फिल्ममेकर महेश भट्ट और संगीतकार अनु मलिक स्टेज प्ले ‘वो सुबह हम ही से आएगी’ के लिए एक बार फिर साथ आए हैं. तारीकी हमीद के निर्देशन में बने नाटक का प्रीमियर 5 जुलाई को मुंबई में होगा. यह नाटक खामोशी, प्रेम, डर और अपने सच का सामना करने के नैतिक साहस जैसे विषयों पर बनी है. महेश भट्ट ने अनु मलिक के साथ अपने गहरे जुड़ाव को किस्मत का हिस्सा बताया. अनु मलिक ने महेश भट्ट को अपने लिए पिता समान मानते हुए कहा कि उनका नाम सुनते ही धुनें अपने आप बनने लगती हैं.
अनु मलिक और महेश भट्ट का रिश्ता पुराना है. (फोटो साभार: IANS)
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दो दिग्गज फिल्ममेकर महेश भट्ट और मशहूर संगीतकार अनु मलिक एक बार फिर धमाका करने के लिए साथ आ गए हैं. वे इस बार किसी फिल्म के लिए नहीं, बल्कि एक नए स्टेज प्ले ‘वो सुबह हम ही से आएगी’ के लिए साथ आए हैं. महेश भट्ट की प्रस्तुति वाले इस नाटक का प्रीमियर 5 जुलाई को मुंबई में होने जा रहा है, जिसका निर्देशन तारीकी हमीद ने किया है और कहानी दिनेश गौतम ने लिखी है. नाटक का खूबसूरत और दिल को छू लेने वाला संगीत खुद अनु मलिक ने तैयार किया है. नाटक की कहानी खामोशी, दबी हुई भावनाओं, प्यार और डर जैसे गहरे एहसासों के इर्द-गिर्द घूमती है. यह दिखाता है कि कैसे इंसान को अपने सच का सामना करने के लिए बहुत बड़े नैतिक साहस की जरूरत होती है.
अनु मलिक के साथ दोबारा काम करने पर महेश भट्ट काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि उनके और अनु के बीच सिर्फ काम का रिश्ता नहीं है, बल्कि एक गहरा इमोशनल जुड़ाव है. दोनों ने जिंदगी के कई उतार-चढ़ाव साथ देखे हैं. भट्ट साहब का मानना है कि इस नाटक में जो उम्मीद, संघर्ष और नई शुरुआत की भावना है, उसे अनु का संगीत बहुत ही सहज तरीके से लोगों के दिलों तक पहुंचाता है. उन्होंने बताया कि जैसे ही अनु इस कहानी से जुड़े, उन्हें वही पुरानी वाली जादुई एनर्जी महसूस होने लगी. महेश भट्ट की मानें, तो कुछ रिश्ते पहले से तय नहीं किए जाते, बल्कि वे किस्मत का हिस्सा होते हैं और अनु मलिक के साथ उनका जुड़ाव भी कुछ ऐसा ही है.
अनु मलिक ने महेश भट्ट को बताया पिता समान
अनु मलिक ने भी भट्ट साहब के प्रति अपना सम्मान और प्यार जताने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने दिल से माना कि महेश भट्ट उनके लिए एक पिता की तरह हैं, जिन्होंने न सिर्फ उनके संगीत पर बल्कि एक इंसान के तौर पर भी हमेशा उन पर पूरा भरोसा किया. अनु मलिक ने एक बेहद खूबसूरत बात कही कि भट्ट साहब का नाम सुनते ही उनके दिमाग में अपने आप नई धुनें बनने लगती हैं. यह उनका नहीं बल्कि भट्ट साहब का जादू है. उन्होंने ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ से लेकर अपने अब तक के सफर को याद किया. अनु ने लाइव स्टेज के लिए संगीत बनाने का अपना अनुभव बयां किया. वे बोले कि जब इमरान जाहिद ने उन्हें इसकी स्क्रिप्ट और गाने के बोल सुनाए, तो उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत ही उसकी धुन तैयार कर दी थी.
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