधना करने से परिवार को संक्रामक रोगों, महामारी और अन्य शारीरिक कष्टों से सुरक्षा प्राप्त होती है। भारत के कई राज्यों, विशेषकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली में शीतला माता की विशेष श्रद्धा के साथ पूजा की जाती है।

     

    आमतौर पर चैत्र कृष्ण पक्ष की शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी अधिक प्रसिद्ध हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में आषाढ़ मास की शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शीतला माता के मंदिरों में दर्शन करते हैं और माता को एक दिन पहले तैयार किया गया ठंडा भोजन यानी बसौड़ा अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता और माता को ठंडे व्यंजन का भोग लगाया जाता है।

     
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    शीतला माता पूजा की तिथि: </h3>

    <strong>7 जुलाई, मंगलवार को कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर्व।</strong>

    <strong>कृष्ण सप्तमी का आरम्भ: 06 जुलाई को 01:47 पी एम से</strong>

    <strong>आषाढ़ कृष्ण पक्ष सप्तमी का अन्त- 7 जुलाई 2026 को 01:24 पी एम तक</strong>

     

    <strong>बुधवार, 8 जुलाई 2026 को कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर्व</strong>

    <strong>अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 7 जुलाई 2026 को रात 01:24 बजे से</strong>

    <strong>अष्टमी तिथि की समाप्ति: 8 जुलाई 2026 को रात 12:21 बजे होगी। </strong>

     

    <strong>मासिक कृष्ण जन्माष्टमी समय: 1</strong>2:06 ए एम से 08 जुलाई को 12:46 ए एम तक।

    कुल अवधि 00 घण्टे 40 मिनट्स

     

    इस पर्व की मुख्य परंपरा के अनुसार इस त्योहार में मुख्य रूप से शीतला माता की पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार, अष्टमी के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है। श्रद्धालु सप्तमी की रात को ही भोजन- जैसे मीठे चावल, पूड़ी, राबड़ी आदि) तैयार कर लेते हैं और अगले दिन अष्टमी को माता को इसी ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है, जिसे &#039;बासोड़ा&#039; या &#039;बासी भोजन&#039; कहते हैं। 

     

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से माता शीतला प्रसन्न होती हैं और परिवार को चेचक, खसरा और मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखती हैं।

     

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