गौरीगंज अमेठी के मटियारी मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी ने शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत करते हुए जेप्टिक एआई ऐप के माध्यम से अमेठी के विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने का शुभारंभ किया. जेप्टिक एआई ऐप के सीईओ इंद्रजीत सिंह ने अमेठी के चन्द्र प्रकाश मिश्र मटियारी ने संयुक्त रूप से इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया है.
लंदन से अमेठी का हुआ समझौता
जिले के छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. गौरीगंज अमेठी के मटियारी मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्र मटियारी ने शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत करते हुए जेप्टिक एआई ऐप के माध्यम से अमेठी के विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने का शुभारंभ किया. जेप्टिक एआई ऐप के सीईओ इंद्रजीत सिंह ने अमेठी के चन्द्र प्रकाश मिश्र मटियारी ने संयुक्त रूप से इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया है. जिससे बच्चों का भविष्य बेहतर हो सके और उन्हें निशुल्क शिक्षा का अधिकार मिल सके इसलिए दो देशों के बीच एक औपचारिक अनुबंध (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए.
पासवर्ड मटियारी डालते ही मिलेगी निशुल्क शिक्षा
यूनाइटेड किंगडम से अमेठी पहुंचे जेप्टिक एआई ऐप के सीईओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि अमेठी जिले के छात्र-छात्राओं को ऐप डाउनलोड करने के बाद पासवर्ड की जगह ‘मटियारी’ दर्ज करना होगा. ऐसा करते ही उन्हें निशुल्क शिक्षा सुविधा का लाभ मिल सकेगा. उन्होंने बताया कि यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है.
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित शिक्षा को गांव-गांव तक पहुंचाना है. यह ऐप विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य अध्ययन तथा विभिन्न विषयों की तैयारी में सहायता प्रदान करेगा. उन्होंने बताया कि यह सुविधा पूरे अमेठी जिले में प्रभावी रूप से शुरू की जाएगी. यह ऐप इसलिए अन्य ऐप से अलग होगा क्योंकि इसमें बच्चे ऑनलाइन नेटवर्किंग के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर सीधे शिक्षक के माध्यम से फेस टू फेस जुड़ सकेंगे और अपनी बात को यहां आसानी से रखकर अपनी किसी भी समस्या का निदान कर सकेंगे.
उन्होंने कहा किया ऐसा ऐप है कि इसमें परीक्षा की 15 दिन पहले से ही बच्चों की किसी प्रकार की कठिन से कठिन तैयारी आसानी से हो सकेगी उन्होंने कहा कि इस अनुबंध का उद्देश्य यही है कि न सिर्फ बच्चों को बाल शिक्षा का अधिकार मिल सके बल्कि इस ऐप के जरिए हम हर घर तक सीधे जोड़ सकें और बच्चा अपना भविष्य बनाकर निपुण हो सके.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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