कई बार बहुत अच्छी कंटेंट की फिल्में नेशनल अवॉर्ड तो जीत लेती हैं लेकिन ऐसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा परफॉर्मेंस नहीं कर पाती हैं. फिल्म बहुत अच्छी हो, बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन करे और नेशनल अवार्ड अपनी झोली में डाल ले ऐसा बहुत ही काम देखने को मिलता है. बॉलीवुड में ऐसी तीन फिल्में बनीं जिन्होंने 20 से ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीते. एक फिल्म सुपरहिट और दूसरी ब्लॉकबस्टर रही. तीसरी फिल्म लोगों के दिल में बस गई. एक फिल्म में रियल लाइफ गैंगस्टर की कहानी भी देखने को मिली थी.
बॉलीवुड में हर साल 1500 से ज्यादा फिल्में बनती है. इनमें से चंद फिल्में ही सुपरहिट-ब्लॉकबस्टर की कैटेगरी में आ पाती हैं. कई फिल्में बहुत अच्छी होती है लेकिन बॉक्स ऑफिस पर परफॉर्म नहीं कर पाते. कई बार फ्लॉप फिल्मों भी अच्छे कंटेट के चलते नेशनल अवॉर्ड पा जाती हैं. बॉलीवुड में 16 साल के अंतराल में तीन ऐसी फिल्में बनी जिन्होंने 20 से ज्यादा नेशनल अवॉर्ड जीते. दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर शानदार रही. तीसरी फिल्म दर्शकों के दिल में बस गई. ये फिल्में थीं : गॉडमदर, लगान और बाजीराव मस्तानी. आइये जानते हैं तीनों फिल्में से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…….
सबसे पहले बात करते हैं 3 सितंबर 1999 को रिलीज हुई फिल्म ‘गॉडमदर’ की जो कि लेडी डॉन की लाइफ पर बेस्ड थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो फ्लॉप रही थी लेकिन टीवी-यूट्यूब पर इस मूवी को खूब देखा गया. फिल्म गुजरात के पोरबंदर इलाके से ताल्लुक रखने वाली संतोख बेन की लाइफ पर बेस्ड थी. ‘गॉडमदर’ में लीड रोल शबाना आजमी ने निभाया था. डायरेक्टर विनय शुक्ला थे. शबाना आजमी के अलावा मिलिंद गुनाजी, निर्मल पांडेय और गोविंद नामदेव, रीमा सेन और शरमन जोशी सहायक भूमिकाओं में थे. म्यूजिक विशाल भारद्वाज का जबकि गीतकार जावेद अख्तर थे. कहानी विनय शुक्ला ने ही लिखी थी. संतोक बेन ने जुर्म की दुनिया में नाम कमाया. लोग उन्हें ‘लेडीकिलर’ के नाम से बुलाते थे. संतोक बेन ने राजनीति में भी हाथ आजमाया. पोरबंदर सीट से पहली महिला विधायक भी बनी. 2.25 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने 3.10 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी लेकिन टीवी-यूट्यूब पर खूब पसंद की गई. फिल्म ने 6 नेशनल अवॉर्ड जीते थे.
संतोक बेन ने जुर्म की दुनिया में कदम 1980 के आसपास रखा था. दरअसल, संतोक बेन के पति शरमन मुंजा जडेजा महारजा मिल में मजदूरी का काम करता था. शरमन मुंजा ने लोकल गैंगस्टर देबू बाघेरा मर्डर किया. फिर जुर्म की दुनिया का बादशाह बन गया. 1986 में पोरबंदर के एक लोकल गैंगस्टर कालिया केशव ने पुरानी रंजिश के चलते शरमन गुंजा की हत्या करवा दी. संतोक बेन ने मेहर समुदाय साथ अपना गैंग बनाया. लेडी डॉन संतोक बेन ने पति की मौत का बदला लेने के साथ-साथ कालिया केशव गैंग को नेस्तनाबूत कर दिया. लोग उसे गॉडमदर के नाम से पुकारने लगे. 1990 में जनता दल के टिकट से विधायक बन गई. 1996 में संतोक बेन को पहली बार गिरफ्तार किया गया. 2005 में एक बीजेपी पार्षद की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया. 2006 में ही उसके बेटे करण भाई जडेजा ने अपनी भाभी रेखा का मर्डर कर दिया. जनवरी 2007 में उसके भतीजे की भी हत्या कर दी गई. संतोक बेन के बेटे कांधल जाडेजा कुटियाना सीट से लगातार दो बार से विधायक हैं.
