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Agriculture News: मऊ के चन्द्रभानपुर स्थित राजकीय अलंकृत उद्यान में इजरायली तकनीक से सब्जियों के रोगमुक्त और स्वस्थ पौधे तैयार किए जा रहे हैं. उद्यान विभाग के अरुण कुमार यादव के अनुसार, जो पौधे बाहर बाजार में 10 से 15 रुपये में मिलते हैं, वे यहां किसानों को महज ₹1.40 से ₹2.70 तक में मिल जाएंगे. इसके लिए किसानों को पंजीकरण कराना होगा.

मऊ: यदि आप किसान हैं और सब्जियों की खेती करते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है. आमतौर पर जब किसान बाहर नर्सरी से सब्जियों के पौधे खरीदकर लगाते हैं, तो एक पौधा 10 से 15 रुपये का पड़ता है. इससे खेती की लागत काफी बढ़ जाती है. लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. मऊ जिले के उद्यान विभाग द्वारा तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले पौधे आपको मात्र ₹1.40 से लेकर ₹2.70 पैसे तक में मिल सकते हैं. मऊ के चन्द्रभानपुर स्थित राजकीय अलंकृत उद्यान (मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में आधुनिक इजरायली तकनीक से ये स्वस्थ और रोगमुक्त पौधे तैयार किए जा रहे हैं, ताकि जिले में अच्छी खेती को बढ़ावा दिया जा सके.

किस पौधे की क्या है कीमत?
उद्यान विभाग के अरुण कुमार यादव ने बताया कि कद्दूवर्गीय यानी बेल वाली सब्जियों के पौधे 25 से 28 दिन में और अन्य सब्जियों के पौधे 30 से 32 दिन में तैयार हो जाते हैं. टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी सोलानेसियस और क्रूसीफेरी वर्ग की सब्जियों के पौधों के लिए किसानों को सिर्फ ₹2 प्रति पौधे की दर से बुकिंग करानी होगी, जबकि विभाग के बीज से तैयार होने वाले पौधों की दर ₹1.75 प्रति पौधा तय की गई है. इसी तरह करेला, लौकी, कद्दू, खरबूजा, तरबूज और तोरई जैसी लतावर्गीय सब्जियों के पौधे अगर विभाग के बीज से तैयार होते हैं, तो ₹2.70 प्रति पौधा मिलेंगे, लेकिन यदि किसान अपना खुद का बीज लाकर देता है, तो पौधा मात्र ₹1.40 प्रति पौधे की दर से तैयार करके दिया जाएगा.

गुणवत्ता वाले पौधों से बढ़ेगी आमदनी
किसान आने वाले मौसम में संकर (हाइब्रिड) सब्जियों की खेती के लिए समय से बीज देकर अपनी बुकिंग पक्की करा सकते हैं. इस आधुनिक तकनीक से तैयार पौधों की खासियत यह होती है कि इनमें बीमारियां नहीं लगतीं और बहुत जल्दी फल आने शुरू हो जाते हैं. इसके साथ ही एक हेक्टेयर में ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे कुल पैदावार बढ़ती है और किसानों की कमाई में इजाफा होता है. विभाग किसानों की मांग के हिसाब से पूरे साल अलग-अलग समय पर ये पौधे तैयार करके दे सकता है.

पौधे लेने के लिए आधार कार्ड है जरूरी
अगर आप भी इस सरकारी सुविधा का लाभ उठाकर अपनी खेती की लागत कम करना चाहते हैं, तो मऊ उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. इन पौधों को लेने और अपनी बुकिंग कराने के लिए आपको अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा और वहां पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. बाजार से बेहद सस्ते और रोगमुक्त पौधे मिलने से आपकी फसल की पैदावार अच्छी होगी और बाजार का एक्स्ट्रा खर्च भी बचेगा.

मऊ: यदि आप किसान हैं और सब्जियों की खेती करते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है. आमतौर पर जब किसान बाहर नर्सरी से सब्जियों के पौधे खरीदकर लगाते हैं, तो एक पौधा 10 से 15 रुपये का पड़ता है. इससे खेती की लागत काफी बढ़ जाती है. लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. मऊ जिले के उद्यान विभाग द्वारा तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले पौधे आपको मात्र ₹1.40 से लेकर ₹2.70 पैसे तक में मिल सकते हैं. मऊ के चन्द्रभानपुर स्थित राजकीय अलंकृत उद्यान (मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में आधुनिक इजरायली तकनीक से ये स्वस्थ और रोगमुक्त पौधे तैयार किए जा रहे हैं, ताकि जिले में अच्छी खेती को बढ़ावा दिया जा सके.

किस पौधे की क्या है कीमत?
उद्यान विभाग के अरुण कुमार यादव ने बताया कि कद्दूवर्गीय यानी बेल वाली सब्जियों के पौधे 25 से 28 दिन में और अन्य सब्जियों के पौधे 30 से 32 दिन में तैयार हो जाते हैं. टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी और पत्तागोभी जैसी सोलानेसियस और क्रूसीफेरी वर्ग की सब्जियों के पौधों के लिए किसानों को सिर्फ ₹2 प्रति पौधे की दर से बुकिंग करानी होगी, जबकि विभाग के बीज से तैयार होने वाले पौधों की दर ₹1.75 प्रति पौधा तय की गई है. इसी तरह करेला, लौकी, कद्दू, खरबूजा, तरबूज और तोरई जैसी लतावर्गीय सब्जियों के पौधे अगर विभाग के बीज से तैयार होते हैं, तो ₹2.70 प्रति पौधा मिलेंगे, लेकिन यदि किसान अपना खुद का बीज लाकर देता है, तो पौधा मात्र ₹1.40 प्रति पौधे की दर से तैयार करके दिया जाएगा.

गुणवत्ता वाले पौधों से बढ़ेगी आमदनी
किसान आने वाले मौसम में संकर (हाइब्रिड) सब्जियों की खेती के लिए समय से बीज देकर अपनी बुकिंग पक्की करा सकते हैं. इस आधुनिक तकनीक से तैयार पौधों की खासियत यह होती है कि इनमें बीमारियां नहीं लगतीं और बहुत जल्दी फल आने शुरू हो जाते हैं. इसके साथ ही एक हेक्टेयर में ज्यादा पौधे लगाए जा सकते हैं, जिससे कुल पैदावार बढ़ती है और किसानों की कमाई में इजाफा होता है. विभाग किसानों की मांग के हिसाब से पूरे साल अलग-अलग समय पर ये पौधे तैयार करके दे सकता है.

पौधे लेने के लिए आधार कार्ड है जरूरी
अगर आप भी इस सरकारी सुविधा का लाभ उठाकर अपनी खेती की लागत कम करना चाहते हैं, तो मऊ उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. इन पौधों को लेने और अपनी बुकिंग कराने के लिए आपको अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा और वहां पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. बाजार से बेहद सस्ते और रोगमुक्त पौधे मिलने से आपकी फसल की पैदावार अच्छी होगी और बाजार का एक्स्ट्रा खर्च भी बचेगा.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें

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