अगर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ ने आपका दिल जीत लिया है और आप ऐसी ही कहानियों की तलाश में हैं, तो यह लिस्ट आपके लिए ही है. ये 7 लव स्टोरी फिल्में आपकी आत्मा को गहराई से छू लेंगी. इस खास वॉचलिस्ट में हमने उन चुनिंदा फिल्मों को शामिल किया है जो आपको स्क्रीन से बांधे रखेंगी. लिस्ट की तीसरी फिल्म बहुत खास है, जो हर पीढ़ी के लोगों की ऑल टाइम फेवरेट है.
नई दिल्ली. इम्तियाज अली के निर्देशन में हालिया रिलीज फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ दर्शकों के दिलों को जीत रही है. इसमें दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी और नसीरुद्दीन शाह जैसे सितारों ने अपनी दमदार एक्टिंग से समां बांध दिया है. 1947 के भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्दनाक दौर पर आधारित यह एक बेहद भावुक पीरियड ड्रामा है, जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है. अगर इस फिल्म की दिल छू लेने वाली कहानी ने आपको भी अपना दीवाना बना दिया है, तो आपको इसी जॉनर की ये7 फिल्में भी बिल्कुल मिस नहीं करनी चाहिए.
लव आज कल: इम्तियाज अली के डायरेक्शन में बनी यह क्लासिक फिल्म आज के दौर और 1960 के दशक की प्रेम कहानी को साथ लेकर चलती है. फिल्म में दो अलग-अलग दौर के प्यार को एक ही तराजू में तौला गया है. सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की यह फिल्म बेहद दिलचस्प तरीके से दिखाती है कि भले ही वक्त बदल गया हो और जीने के तौर-तरीके बदल गए हों, लेकिन दिल की भाषा आज भी वैसी ही है. (फोटो साभार: IMDb)
वीर-जारा: सरहदों की दीवारों के पार हिंदुस्तानी पायलट और पाकिस्तानी लड़की की यह कहानी सच्चे त्याग की मिसाल है. यश चोपड़ा की यह कल्ट क्लासिक फिल्म सरहद पार की कड़वाहट और कभी न खत्म होने वाले प्यार को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारती है. शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की यह फिल्म इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अगर मोहब्बत सच्ची हो, तो वक्त की मार और दूरियां भी उसे कभी धुंधला नहीं कर सकतीं. (फोटो साभार: IMDb)
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दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे: राज और सिमरन की कहानी हर किसी के दिल में बसी है. यूरोप की वादियों से शुरू हुआ इन दो लोगों का सफर पंजाब के सरसों के खेतों तक पहुंचता है. शाहरुख खान और काजोल की इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा को प्यार का एक नया अंदाज सिखाया, जहां लड़का लड़की को भगाकर नहीं, बल्कि उसके रूढ़िवादी परिवार का दिल जीतकर ले जाता है. शाहरुख-काजोल की जादुई केमिस्ट्री वाली यह फिल्म आज भी हर जनरेशन की फेवरेट है. (फोटो साभार: IMDb)
लुटेरा: 1950 के दशक के बैकड्रॉप पर बनी यह फिल्म एक जमींदार की बेटी और एक रहस्यमयी पुरातत्वविद् के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका एक गहरा राज दोनों को अलग कर देता है. कविता जैसी खूबसूरत और बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी वाली यह फिल्म प्यार, दिल टूटने के दर्द और आखिर में मिलने वाले सुकून को बयां करती है. यह एक ऐसी उदास मगर बेहद खूबसूरत अधूरी प्रेम कहानी है जो सीधे दिल को छूती है. इसमें रणवीर सिंह और सोनाक्षी सिन्हा लीड किरदारों में नजर आए थे. (फोटो साभार: IMDb)
96: यह फिल्म स्कूल के दिनों के उस पहले प्यार की कहानी है, जो कभी मुकम्मल नहीं हो पाता. सालों बाद एक स्कूल रियूनियन में जब जानू और राम दोबारा मिलते हैं, तो पुरानी यादें और अधूरी ख्वाहिशें एक बार फिर ताजा हो जाती हैं. बिना किसी ड्रामे या लाउड सीन्स के सिर्फ आंखों की बातचीत और विजय सेतुपति-तृषा कृष्णन की कमाल की एक्टिंग से सजी यह फिल्म एक बेहद खूबसूरत, मैच्योर और दिल को छू लेने वाला सफर है. (फोटो साभार: IMDb)
केदारनाथ: उत्तराखंड की त्रासदी पर बनी इस लव स्टोरी मूवी में सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान नजर आए थे. फिल्म की कहानी में एक मुस्लिम पिट्ठू और एक हिंदू टूरिस्ट लड़की को एक-दूसरे से गहरा प्यार हो जाता है. उनके इस रिश्ते को न सिर्फ समाज और परिवार के कड़े विरोध का सामना करना पड़ता है, बल्कि प्रकृति की भयानक त्रासदी भी उनकी परीक्षा लेती है. यह फिल्म दिखाती है कि तबाही के बीच भी अटूट विश्वास और मोहब्बत कैसे जिंदा रहती है. (फोटो साभार: IMDb)
सनम तेरी कसम: एक सीधी-सादी लड़की को जब उसका सख्त परिवार घर से बेदखल कर देता है, तो उसकी जिंदगी में एक गुस्सैल लड़का मसीहा बनकर आता है. धीरे-धीरे दोनों के बीच एक गहरा और अटूट रिश्ता बन जाता है. बेहतरीन गानों और हर्षवर्धन राणे- मावरा हुकैन की शानदार एक्टिंग से सजी यह फिल्म एक ऐसी इमोशनल रोलरकोस्टर राइड है, जो दर्शकों की आंखें नम कर देती है और ट्रैजिक रोमांस की एक गहरी छाप छोड़ती है. (फोटो साभार: IMDb)
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