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लोकल 18 से बातचीत के दौरान उद्यान विभाग के अधिकारी और योजना प्रभारी डॉक्टर आदर्श कुमार सचान ने बताया कि किसानों की आय को किस तरह से दोगुना किया जाए और किसान अपनी परंपरागत खेती को छोड़कर हाईटेक खेती को अपना कर किस तरह से प्रतिदिन आय दोगुनी करें. उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल परंपरागत होती है. 4 महीने का समय उस फसल को पककर तैयार होने में लगता है. लेकिन हाईटेक नर्सरी में हाइब्रिड पौधे तैयार किए जाते हैं. इसमें विभिन्न प्रकार के फल, सब्जी तैयार होती हैं.

मथुरा: उद्यान विभाग के द्वारा किसानों को आय दोगुनी करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उद्यान विभाग की अगरयाला स्थित हाई टेक नर्सरी में फल, फूल, सब्ज़ी के पौधे तैयार हो रहे हैं. किसान की आय दोगुनी के लिए पौधे उपलब्ध कराये जा रहे हैं. उद्यान विभाग की इस नर्सरी में किसानों को हाईटेक पौधे उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाता है. उद्यान विभाग जिस तरह से हाईटेक नर्सरी के माध्यम से किसानों को सीख दें रहा है. साथ में फसलों को भी 45 से 50 दिन में हो जाती है. परंपरागत खेती को छोड़कर किसान हाइब्रिड बीज लगाकर पौधे तैयार कर रहे हैं. किसानों को इस खेती से प्रतिदिन आय के स्रोत मिल जाते हैं. 4 महीने में किसान अपनी फसल को काटने का भी झंझट नहीं रहता है.

किसानो को दिया जा रहा प्रशिक्षण

केंद्र सरकार के 12 साल और उत्तर प्रदेश सरकार नौ साल होने पर मथुरा शासन के द्वारा स्टॉल लगाई गईं. इस प्रदर्शनी में क्राफ्ट, पोशाक, सोलर लाइट से जुड़े हुए योजना में साथ उद्यान विभाग की स्टॉल लगाई गई. इस स्टॉल पर विभिन्न प्रकार की फल, सब्जियों को डिस्प्ले किया गया. किसान भाई को किस तरह से प्रशिक्षण दिया जाये. इसके बारे में उद्यान विभाग के अधिकारी जानकारी देते हुए नजर आए. उद्यान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसान भाई अपनी आय कैसे दोगुना किया जाए. किसान चार महीने में नहीं बल्कि प्रतिदिन अपनी कमाई कैसे करें वह भी उद्यान विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान उद्यान विभाग के अधिकारी और योजना प्रभारी डॉक्टर आदर्श कुमार सचान ने बताया कि किसानों की आय को किस तरह से दोगुना किया जाए और किसान अपनी परंपरागत खेती को छोड़कर हाईटेक खेती को अपना कर किस तरह से प्रतिदिन आय दोगुनी करें. उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल परंपरागत होती है. 4 महीने का समय उस फसल को पककर तैयार होने में लगता है. लेकिन हाईटेक नर्सरी में हाइब्रिड पौधे तैयार किए जाते हैं. इसमें विभिन्न प्रकार के फल, सब्जी तैयार होती हैं.

45 दिन में तैयार होगी फसल

जो किसान की आय को दोगुना करने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं. जो फसल गेहूं की चार महीने में तैयार होकर किस की जेब में पैसा आता है. वहीं इस फसल को 40 से 45 दिन में तैयार होने के बाद किसान अपनी फसल को बाजार में बेचकर प्रतिदिन पैसा कमा सकता है. जिससे किसान की आय भी दोगुनी होती है. योजना प्रभारी ने बताया कि जामुन, आँवला, आम, लौकी, टमाटर, प्याज, लहसुन सब्जियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के फूल की भी पौध हाईटेक नर्सरी में तैयार की जाती है. किसानों को पौध तैयार करने के बाद दी जाती है. कोई किसान अगर प्रशिक्षण लेना चाहता है, तो उसे हाईटेक नर्सरी में किस तरह से पौधे उगाई जाएं यह भी प्रशिक्षण दिया जाता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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