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इस लिस्ट में दूसरा नाम ‘लगान’ फिल्म का है जो कि 15 जून 2001 को रिलीज हुई थी. आमिर खान-ग्रेसी सिंह लीड रोल में थे. ब्रिटिश एक्टर्स पॉल ब्लैकथॉर्न और रेचल शेली ने भी अहम भूमिकाओं में थे. आशुतोष गोवारिकर डायरेक्टर थे. फिल्म की कहानी 1893 के आसपास की थी. प्रोड्यूसर आमिर खान ही थे. म्यूजिक एआर रहमान का था. स्क्रीनप्ले-डायलॉग आशुतोष गोवारिकर-कुमार दवे ने मिलकर तैयार किए थे. लगान की गिनती इंडियन सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है. ऑस्कर के लिए बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी. स्लिप डिस्क की समस्या की वजह से आशुतोष गोवारिकर ने बेड पर लेटकर ‘लगान’ का डायरेक्शन किया था. फिल्म की शूटिंग गुजरात के भुज जिले के एक गांव में हुई थी. शुरुआत में आमिर खान ने इस फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था. दोबारा स्क्रीनप्ले तैयार करके तीन माह बाज आशुतोष गोवारिकर ने फिर से आमिर खान को कहानी सुनाई तो वो बहुत खुश हुए.
लगान फिल्म की शुरुआती और अंतिम नैरेशन अमिताभ बच्चन की आवाज में था. स्क्रिप्ट तैयार करने के बाद आशुतोष गोवारिकर और आमिर खान गीतकार जावेद अख्तर से मशविरा लेने उनके घर पर गए थे. जावेद अख्तर ने दोनों को यह फिल्म ना बनाने की सलाह दी थी. जावेद साहब का कहना था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. ना तो हीरो है, ना हीरोइन. ऐसे में स्टोरी नहीं चलेगी. आमिर खान नहीं माने. फिल्म जब रिलीज हुई तो इतिहास रच दिया. 24 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 66 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का क्लैश सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ से हुआ था. फिल्म ने 8 नेशनल अवॉड जीते थे.
इस लिस्ट में तीसरा नाम ‘बाजीराव मस्तानी’ फिल्म का है जो कि 18 दिसंबर 2015 को रिलीज हुई थी. यह रोमांटिक पीरियड ड्रामा फिल्म थी. रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा लीड रोल में थे. डायरेक्टर-पोड्यूसर संजय लीला भंसाली थे. नैरेशन एक्टर इरफान खान ने किया था. फिल्म मराठी नॉवेल राउ पर बेस्ड थी जिसे कथाकार नागनाथ इनामदार ने लिखा था. म्यूजिक संजय लीला भंसाली ने ही कंपोज किया था. फिल्म में कुल 10 गाने रखे गए थे. म्यूजिक बहुत ही मेलोडियस था. 2003 में भंसाली ने इस फिल्म को बनाने की घोषणा की थी लेकिन पूरे 12 साल बाद 2015 में बना पाए. प्रियंका चोपड़ा ने फिल्म में रणवीर सिंह की पत्नी काशी बाई का रोल निभाया था. इससे पहले वो रणवीर की गर्लफ्रेंड और बहन का रोल निभा चुकी थीं. प्रियंका ने काशी बाई का रोल बहुत ही शिद्दत से किया. मराठी में डायलॉग बोले और बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड भी जीता.
बाजीराव मस्तानी फिल्म का बजट करीब 145 करोड़ रुपये था. यह बॉलीवुड की महंगी फिल्मों में से एक है. मूवी ने 356 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी. यह 2015 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई थी. 2015 में सलमान खान की बजरंगी भाईजान कमाई के मामले में पहले नंबर पर थी. बाजीराव मस्तानी फिल्म ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 91 अवॉर्ड जीते थे. 63वें राष्टीय फिल्म पुरस्कार समारोह में बाजीराव मस्तानी को 7 नेशनल अवॉर्ड मिले थे.
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