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होमखेलक्रिकेटक्या आज होगा वैभव का डेब्यू? दूसरा टी20 क्यों मौका देने के लिए सही

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क्रिकेट की दुनिया में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से सनसनी फैलाने वाले वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर काफी चर्चा हो रही है. आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में उनके प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. मैच में मिला हार के बाद दूसरे टी20 में उनको मौका दिए जाने की पूरी उम्मीद है.

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क्या आज होगा वैभव का डेब्यू? दूसरा टी20 क्यों मौका देने के लिए सही

नई दिल्ली. आयरलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले T20I से पहले तक भारत के पास वैभव सूर्यवंशी को बाहर बैठाने का फैसला बचाव करने की गुंजाइश थी. तर्क साफ था  वह 15 साल के हैं और यह इंटरनेशनल क्रिकेट है. टॉप ऑर्डर में पहले से ही काफी विकल्प मौजूद हैं, तो उन्हें जल्दीबाजी में खिलाने की जरूरत नहीं. बेलफास्ट में टीम को शर्मनाक हार मिली और पहली बार टी20 में आयरलैंड ने शिकस्त दी. अब इस हार के बाद वैभव को मौका देने की उम्मीद बढ़ गई है.

कोच गौतम गंंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर ने सुरक्षित रास्ता चुनकर मैच गंवाया. तयशुदा बल्लेबाजी क्रम पर भरोसा किया गया, वही पुराने नामों को मौका मिला. इसके बावजूद भारत 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 148 पर ऑलआउट हो गया. इससे चयन पर चल रही बहस पूरी तरह बदल जाती है. अब बात युवा वैभव  को डेब्यू देने की नहीं है, सवाल यह है कि जब बल्लेबाज़ी पहले ही फ्लॉप हो चुकी है, तो क्या भारत अपने सबसे विस्फोटक युवा बल्लेबाज को बेंच पर बैठाए रख सकता है?

पहले मैच में सबसे बड़ी समस्या टॉप ऑर्डर की नहीं थी. अभिषेक शर्मा ने भारत को वही शुरुआत दी, जिसकी आज के मॉडर्न T20 क्रिकेट में मांग होती है. दिक्कत यह रही कि उस दबाव को आगे तक बरकरार नहीं रखा जा सका. विकेट गिरते ही भारत की पारी बहुत जल्दी आक्रामक मोड से मरम्मत मोड में चली गई. आयरलैंड के गेंदबाजों को मैच में वापसी का मौका मिल गया. भारत दोबारा कभी भी रफ्तार हासिल नहीं कर पाया. यहीं पर वैभव की अहमियत बढ़ जाती है. वह सिर्फ एक चर्चित युवा नाम भर नहीं हैं. उनका हालिया T20 प्रदर्शन नजरअंदाज करना मुश्किल है.

वैभव को क्यों खिलाना जरूरी

IPL 2026 में उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि ऐसे टेंपो पर बनाए जो सीधे-सीधे इस फॉर्मेट की नई दिशा से मेल खाता है. उन्होंने दिखा दिया है कि उनका स्वाभाविक खेल “पहले टिकना, बाद में तेजी” वाला नहीं है, बल्कि पहली ही गेंद से विरोधी टीम की योजनाओं को बिगाड़ने वाला है. यह आयरलैंड के खिलाफ सीरीज है. सिर्फ 2 मैचों की द्विपक्षीय सीरीज. एक मैच टीम हार चुकी है और अगर कोई चूक हुई तो 2-0 से हारना शर्मनाक होगा.

आयरलैंड की सीरीज आमतौर पर नए खिलाड़ियों को आजमाने का मौका होता. भले ही पहला मैच भारतीय टीम हार चुकी है लेकिन वैभव को प्लेइंग इलेवन में खतरे की बात नहीं होगी. उन्होंने अब तक जैसा खेल दिखाया है वो इस मंच पर अपने होने की काबिलियत साबित कर चुके हैं. अगर वह आज खेलते हैं और असफल रहते हैं, तो भारत कोई वर्ल्ड कप नॉकआउट नहीं हारता. न कोई एशिया कप फाइनल जाता है, न चैंपियंस ट्रॉफी का सेमीफाइनल. सबसे खराब स्थिति में भारत एक ऐसी द्विपक्षीय सीरीज हारता है, जिसे पहले मैच की हार से ही खतरे में डाल दिया गया है.

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