Last Updated:
खरीफ सीजन में धान की रोपाई के दौरान सही समय, खेत की तैयारी, पानी का संतुलन और स्वस्थ पौधों का चयन बेहतर उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. हरपाल सिंह ने किसानों को धान की रोपाई से जुड़ी अहम सावधानियां और आसान सुझाव बताए हैं, जिन्हें अपनाकर फसल की पैदावार बढ़ाई जा सकती है.
गोंडा: खरीफ सीजन में धान की रोपाई किसानों के लिए सबसे जरूरी कामों में से एक है. अगर रोपाई सही समय और सही तरीके से की जाए तो फसल अच्छी होती है और उत्पादन बढ़ता है. वहीं, थोड़ी-सी लापरवाही भी पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए रोपाई से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है.
लोकल 18 से बातचीत में कृषि विज्ञान केंद्र गोपाल ग्राम के कृषि विशेषज्ञ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई और समतलीकरण करना चाहिए. समतल खेत में पानी बराबर रहता है, जिससे पौधों की बढ़वार अच्छी होती है.
पानी की सही मात्रा होना है जरूरी
डॉ. हरपाल सिंह बताया कि रोपाई के समय खेत में पानी की सही मात्रा होना बहुत जरूरी है. खेत में न तो बहुत ज्यादा पानी होना चाहिए और न ही बिल्कुल सूखा होना चाहिए. जरूरत से ज्यादा पानी या कम पानी दोनों ही धान की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि धान की नर्सरी से पौधे सही समय पर निकालकर रोपाई करना सबसे जरूरी बात है. उनका कहना है कि जितने महीने की धान की किस्म होती है, उतने ही सप्ताह बाद उसकी रोपाई करनी चाहिए. उदाहरण के लिए, यदि धान की किस्म 3 महीने में तैयार होती है, तो नर्सरी लगाने के लगभग 3 सप्ताह बाद उसकी रोपाई कर देनी चाहिए. इससे पौधे जल्दी जमते हैं, उनकी बढ़वार अच्छी होती है और पैदावार भी बढ़ती है.
स्वस्थ और हरे पौधे का करें चैन
डॉ. हरपाल सिंह किसानों को सलाह दी कि रोपाई के लिए हमेशा स्वस्थ और हरे-भरे पौधों का ही चयन करें. कमजोर या पीले पौधे लगाने से फसल पर असर पड़ता है. साथ ही रोपाई के बाद खेत में पानी का सही प्रबंधन और समय-समय पर खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी है.
कृषि विशेषज्ञ डॉ हरपाल सिंह का कहना है कि यदि किसान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें तो धान की फसल मजबूत होगी, रोगों का खतरा कम रहेगा और उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी.
About the Author
विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



