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बलिया: एक ऐसे सब्जी, फल, जिसका हर हिस्सा ही गुणों का भंडार है. जी हां कटहल का वृक्ष, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी और गुणकारी होता है. इसे प्रकृति का अनमोल उपहार माना जाता है. गर्मियों और बरसात के मौसम में बाजारों में नजर आने वाला कटहल न केवल भरपूर स्वाद देता है, बल्कि सेहत का भी बेशकीमती खजाना माना जाता है.

आयुर्वेद से लेकर आधुनिक पोषण विज्ञान तक, इसके फल, बीज, पत्ते और छाल के गुणों की चर्चा होती आ रही है. इसी के चलते, कटहल को प्राकृतिक औषधियों की श्रेणी में रखा गया है. आइए जानते हैं कटहल के हर हिस्से के चौंकाने वाले फायदे.

विटामिन सी से भरपूर होता है कटहल

बलिया की फेमस सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, कटहल का गूदा शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाला एक प्राकृतिक स्रोत है. बताया कि, इसमें कार्बोहाइड्रेट और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो थकान दूर करने में बेहद मददगार होते हैं. इसमें विटामिन-सी की अच्छी मात्रा पाई जाती हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है. इसी के कारण, यह मौसमी संक्रमण बीमारियों का खतरा भी कम करती हैं. यह फाइबर से भरपूर होता हैं, जो पाचन तंत्र को सक्रिय कर कब्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसमें पोटेशियम भी पाया जाता है, हृदय स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है.

एंटीबैक्टीरीयल से भरपूर है कटहल

अब बात करते हैं कटहल की पत्तियों का, यह पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में लंबे समय से उपयोगी रही हैं. यह एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुण से भरपूर होती हैं, जो घाव, फोड़े-फुंसी और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम कर सकती हैं. बताया जाता हैं कि, इसके पत्तों का अर्क ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को सही रखने में भी लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं. बात अगर कटहल के बीज की करें, तो यह भी किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं. इसमें मौजूद प्रोटीन और डाइटरी फाइबर मांसपेशियों को मजबूती देने और वजन कंट्रोल में मददगार हो सकता है. यही नहीं, इसके बीजों में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री-रेडिकल्स से बचा सकते हैं. कुछ हदतर कैंसर के जोखिम को कम करने में भी इसको सहायक माना गया है. यह त्वचा की चमक और बालों की सेहत के लिए भी बहुत बढ़िया है.

इन बीमारियों में होता है इलाज

रुकिए साहब! अभी इसका छाल तो बाकी ही है, जी हां इसका उपयोग जोड़ों के दर्द, सूजन, खांसी, सर्दी और अस्थमा जैसी समस्याओं भी किया जा सकता है. इसका दूध भी आयुर्वेद में बाहरी उपयोगी बताया गया है. लेकिन मधुमेह के मरीज कटहल या उसके औषधीय अर्क का अधिक सेवन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करें. हमेशा ध्यान रखें कि, किन्हीं परिस्थितियों में बहुत फायदेमंद चीज भी हानिकारक हो सकती है. इसलिए बगैर चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. क्योंकि रोग और उम्र के हिसाब से इसका सही सेवन विधि एक डॉक्टर ही बता सकता हैं.

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