दिल्ली-एनसीआर के सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में शामिल आनंद विहार में यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए 417 मीटर लंबे आधुनिक स्काईवॉक के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो, नमो भारत स्टेशन, आनंद विहार आईएसबीटी और कौशांबी बस टर्मिनल के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इसके पूरा होने के बाद यात्रियों को विभिन्न परिवहन साधनों के बीच आवागमन के लिए सड़क पर उतरकर लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
वर्तमान में आनंद विहार पहुंचने वाले लाखों यात्रियों को ट्रेन, मेट्रो और बस बदलने के दौरान भीड़भाड़, ट्रैफिक और अव्यवस्थित मार्गों का सामना करना पड़ता है। भारी सामान लेकर चलने वाले यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह सफर विशेष रूप से कठिन साबित होता है। नई परियोजना से इन समस्याओं को काफी हद तक कम करने की उम्मीद है।
स्काईवॉक की सबसे बड़ी विशेषता इसमें स्थापित की जाने वाली चलती हुई पैदल पट्टियां (मूविंग वॉकवे) होंगी। इनके माध्यम से यात्री कम समय और कम मेहनत में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा पूरे कॉरिडोर में लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रा और अधिक सुविधाजनक बनेगी।
परियोजना के तहत यात्रियों को पेड-टू-पेड कनेक्टिविटी का लाभ भी मिलेगा। इसके जरिए नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बार-बार स्टेशन से बाहर निकलने, दोबारा टिकट लेने या पुनः सुरक्षा जांच से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ स्टेशनों पर भीड़ का दबाव भी कम होगा।
हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा
स्काईवॉक के निर्माण के बाद आनंद विहार देश के सबसे बड़े एकीकृत परिवहन केंद्रों में शामिल हो जाएगा। यहां रेलवे स्टेशन, नमो भारत, दिल्ली मेट्रो की ब्लू और पिंक लाइन तथा दो प्रमुख बस अड्डे आपस में सीधे जुड़ जाएंगे। इसका लाभ दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को मिलेगा।
15 महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी और बेहतर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। साथ ही ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग की भी योजना बनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना को 15 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सुविधाएं एक नजर में
- रेलवे स्टेशन, मेट्रो, नमो भारत और दो बस अड्डे आपस में जुड़े होंगे
- चलती हुई पैदल पट्टियों (मूविंग वॉकवे) की सुविधा
- लिफ्ट और एस्केलेटर उपलब्ध होंगे
- बार-बार टिकट और सुरक्षा जांच की आवश्यकता होगी कम
- सीसीटीवी निगरानी और बेहतर रोशनी की व्यवस्था
- सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं को भी मिलेगा बढ़ावा
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



