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Air Idia rash Report: एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे की अंतरिम जांच रिपोर्ट पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने गंभीर सवाल उठाए हैं. संगठन का आरोप है कि AAIB की रिपोर्ट में कॉकपिट चेतावनी संदेशों और संभावित इलेक्ट्रिकल फेल्योर से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल नहीं की गईं. FIP का कहना है कि उसके द्वारा कराए गए बोइंग 787 सिम्युलेटर टेस्ट्स में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो रिपोर्ट की टाइमलाइन से मेल नहीं खाते. संगठन ने सरकार से मांग की है कि अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले AAIB स्वतंत्र सिम्युलेटर परीक्षण कराए. पायलट संगठन ने फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की क्षति, RAT सिस्टम की टाइमिंग और जांच प्रक्रिया को लेकर कुल पांच बड़े सवाल उठाए हैं.
एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे की अंतरिम रिपोर्ट पर FIP ने सवाल उठाए. (फाइल फोटो PTI)
Air Idia rash Report News: एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसे की शुरुआिक जांच रिपोर्ट को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की अंतरिम रिपोर्ट पर देश के पायलटों के सबसे बड़े संगठनों में से एक फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने गंभीर सवाल उठाए हैं. आमतौर पर किसी विमान हादसे की शुरुआती रिपोर्ट को जांच की दिशा तय करने वाला दस्तावेज माना जाता है, लेकिन जब उसी रिपोर्ट पर पेशेवर पायलटों का संगठन सवाल खड़ा कर दे तो मामला और भी संवेदनशील हो जाता है. FIP का कहना है कि रिपोर्ट में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण तथ्यों को शामिल नहीं किया गया जो हादसे की असली वजह तक पहुंचने में मदद कर सकते थे. संगठन का दावा है कि यदि इलेक्ट्रिकल फेल्योर से जुड़ी चेतावनियों का पूरा विवरण सामने आता तो हादसे की तस्वीर अलग नजर आ सकती थी.
पायलट संगठन का यह भी कहना है कि जिन दो पायलटों की इस हादसे में मौत हुई, वे अब अपनी सफाई देने के लिए मौजूद नहीं हैं. ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू की गहराई से जांच जरूरी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार FIP ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले AAIB खुद बोइंग 787 सिम्युलेटर पर परीक्षण कराए. संगठन का दावा है कि उसके द्वारा कराए गए स्वतंत्र परीक्षणों में कुछ ऐसे नतीजे सामने आए हैं जो अंतरिम रिपोर्ट के निष्कर्षों से मेल नहीं खाते.
अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट AI-17112 जून 2025 को दुर्घटनाग्रस्त हुई थी.
क्या अंतरिम रिपोर्ट में छूट गई अहम जानकारी?
- FIP के अध्यक्ष कैप्टन सी. रंधावा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि यदि विमान में इलेक्ट्रिकल फेल्योर हुआ था तो कॉकपिट में कई वार्निंग मैसेज और ऑडियो अलर्ट आए होंगे. उनके अनुसार ये सभी रिकॉर्ड कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में मौजूद होने चाहिए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिम रिपोर्ट में इन चेतावनियों के पूरे क्रम का उल्लेख नहीं किया गया. इसी वजह से संगठन को रिपोर्ट की निष्पक्षता और निष्कर्षों पर संदेह है.
- रंधावा ने यह भी सवाल उठाया कि विमान के पिछले हिस्से में लगा फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कैसे हो गया, जबकि विमान का टेल सेक्शन अपेक्षाकृत सुरक्षित हालत में मिला था. उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्डर पूरी तरह बिजली पर निर्भर करता है और इसकी स्थिति विमान की इलेक्ट्रिक सिस्टम में किसी गड़बड़ी की ओर इशारा कर सकती है.
- FIP का कहना है कि उसने AAIB से कई बार सिम्युलेटर परीक्षण कराने का अनुरोध किया था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. इसके बाद संगठन ने खुद बोइंग 787 सिम्युलेटर पर 10 अलग-अलग परीक्षण कराए. इन परीक्षणों में सामने आया कि इंजन बंद होने के बाद आपातकालीन बिजली प्रणाली यानी Ram Air Turbine (RAT) को सक्रिय होकर हाइड्रोलिक दबाव बहाल करने में लगभग 18 सेकंड लगते हैं.
RAT के समय को लेकर बड़ा विवाद
पायलट संगठन के मुताबिक AAIB की अंतरिम रिपोर्ट में कहा गया है कि ईंधन आपूर्ति बंद होने के चार सेकंड बाद RAT सक्रिय हो गया था. लेकिन सिम्युलेटर टेस्ट्स में यह समय लगभग 18 सेकंड निकला. FIP का कहना है कि यह अंतर मामूली नहीं है और इससे हादसे की पूरी टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है. संगठन का मानना है कि अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले इस अंतर की वैज्ञानिक जांच होनी चाहिए.
‘मिरेकल ऑन द हडसन’ का दिया उदाहरण
कैप्टन रंधावा ने 2009 के मशहूर ‘मिरेकल ऑन द हडसन’ विमान हादसे का उदाहरण भी दिया. उस समय अमेरिकी जांच एजेंसी ने शुरुआती तौर पर पायलट कैप्टन चेसली ‘सली’ सलेनबर्गर के फैसले पर सवाल उठाए थे. बाद में 30 से ज्यादा सिम्युलेटर परीक्षण किए गए और तब पता चला कि विमान को रनवे तक सुरक्षित वापस लाना संभव नहीं था. इसके बाद पायलट को पूरी तरह क्लीन चिट मिली थी.
FIP ने पूछे ये 5 बड़े सवाल
- यदि इलेक्ट्रिकल फेल्योर हुआ था तो कॉकपिट चेतावनी संदेशों का पूरा विवरण रिपोर्ट में क्यों नहीं है?
- कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज संभावित ऑडियो अलर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए?
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कैसे हुआ जबकि टेल सेक्शन सुरक्षित मिला?
- RAT के सक्रिय होने के समय को लेकर अंतरिम रिपोर्ट और सिम्युलेटर परीक्षणों में इतना बड़ा अंतर क्यों है?
- अंतिम रिपोर्ट से पहले AAIB स्वतंत्र सिम्युलेटर परीक्षण क्यों नहीं करा रहा?
अंतिम रिपोर्ट से पहले क्या होगा?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने सरकार से मांग की है कि अंतिम रिपोर्ट जारी करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की दोबारा जांच हो. संगठन का कहना है कि सिम्युलेटर परीक्षण, रिकॉर्डर डेटा और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की गहन समीक्षा के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए. फिलहाल AAIB की ओर से FIP के आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें
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