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उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। सीईओ एनजी रवि कुमार की अगुवाई ग्रेटर नोएडा अथाॅरिटी एरिया विकास की उड़ान भर रहा है। अथॉरिटी का ऐसा माहौल बना है कि निवेशकों का रुझान बढ़ा है। देसी विदेशी कंपनियां यहां पर अपनी यूनिट लगाना चाह रही हैं। इसके साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था के लिए सिटी बसें शुरू कर दी है ताकि लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी तरह की दिक्कत न हो। सड़क, बिजली, पानी जैसी जरूरी सुविधाओं पर लगातार काम हो रहा है। शहर में गं गंगाजल की सप्लाई बढ़ाकर भूजल बचाने का काम किया जा रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट चालू होने के बाद ग्रेटर नोएडा में कई बड़ी कंपनियों आने को तैयार हैं। इसके लिए ग्रेटर नोएडा की आधुनिक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योग लगाने और फ्लैट खरीदने का मौका मिलेगा। औद्योगिक के आठ और ग्रुप हाउसिंग के दो भूखंडों की योजना एक साथ शुरू की गई है। इसमें पंजीकरण की प्रक्रिया 25 जून से शुरू होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के चालू होने के बाद निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। कई बड़ी कंपनियां यहां आने को तैयार हैं। औद्योगिक भूखंडों की योजना में पंजीकरण करने की आखिरी तारीख 24 जुलाई और ग्रुप हाउसिंग की योजना में पंजीकरण की आखिरी तारीख 16 जुलाई निर्धारित की गई है। औद्योगिक भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार और ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की संभावना है। नोएडा एयरपोर्ट चालू होने का फायदा मिल रहा है। औद्योगिक भूखंडों का आकार 14,830 वर्गमीटर से लेकर 63,610 वर्गमीटर है।

वहीं ग्रुप हाउसिंग के भूखंड 34,573 और 54,399 वर्गमीटर है। ग्रेटर नोएडा की एसीईओ/आईआईटीजीएनएल की निदेशक प्रेरणा सिंह ने बताया कि शहर में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं बढ़ गई है। इसको देखते हुए टाउनशिप में औद्योगिक श्रेणी के भूखंडों की संख्या 42 से बढ़ाकर 52 की जा सकती है। इस संबंध में शासन द्वारा दिशा निर्देश दिए गए हैं। अब तक 29 से अधिक भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। वहीं ग्रुप हाउसिंग के दो भूखंड हीरो रियलटी और गोदरेज ग्रुप को आवंटित किए जा चुके हैं। टाउनशिप में सबसे ऊंची 40 मंजिला सोसाइटी का निर्माण किया जाएगा। दरअसल दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 750 एकड़ में आधुनिक टाउनशिप विकसित की गई है। इस टाउनशिप में हायर इलेक्ट्रॉनिक्स सहित पांच कंपनियों ने उत्पादन शुरू कर दिया है।

आवंटियों को बिजली, पेयजल पाइप लाइन, सड़क, सीवर जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं पहले से तैयार मिलेंगी। जमीन का आवंटन होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड (आईआईटीजीएनएल) के अधिकारी के मुताबिक टाउनशिप में बाकी बचे औद्योगिक भूखंडों को आवंटित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सीईओ ग्रेनो/ एमडी आईआईटीजीएनएल एनजी रवि कुमार ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट के चलते ग्रेटर नोएडा में निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। बड़ी कंपनियां यहां उद्योग लगाना चाह रही हैं। इसको देखते हुए आधुनिक टाउनशिप में औद्योगिक और ग्रुप हाउसिंग के भूखंडों की योजना शुरू की गई है। निवेश आने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन सेवा को मजबूत करने के लिए 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इसकी शुरूआत बीते 12 जून से की गई थी। बसों के संचालन में किसी तरह की दिक्कत न आए, इसके लिए नए मार्गों का सर्वेक्षण और चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने जैसी बुनियादी सुविधा पर काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि 3-4 महीने में व्यस्था दुरुस्त हो जाएगी। चार्जिंग की दिक्कत हो दूर करने के लिए सिटी पार्क के पास तीन नए चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। अभी एनपीसीएल द्वारा यहां पर एक चार्जिंग स्टेशन लगाया गया है। इसके साथ ही कासना डिपो में पांच चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इस संबंध में एनपीसीएल के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन पर दो प्वाइंट होंगे। कासना डिपो में 10 से अधिक बसें खड़ी की जा सकती हैं।अर्बन सर्विसेज विभाग के अधिकारी के मुताबिक मौजूदा समय में नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के सहयोग से सम्राट मिहिर भोज सिटी, नॉलेज पार्क में इंडिया एक्सपो मार्ट के आसपास दो चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं,जिनका संचालन किया जा रहा है। वहीं 130 मीटर चौड़ी सड़क पर तिलपता के पास भी एनपीसीएल द्वारा जिले का सबसे बड़ा चार्जिंग स्टेशन शुरू किया गया है। यहां पर एक साथ बस, कार, बाइक और ऑटो मिलाकर पांच वाहन चार्ज किए जा सकते हैं।

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