बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार का नाम लेते ही आंखों के सामने राजेश खन्ना का नाम तैरने लगता है. राजेश खन्ना ने 1966 में ‘आखिरी खत’ से डेब्यू किया था. उसकी मूल नाम जतिन खन्ना था. जब राजेश खन्ना फिल्मों में आए तब राजेंद्र कुमार-शम्मी कपूर-देवानंद की तिकड़ी राज कर रही थी. मनोज कुमार-धर्मेंद्र भी छाए हुए थे. राजेश खन्ना के सितारे 1969 में बुलंद हुए. इसी साल उनकी दो ब्लॉकबस्टर फिल्में आईं. दोनों में कालजयी गाने थे. एक गाना मोहम्मद रफी ने गाया था. राजेश खन्ना इस बात से नाखुश थे. फिल्म जब रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. वो फिल्म कौन सी थी, वो कालजयी गाना कौन सा था, आइये जानते हैं……..
राजेश खन्ना को सही मायने में स्टारडम ‘आराधना’ फिल्म से मिला. ‘आराधना’ फिल्म ने उन्हें रातोंरात सुपर स्टार बनाया. ‘आराधना’ फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा योगदान इस फिल्म के गानों का था. सभी गाने किशोर कुमार ने गाए थे. किशोर कुमार राजेश खन्ना की आवाज बनकर उभरे. राजेश खन्ना उनके फैन बन गए थे. जब आराधना बन रही थी, उसी समय राजेश खन्ना की एक और फिल्म बन रही थी. राजेश खन्ना इस फिल्म का एक गाना किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड करवाना चाहते थे मगर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल और प्रोड्यूसर राज खोसला इस सॉन्ग को मोहम्मद रफी से रिकॉर्ड करवाया. इसी गाने ने इतिहास रच दिया. गाने के बोल ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ थे. फिल्म थी ‘दो रास्ते’.
‘दो रास्ते’ फिल्म 5 दिसंबर 1969 को रिलीज हुई थी. कहानी मराठी उपन्यासकार चंद्रकात काकोडकर की उपन्यास ‘नीलाम्बरी’ से ली गई थी. काकोडकर ने ही फिल्म के लिए कहानी लिखी थी. उन्हें बेस्ट स्टोरी का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिला था. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर राज खोसला थे. स्क्रीनप्ले जीआर कामत ने लिखा था. डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे.
फिल्म में राजेश खन्ना, मुमताज के अलावा बिंदु, बलराज साहनी, प्रेम चोपड़ा अहम भूमिकाओं में थे. यह एक्ट्रेस बिंदु की पहली फिल्म थी. बिंदु पहले इस तरह का वैम्प रोल नहीं करना चाहती थीं. बिंदु रिश्ते में संगीतकार लक्ष्मीकांत की साली साहिबा हैं. फिल्म की कहानी बिंदु के किरदार से ही आगे बढ़ती हैं. फिल्म में राजेश खन्ना ने ‘एंग्री मैन’ का किरदार निभाया था.
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फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. रफी साहब ने ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ गाने को अपनी मखमली आवाज से अमर कर दिया. गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी यह गाना सुपरहिट है. इस गाने ने आराधना फिल्म के गानों से ज्यादा तारीफ बटोरी. फिल्म के दो और गाने ‘बिंदिया चमकेगी’ और ‘छुप गए सारे नजारे’ भी सुपरहिट साबित हुए. ‘बिंदिया चमकेगी’ गाना मुमताज को अमर पहचान दे गया. एक्ट्रेस बिंदु ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू इस बात का खुलासा किया कि गीतकार आनंद बख्शी उन्हें ‘बिंदिया’ के नाम से बुलाते थे.
फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट था. रफी साहब ने ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आंखें’ गाने को अपनी मखमली आवाज से अमर कर दिया. गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी यह गाना सुपरहिट है. इस गाने ने आराधना फिल्म के गानों से ज्यादा तारीफ बटोरी. फिल्म के दो और गाने ‘बिंदिया चमकेगी’ और ‘छुप गए सारे नजारे’ भी सुपरहिट साबित हुए. ‘बिंदिया चमकेगी’ गाना मुमताज को अमर पहचान दे गया. एक्ट्रेस बिंदु ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू इस बात का खुलासा किया कि गीतकार आनंद बख्शी उन्हें ‘बिंदिया’ के नाम से बुलाते थे.
इस फिल्म से सबसे ज्यादा फायदा एक्ट्रेस मुमताज को हुआ. वो इस फिल्म से पहले बी-ग्रेड फिल्मों में काम करती थीं. यह पहला मौका था, जब उन्होंने किसी ए-ग्रेड फिल्म में काम किया था. ग्लैमरस अंदाज और खूबसूरत गानों की बदौलत वह छा गईं और नंबर वन हीरोइन बनीं. राजेश खन्ना के साथ 10 से ज्यादा हिट फिल्में दीं.
फिल्म में राजेश खन्ना दाढ़ी-मूंछ में नजर आए थे क्योंकि उन्हीं दिनों वो ‘इत्तिफाक’ फिल्म की भी शूटिंग कर रहे थे. यह एक फैमिली ड्रामा फिल्म थी. 40 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने 3 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
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