बरसात के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भरने से वे घरों, खेतों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं, जिससे सांप काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, घर के आसपास साफ-सफाई रखना, रात में टॉर्च का इस्तेमाल करना और सांप काटने पर झाड़-फूंक की बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपचार कराना सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है.
क्यों बढ़ जाता है सांपों का खतरा
बरसात के दौरान लगातार बारिश होने से सांपों के बिलों में पानी भर जाता है। पानी भरने के कारण सांप अपने सुरक्षित ठिकाने छोड़कर सूखी जगहों की तलाश करते हैं. इसी दौरान वे घरों, अनाज के गोदामों, लकड़ी के ढेर, घास-फूस, पशुशालाओं और खेतों में दिखाई देने लगते हैं.
इसके अलावा बारिश के मौसम में चूहे, मेंढक और अन्य छोटे जीव-जंतु भी अधिक संख्या में निकलते हैं, जो सांपों का प्रमुख भोजन होते हैं. भोजन की तलाश में भी सांप इंसानी बस्तियों के आसपास पहुंच जाते हैं.
लोकल 18 से बातचीत करते हुए कुंज बिहारी ने बताया कि बरसात के मौसम में सबसे अधिक समस्या सांप निकालने की होती है क्योंकि बिलों में पानी भर जाता है ऐसे नहीं साफ सुरक्षित स्थानों पर बिलों से बाहर निकलते हैं. अगर आप रात्रि में बिस्तर से नीचे तर रहे हैं तो सबसे पहले आप अपने आसपास चारों तरफ टॉर्च से देख लें सांप बैठा तो नहीं है. कई बार सांप फर्श पर या बिस्तर के नीचे बैठा होता है और अंधेरे में उस पर पैर पड़ने से हादसा हो सकता है .उन्होंने यह भी सलाह दी कि घर के आसपास अनावश्यक झाड़ियां, कचरा, लकड़ी या भूसे का ढेर न लगने दें, क्योंकि ये सांपों के छिपने के लिए सुरक्षित स्थान बन जाते हैं.
सांप काट ले तो क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। काटे गए अंग को अधिक हिलाने-डुलाने से बचाएं ताकि जहर तेजी से शरीर में न फैले सांप काटने पर झाड़-फूंक, चीरा लगाने, जहर चूसने या किसी घरेलू उपचार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। समय पर अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) उपचार ही सबसे प्रभावी तरीका है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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