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-नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत गली-गली पहुंचा जागरूकता अभियान, युवाओं और छात्रों को दिलाई नशे से दूर रहने की शपथ
-वालंटियर्स ने बांटे जागरूकता पत्रक, राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की दी जानकारी, समाज से नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान
-विकसित भारत का सपना तभी होगा साकार, जब युवा नशे से रहेंगे पूरी तरह दूर: अमिताभ सुकुल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। समाज को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई से मुक्त कराने और युवाओं को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से भागीरथ सेवा संस्थान ने  ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के अंतर्गत जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुवार को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान के दौरान संस्थान के स्वयंसेवकों ने गांव-गांव, गली-गली और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया। अभियान के दौरान संस्थान के वालंटियर्स ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और स्थानीय बस्तियों में लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और देश के भविष्य को भी प्रभावित करता है। स्वयंसेवकों ने युवाओं और छात्रों को समझाया कि नशे की लत व्यक्ति की सोच, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर देती है।

इसलिए युवाओं को न केवल स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए, बल्कि अपने मित्रों और परिवार के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई। स्वयंसेवकों ने लोगों को यह संदेश दिया कि यदि समाज का प्रत्येक नागरिक नशे के खिलाफ अपनी जिम्मेदारी निभाए तो आने वाली पीढिय़ों को इस गंभीर सामाजिक बुराई से बचाया जा सकता है। जागरूकता अभियान के अंतर्गत आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से संबंधित जानकारी वाले जागरूकता पत्रक भी वितरित किए गए। साथ ही भारत सरकार की राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 की जानकारी देते हुए बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो वह इस हेल्पलाइन के माध्यम से विशेषज्ञों की सलाह, परामर्श और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकता है। संस्थान के स्वयंसेवकों ने लोगों से अपील की कि नशे की समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते उपचार और परामर्श की मदद लें।

भागीरथ सेवा संस्थान के निदेशक अमिताभ सुकुल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है और यदि यही युवा नशे की गिरफ्त में चले जाएंगे तो देश के विकास की गति प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करना होगा। केवल सरकारी प्रयासों से ही नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही इस चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए  ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि  ‘नशा मुक्त भारत, विकसित भारत’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है, जिसे जनभागीदारी के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है। अमिताभ सुकुल ने बताया कि भागीरथ सेवा संस्थान भविष्य में भी इसी प्रकार के जनजागरूकता अभियान, संवाद कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज और युवाओं के सहयोग से नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा। पूरे अभियान के दौरान लोगों ने संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक प्रेरणादायी और अत्यंत आवश्यक प्रयास बताया।

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